IPS Damayanti Sen: शुभेंदु अधिकारी ने आईपीएस दमयंती सेन को दी बड़ी जिम्मेदारी, ममता सरकार ने किया था साइडलाइन

IPS Damayanti Sen: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने दमयंती सेन को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की जांच के लिए गठित हाई-लेवल कमेटी में ‘मेम्बर सेक्रेटरी’ नियुक्त किया है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 19 May 2026 9:12 AM IST (Updated on: 19 May 2026 9:12 AM IST)
IPS Damayanti Sen
X

IPS Damayanti Sen

IPS Damayanti Sen: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन फिर सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों की जांच और निगरानी के लिए गठित हाई-लेवल कमिटी में आईपीएस दमयंती सेन को ‘मेम्बर सेक्रेटरी’ नियुक्त किया है। ‘सुपरकॉप’ के नाम से पहचान बना चुकी दमयंती सेन की यह वापसी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह है कि वही दमयंती सेन, जिन्होंने 2012 के चर्चित पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस की सच्चाई सामने लाई थी, बाद में उन्हें कथित तौर पर मुख्यधारा से दूर कर दिया गया था।

राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपराधों पर प्रभावी निगरानी रखने के उद्देश्य से रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया है। यह कमेटी आगामी 1 जून से राज्य के विभिन्न जिलों और थानों में जाकर जनसुनवाई की तर्ज पर महिलाओं की शिकायतें सीधे सुनेगी। समिति का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की वास्तविक स्थिति समझना और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाना है। इसके लिए दमयंती सेन की निगरानी में अधिकारियों की एक टीम पुराने मामलों और अपराधों का पूरा डेटा इकट्ठा करेगी।

कौन हैं आईपीएस दमयंती सेन?

दमयंती सेन 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। दमयंती सेन कोलकाता पुलिस में जॉइंट कमिश्नर (क्राइम) बनने वाली पहली महिला अधिकारी भी रही हैं। लंबे पुलिस करियर में उन्होंने कई संवेदनशील मामलों की जांच की, लेकिन सबसे ज्यादा पहचान 2012 के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस से मिली। 6 फरवरी 2012 को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक महिला के साथ चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। उस समय राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार नई-नई सत्ता में आई थी और इस घटना ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुरुआत में इस घटना को सरकार की छवि खराब करने की साजिश और मनगढ़ंत कहानी करार दिया था।

हालांकि दमयंती सेन ने राजनीतिक दबाव की परवाह किए बिना मामले की निष्पक्ष जांच की। उन्होंने सबूतों के आधार पर साबित किया कि घटना वास्तविक थी और कुछ ही दिनों में आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया। लेकिन इस कार्रवाई के तुरंत बाद उनका तबादला कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार से बैरकपुर कमिश्नरेट में कर दिया गया। इसके बाद लंबे समय तक उन्हें किसी बड़े मामले की जिम्मेदारी नहीं दी गई। जिससे उन्हें प्रशासनिक तौर पर ‘साइडलाइन’ माना जाने लगा। करीब 14 साल बाद दमयंती सेन की इस अहम जिम्मेदारी के साथ वापसी को पुलिसिंग की जीत के रूप में देख रहे हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story