बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत! TMC दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव

Ashish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। रामपुरहाट में टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटका मिला शव।

Aditya Kumar Verma
Published on: 16 Aug 2026 8:58 AM IST
West Bengal former Deputy Speaker Ashish Banerjee Death
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Image Source- Social Media

Ashish Banerjee Death: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के विधायक और उपसभापति रहे आशीष बनर्जी की संदिग्ध हालात में मौत की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह आशीष बनर्जी का शव उनके घर के पास बने तृणमूल कांग्रेस के पार्टी ऑफिस में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस (Police) मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम (Postmortem) के लिए भेज दिया। आशीष बनर्जी की मौत की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक भी मौके पर जुटने लगे। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

रामपुरहाट में घर के पास था पार्टी ऑफिस

आशीष बनर्जी रामपुरहाट (Rampurhat) के वार्ड नंबर-5 के हत्तलापारा इलाके में रहते थे। उनके घर के ठीक बगल में तृणमूल कांग्रेस का पार्टी ऑफिस था। रविवार सुबह इसी पार्टी ऑफिस में उनका शव फांसी के फंदे से लटका हुआ देखा गया।

शव दिखाई देने के बाद तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। घटना की जानकारी फैलते ही इलाके में लोगों और समर्थकों की भीड़ जुटने लगी।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) आने के बाद ही मौत को लेकर आगे की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

2026 के विधानसभा चुनाव में BJP उम्मीदवार से हारे थे

आशीष बनर्जी 2026 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election 2026) में बीजेपी के उम्मीदवार ध्रुबा साहा से चुनाव हार गए थे। लंबे समय तक रामपुरहाट विधानसभा सीट पर विधायक रहे आशीष बनर्जी के लिए यह चुनावी हार बड़ा झटका थी।

हालांकि चुनाव में हार के बाद भी उनकी पहचान तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेताओं (Senior TMC Leader) के तौर पर बनी हुई थी। पार्टी में उनका लंबा राजनीतिक अनुभव रहा था।

ममता सरकार में कद्दावर नेता थे आशीष बनर्जी

आशीष बनर्जी की गिनती पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के करीबी नेताओं में होती थी। तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनने के बाद वह ममता सरकार में कई विभागों के मंत्री रह चुके थे।

वह राज्य के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री (School Education Minister) और कृषि मंत्री (Agriculture Minister) भी रहे थे। सरकार में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालने के साथ ही पार्टी संगठन और राज्य की राजनीति में भी उनका प्रभाव रहा।

पांच बार लगातार रामपुरहाट से विधायक चुने गए

आशीष बनर्जी रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में रामपुरहाट सीट से जीत दर्ज की थी।

पिछली ममता सरकार के दौरान वह विधानसभा के डिप्टी स्पीकर (Deputy Speaker) भी रहे थे। लंबे राजनीतिक सफर और सरकार में कई महत्वपूर्ण पद संभालने की वजह से उनकी गिनती पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सीनियर और कद्दावर नेताओं में होती थी।

मौत की वजह अब तक साफ नहीं

आशीष बनर्जी की मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। उनका शव पार्टी ऑफिस में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है, लेकिन पुलिस ने अभी मौत की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं बताया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच (Investigation) की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर ज्यादा जानकारी मिल सकेगी।

आशीष बनर्जी की मौत की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक मौके पर पहुंचने लगे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं है और पुलिस की जांच के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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