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बंगाल में 15 साल बाद छात्र संघ चुनाव का ऐलान! शुभेंदु बोले- हर कॉलेज में लहराएगा भगवा
Bengal Student Union Elections: पश्चिम बंगाल में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव जल्द कराने का ऐलान किया गया है। शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय से वामपंथी ताकतों को हटाने और एबीवीपी की जीत का दावा किया।
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Bengal Student Union Elections: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों (Colleges and Universities) में जल्द छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव अब जल्द कराए जाएंगे। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय (Jadavpur University) से वामपंथी ताकतों को उखाड़ फेंकने का संकल्प भी दोहराया है।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के शासनकाल के दौरान राज्य के अधिकांश शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद पश्चिम बंगाल के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र राजनीति को लेकर हलचल तेज हो गई है।
जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर किया ऐलान
जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि छात्र संघ चुनाव जल्द आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) सभी जगहों पर जीत हासिल करेगी और कॉलेजों में भगवा झंडा फहराएगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ा छात्र संगठन है।
शुभेंदु अधिकारी के इस बयान को जादवपुर विश्वविद्यालय और राज्य के दूसरे शिक्षण संस्थानों में छात्र राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां लंबे समय से छात्र संघ चुनाव की मांग उठती रही है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग
पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षण संस्थानों (Higher Educational Institutions) में छात्र संघ चुनाव कराने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की मांग विपक्ष लगातार करता रहा है। जादवपुर विश्वविद्यालय समेत कई प्रमुख संस्थानों में हाल के दिनों में छात्र गुटों के बीच झड़पों और विवादों के बाद यह मांग और तेज हो गई थी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी (Ritabrata Banerjee) ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर कोई ठोस पहल नहीं कर रही है। उन्होंने मांग की थी कि सरकार को सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव कराने की तारीखों को जल्द साफ करना चाहिए। अब मुख्यमंत्री की ओर से चुनाव जल्द कराने के ऐलान के बाद इस मुद्दे पर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।
‘जादवपुर यूनिवर्सिटी तक पहुंचेगा राष्ट्रवादी जागरण’
इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University), हैदराबाद यूनिवर्सिटी (Hyderabad University) और उस्मानिया यूनिवर्सिटी (Osmania University) जैसे परिसरों में जो राष्ट्रवादी जागरण हुआ है, वह अब जादवपुर यूनिवर्सिटी तक भी पहुंचेगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में जारी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि इस राष्ट्रवादी बदलाव को कोई भी नहीं रोक पाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय से वामपंथी ताकतों को उखाड़ फेंकने का अपना संकल्प भी दोहराया।
19 और 20 अगस्त को हुई थी झड़प
जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में 19 और 20 अगस्त को वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल बोस (Nandalal Bose) के निर्देशन में बने ऐतिहासिक प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचा था। बाद में इसे दोबारा लगाया गया।
इन घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के बीच तनाव और बढ़ गया था। इसी पृष्ठभूमि में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को भी ज्यादा जोर मिला।
नशीले पदार्थों पर कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार जादवपुर विश्वविद्यालय की निगरानी बढ़ाएगी। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी और खपत (Drug Trafficking and Consumption) पर रोक लगाने के लिए ड्रोन (Drone) की मदद लेने की बात कही।
उन्होंने उन पूर्व छात्रों पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने हॉस्टल खाली नहीं किए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री के छात्र संघ चुनाव जल्द कराने के ऐलान और जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर दिए गए बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की छात्र राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तारीखों का ऐलान कब किया जाता है और इसके लिए आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है।


