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पहले TMC, बाद में शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक, कौन थे चंद्रनाथ रथ जिनके हत्याकांड से दहला बंगाल?
Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी चुनावी जीत के बाद अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जा रहे शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने अपने साथ कई सवालों को भी जन्म दे दिया है। जो इस सख्शियत को और खास बना देते हैं। तो आइए जानते हैं कौन थे चंद्रनाथ रथ और क्यों थे शुभेंदु अधिकारी के इतने खास।
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Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बड़ी चुनावी जीत के बाद अब एक सनसनीखेज हत्याकांड ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। बीजेपी के कद्दावर नेता और अगले मुख्यमंत्री के तौर पर देखे जा रहे शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं बीजेपी के कई नेताओं ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताया है। इस वारदात ने पूरे बंगाल की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह शोक में हैं। वहीं उनके भाई दिव्येंदु अधिकारी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग कर दी है। यह पूरी घटना ऐसे समय पर हुई है जब 4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने तो सीधे टीएमसी सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं इस घटना ने अपने साथ कई सवालों को भी जन्म दे दिया है। जो इस शख्सियत को और खास बना देते हैं। तो आइए जानते हैं कौन थे चंद्रनाथ रथ और क्यों थे शुभेंदु अधिकारी के इतने खास।
अधूरा रह गया चंद्रनाथ रथ का सपना
दरअसल चंद्रनाथ रथ भले ही सार्वजनिक तौर पर कोई बड़ा राजनीतिक चेहरा नहीं थे, लेकिन बीजेपी के अंदर उन्हें शुभेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ बुधवार रात नॉर्थ 24 परगना में गोली मारकर हत्या का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि वह भारतीय वायुसेना में अधिकारी रह चुके थे और करीब दो दशक तक उन्होंने देश की सेवा की थी।
वायुसेना की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। बाद में वह शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक बन गए और उनके बेहद करीबी लोगों में गिने जाने लगे। चंद्रनाथ रथ पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर के रहने वाले थे। उन्हें जानने वाले लोग बताते हैं कि वह बेहद अनुशासित, नरम दिल और रामकृष्ण मिशन से प्रभावित व्यक्ति थे।
बताया जा रहा है कि शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने की संभावनाओं को लेकर वह बेहद उत्साहित थे, लेकिन इससे पहले ही उनकी हत्या हो गई। वह अपने नेता को शीर्ष पद की शपथ लेते नहीं देख पाए। यही वजह है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है।
मध्यमग्राम में बाइक सवार बदमाशों ने मारी गोली
जानकारी के मुताबिक बुधवार रात मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में मोटरसाइकिल पर सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ को रोक लिया। इसके बाद उन पर बेहद करीब से गोली चलाई गई। गोली लगने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस मामले में पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि सिलीगुड़ी रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक गाड़ी जब्त की गई है, जिसके साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
पहले टीएमसी से जुड़ा था परिवार
इस मामले में एक और बड़ा खुलासा यह हुआ है कि चंद्रनाथ रथ का परिवार पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हासिरानी रथ पूर्व मेदिनीपुर में एक स्थानीय पंचायत निकाय में पद पर रह चुकी हैं। जब शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था, उसी दौरान रथ का परिवार भी बीजेपी में शामिल हो गया था।
इसके बाद चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी बन गए थे। वह उनके राजनीतिक कार्यक्रमों, संवेदनशील बैठकों और संगठन से जुड़े कई अहम कामों को संभालते थे। बीजेपी के अंदर उन्हें एक मजबूत मैनेजर और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था।
भवानीपुर चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
चंद्रनाथ रथ ने भवानीपुर चुनाव अभियान में भी अहम जिम्मेदारी निभाई थी। 30 अप्रैल को जब ममता बनर्जी शाखावत मेमोरियल हाई स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंची थीं, तब चंद्रनाथ रथ बीजेपी समर्थकों के एक छोटे समूह के साथ वहां पहुंचे थे। उन्होंने काउंटिंग सेंटर के बाहर बीजेपी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व भी किया था।
बीजेपी नेताओं का मानना है कि उनकी सक्रियता और संगठन में मजबूत पकड़ की वजह से वह विरोधियों के निशाने पर थे।
मां ने कहा- मेरे बेटे को तड़पाकर मारा गया
चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ का बयान भी बेहद भावुक कर देने वाला है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि दोषियों को सजा मिले, लेकिन वह नहीं चाहतीं कि उन्हें फांसी दी जाए। उन्होंने कहा कि दोषियों को आजीवन कारावास मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे की मौत किसी हादसे में हुई होती तो शायद इतना दुख नहीं होता, लेकिन जिस तरह बदमाशों ने उनके बेटे को तड़पाकर मारा, वह बेहद दर्दनाक है। हासिरानी रथ ने आरोप लगाया कि यह सब तृणमूल कांग्रेस की रची हुई कहानी है। उन्होंने कहा कि जब से शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया है, तब से उनका परिवार लगातार खतरे में जी रहा था।
भाई ने की कड़ी सजा की मांग
चंद्रनाथ रथ के छोटे भाई देव कुमार ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिसने भी इस पूरी साजिश को अंजाम दिया है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन दोपहर करीब 2 बजे तक उनकी चंद्रनाथ से बात हुई थी।
वहीं बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यह हत्या शायद भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार का नतीजा है। उन्होंने कहा कि चंद्रनाथ रथ नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के दफ्तर के सारे काम देखते थे और बीजेपी विधायकों के लिए भाई जैसे थे। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।


