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कौन हैं मंजुषा नागपुरे? जो निर्विरोध चुनी गईं पुणे की मेयर, RSS से हैं गहरा संबंध
Who is Manjusha Nagpure: महाराष्ट्र में जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों के नतीजे सामने आने लगे हैं और इसी क्रम में पुणे नगर निगम से भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली है।
Manjusha Nagpure
Who is Manjusha Nagpure: महाराष्ट्र में जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों के नतीजे सामने आने लगे हैं और इसी क्रम में पुणे नगर निगम से भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। पुणे में भाजपा की उम्मीदवार मंजुषा नागपुरे को निर्विरोध मेयर चुना गया है। हालांकि यह लगभग तय माना जा रहा था कि मंजुषा नागपुरे का इस चुनाव में कोई मुकाबला नहीं है, लेकिन औपचारिक घोषणा के लिए 9 फरवरी तक इंतजार किया गया। 165 सदस्यीय पुणे महानगरपालिका में भाजपा की भारी संख्यात्मक बढ़त को देखते हुए उनका मेयर बनना तय माना जा रहा था।
भाजपा ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 165 वार्डों में से 119 सीटों पर जीत दर्ज की है। पार्टी की इस स्पष्ट बहुमत वाली स्थिति के कारण विपक्ष की ओर से मेयर पद के लिए कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा, जिसके चलते मंजुषा नागपुरे का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। अब वे पुणे नगर निगम की मेयर के रूप में शहर की कमान संभालेंगी।
46 वर्षीय मंजुषा नागपुरे को भारतीय जनता पार्टी ने मेयर पद के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। वे पेशे से बिजनेस मैनेजमेंट की स्नातकोत्तर हैं और उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी गहरा जुड़ाव बताया जाता है। पार्टी ने उन्हें मेयर पद के लिए अन्य दावेदारों चार बार की पार्षद वर्षा तापकिर और तीन बार की पार्षद मानसी देशपांडे पर प्राथमिकता दी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मंजुषा नागपुरे को पुणे नगर निगम की सबसे शिक्षित पार्षदों में गिना जाता है, जो उनके पक्ष में एक बड़ा कारण माना गया।
मंजुषा नागपुरे का जन्म वर्ष 1979 में हुआ था। उन्होंने 1999 में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद 2021 में आईसीएफएआई विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की। राजनीति में कदम रखने से पहले वे एक आईटी कंपनी में कार्यरत थीं, लेकिन नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। वर्ष 2012 में उन्होंने सिंहगढ़ रोड स्थित आनंदनगर क्षेत्र से पहली बार पार्षद का चुनाव जीता था। इसके बाद वे लगातार तीन बार पार्षद चुनी गईं और नगर निगम की सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हो गईं।
उनके पति दीपक नागपुरे भी भाजपा के पदाधिकारी हैं और उन्हें दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़ा नेता माना जाता है। दंपत्ति का संयुक्त व्यवसाय है और मंजुषा नागपुरे ने अपनी कुल संपत्ति लगभग 3.22 करोड़ रुपये घोषित की है। वे दो बच्चों की मां हैं। पुणे महानगरपालिका की 165 सीटों में भाजपा के अलावा अजित पवार गुट की एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) को मिलकर 30 सीटें मिली हैं। कांग्रेस ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि उसकी सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा। इन नतीजों ने पुणे की राजनीति में भाजपा के दबदबे को साफ तौर पर साबित कर दिया है।


