West Bengal: बंगाल में भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती का दावा, अब मिलेगी OMR की कार्बन कॉपी: शुभेंदु अधिकारी

West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भर्ती प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी जाएगी।

Newstrack/IANS
Published on: 23 May 2026 4:24 PM IST
Suvendu Adhikari
X

Suvendu Adhikari

West Bengal: पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी देना अनिवार्य होगा।मुख्यमंत्री अधिकारी ने यह घोषणा मध्य कोलकाता के सियालदह में आयोजित एक सरकारी रोजगार मेले के दौरान की। उन्होंने कहा, “हर युवक और युवती को ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी जानी चाहिए। अब तक ओएमआर प्रणाली से परीक्षाएं होने के बावजूद कार्बन कॉपी नहीं दी जाती थी। भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की जड़ यहीं से शुरू होती है। इसलिए अब से कार्बन कॉपी दी जाएगी।”

रोजगार मेले के मंच से मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगातार भर्ती घोटालों के कारण पूरे देश में पश्चिम बंगाल की बदनामी हुई। उन्होंने कहा कि नई सरकार के तहत एक नई भर्ती नीति लागू की जाएगी। संभावना है कि आगामी बजट सत्र में इस प्रस्ताव को विधानसभा में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ रोजगार के अवसर देगी। लिखित परीक्षा, शैक्षणिक अंक और मौखिक परीक्षा में अतिरिक्त अंक देने की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि मौखिक परीक्षा में न्यूनतम अंक निर्धारित किए जाएंगे। पिछली सरकार के दौरान इंटरव्यू में पक्षपात और भाई-भतीजावाद के आरोप लगे थे। आरोप था कि अयोग्य उम्मीदवारों को भी इंटरव्यू में अतिरिक्त अंक देकर नौकरी दिलाई गई।

इन आरोपों को ध्यान में रखते हुए सरकार अब इंटरव्यू में न्यूनतम अंक तय करने जा रही है। सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार के समय सरकारी भर्ती परीक्षाओं में संविधान के नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मूल ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण नियमों का भी सही तरीके से पालन नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का एकमात्र लक्ष्य 100 प्रतिशत भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया लागू करना है।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 26 हजार शिक्षकों की नियुक्तियां रद्द होने और कथित तौर पर पैसे लेकर अयोग्य लोगों को नौकरी देने के मामलों के बाद राज्य की भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भर्ती भ्रष्टाचार को देखकर रेलवे और अर्धसैनिक बल जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सतर्क हो गई थीं। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि “डबल इंजन सरकार” के कार्यकाल में युवाओं को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त रोजगार मिलेगा।

Vineeta Pandey

Vineeta Pandey

Next Story