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Suvendu Adhikari: ममता के ₹25,000 करोड़ के ड्रीम प्रोजेक्ट पर शुभेंदु का ब्रेक! करण अडाणी के साथ बैठक के बाद बड़ा फैसला
Suvendu Adhikari Tajpur Deep Sea Port: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने जमीन की कमी के कारण महत्वाकांक्षी ताजपुर डीप-सी पोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है। अब अडाणी समूह के साथ मिलकर इसे दादनपात्रबार में 1,700 एकड़ जमीन पर नए सिरे से बनाया जाएगा।
Suvendu Adhikari Tajpur Deep Sea Port: पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व मेदिनीपुर जिले में बनने वाले जिस ताजपुर गहरे समुद्र के बंदरगाह यानी डीप-सी पोर्ट का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे, उसे लेकर सूबे की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को साफ कर दिया कि सरकारी जमीन न होने के कारण अब ताजपुर में इस बड़े बंदरगाह का निर्माण करना मुमकिन नहीं रह गया है। हालांकि, राज्य के विकास को गति देने के लिए सरकार ने हार नहीं मानी है। सरकार ने इसके शानदार विकल्प के रूप में इस पूरी परियोजना को ताजपुर के पास ही स्थित दादनपात्रबार में ट्रांसफर करने का एक नया और बड़ा प्रस्ताव तैयार किया है।
उद्योगपति करण अडाणी के साथ हुई खास बैठक
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को उनकी अडाणी पोर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडाणी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अडाणी समूह पहले ही इस प्रोजेक्ट से पीछे हट चुका था क्योंकि सरकार के पास वहां जमीन ही नहीं थी। एक बड़ा बंदरगाह बनाने के लिए रेल कनेक्टिविटी, बड़े गोदाम और कई हजार एकड़ जमीन की जरूरत होती है, जो ताजपुर में नहीं मिल पा रही थी। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल की देखरेख में उद्योग सचिव वंदना यादव के विभाग ने जब पूरी जांच की, तब यह साफ हो गया कि ताजपुर में पोर्ट बनाना नामुमकिन है क्योंकि वहां कोई भी सरकारी जमीन बची ही नहीं है।
दादनपात्रबार बनेगा विकास का नया केंद्र
मुख्यमंत्री ने बंगाल की जनता को भरोसा देते हुए कहा कि वह राज्य के विकास का यह सुनहरा मौका हाथ से जाने नहीं देंगे। उन्होंने विकल्प के तौर पर ताजपुर से मात्र 10 किलोमीटर दूर दादनपात्रबार का नया ठिकाना अडाणी समूह को सुझाया है। इस जगह पर पहले एक नमक का कारखाना हुआ करता था, जहां सरकार के पास करीब 1,700 एकड़ जमीन पूरी तरह उपलब्ध है। यह नया प्रस्ताव करण अडाणी के सामने रख दिया गया है और इस पर अंतिम मुहर जल्द ही लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह बड़ी घोषणा केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई एक बैठक के बाद की और साफ किया कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट की कमाई में केंद्र सरकार को हिस्सेदारी देने के लिए भी तैयार है।
पिछली सरकार का अधूरा सपना
आपको बता दें कि इस बेहद महत्वाकांक्षी ताजपुर पोर्ट परियोजना का खाका राज्य की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय तैयार किया गया था। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 25 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश की उम्मीद जताई गई थी। साल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद करण अडाणी को इसके काम का जिम्मा सौंपा था। लेकिन केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों से जरूरी मंजूरी न मिल पाने के कारण यह काम सालों तक कागजों में ही अटका रहा।
नए सिरे से शुरू होगी तैयारी
लगातार हो रही देरी और विवादों के कारण जून 2025 में बंगाल कैबिनेट ने अडाणी समूह के साथ पुराना करार पूरी तरह रद्द कर दिया था। इसके बाद नए टेंडर भी निकाले गए, लेकिन बात नहीं बन सकी। अब वर्तमान शुभेंदु अधिकारी सरकार इस पूरे मेगा प्रोजेक्ट को दादनपात्रबार की नई जमीन पर बिल्कुल नए सिरे से शुरू करने की बड़ी तैयारी में जुट गई है।


