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जो करेगा बेहतर योग, उसे मिलेगा टिकट! जयंत चौधरी का बड़ा एलान; देखें UP में योगी समेत इन नेताओं ने योग पर क्या कुछ कहा
International Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और सांसद हेमा मालिनी ने किया योग। केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा- इस बार टिकट योग करने वालों को ही मिलेगा। जानिए नेताओं ने क्या कुछ कहा योग पर।
International Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेताओं ने योग किया। इनकी योग करते हुए तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। इसी बीच केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का एक हैरान करने वाला बयान सामने आया है। जयंत चौधरी ने कहा कि इस बार चुनाव में टिकट उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो ठीक से योग करेंगे। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा, "टिकट मांगते-मांगते कई लोगों की सांस फूल जाती है। ऐसे में असली परीक्षा यही है कि कौन योग के माध्यम से खुद को फिट रखता है।"
योग से न सिर्फ शरीर बल्कि मन भी होता है मजबूत: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग से शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारियों से छुटकारा मिलता है। उन्होंने कहा कि हमारे शास्त्रों में भी लिखा है,न तस्य रोगो न जरा न मृत्यु: प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्" अर्थात, योग के अभ्यास से शरीर रोग, बुढ़ापे और मृत्यु से मुक्त हो जाता है। योग से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होता है, जिससे समाज और देश का भी कल्याण होता है।
सीएम योगी ने कहा कि योग भारत की पुरानी परंपरा है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है, जिनके प्रयास से दुनियाभर में लोग योग करने लगे हैं। उन्होंने योग को एक ग्लोबल पहचान दिलाई है। पीएम मोदी के प्रयास से 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। आज दुनिया के 190 से भी ज्यादा देश इस दिन को मना रहे हैं। यह भारत की महान परंपरा और संस्कृति को पूरी दुनिया से जोड़ने का एक जरिया बन चुका है।
लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किया योग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर लखनऊ में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने योग किया। उन्होंने वृक्षासन करके लोगों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में आयोजित इस योग सत्र में ब्रजेश पाठक भी सफेद टीशर्ट और ट्रैक पैंट में योग करते नजर आए। उन्होंने कहा कि योग सिर्फ शरीर को ही नहीं, मन को भी स्वस्थ रखता है। योग दिवस के मौके पर राजधानी लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में जगह-जगह योग शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें आम लोग, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
योग करने वालों को मिलेगा चुनाव का टिकट: जयंत चौधरी
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि इस बार चुनाव में टिकट उन्हीं लोगों को मिलेगा जो ठीक से योग करेंगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि टिकट मांगते-मांगते कई लोगों की तो सांस ही फूल जाती है। योग असल में एक तरह की परीक्षा है, जिससे यह पता चलता है कि कौन व्यक्ति सही है। उन्होंने कहा कि अच्छे उम्मीदवार वही होते हैं, जिनका शरीर और सोच दोनों ही स्वस्थ हो। जो लोग योग करेंगे, वे अपने आप फिट और अच्छे बन जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार युवाओं को खास मौका दिया जाएगा, क्योंकि हमारा देश युवाओं का देश है।
जयंत चौधरी ने बताया कि उन्होंने संसद में एक प्राइवेट बिल पेश किया था, जिसमें चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 साल खत्म करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा कि जब कोई 18 साल का युवा वोट दे सकता है, शादी कर सकता है, बच्चे पैदा कर सकता है, और अधिकारी बन सकता है, तो वह सांसद या विधायक क्यों नहीं बन सकता?
मालिनी योग से मिलती है ऊर्जा- हेमा मालिनी
मथुरा में सांसद हेमा मालिनी ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर 10 तरह के योग आसन किए। उन्होंने कहा कि वह रोज़ाना योग करती हैं और इसके जरिए दूसरों को भी प्रेरित करना चाहती हैं। हेमा मालिनी ने कहा, "योग हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। इससे शरीर ही नहीं, मन भी शांत और मजबूत होता है। मैं चाहती हूं कि ज्यादा से ज्यादा लोग योग अपनाएं और स्वस्थ जीवन जीएं।" योग कार्यक्रम के दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिन्होंने उनके साथ योग किया।
योग दिवस पर प्रिया सरोज भी बनीं योग साधना का हिस्सा
जौनपुर की मछलीशहर सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जंगी महाविद्यालय में योग किया। हाल ही में 8 जून को प्रिया सरोज की सगाई लखनऊ में मशहूर क्रिकेटर रिंकू सिंह से हुई थी। इस खास मौके पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जया बच्चन समेत कई बड़े नेता मौजूद थे।
योग दिवस पर अखिलेश यादव का संदेश
योग दिवस पर अखिलेश यादव का संदेश: ‘योग हर दिन का होना चाहिए, सिर्फ एक दिन का नहीं’ योग दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा: "‘योग दिवस’ पर तन-मन-वचन और व्यवहार-चलन से सु-स्वस्थ रहने की मंगलकामना,‘योग’ केवल एक दिवस तक सीमित न रहे बल्कि हर दिन संभव हो पाए, इसीलिए हमने अपने समय में ‘सार्वजनिक पार्क’ भी बनवाये थे और आगे भी बनवाएंगे। जो लोग अपने लालच की वजह से ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके इमारतें उठा रहे हैं, उन्हें जनता के भले के लिए पार्क बनवाने चाहिए।" अखिलेश यादव ने योग को आम जनता की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही और याद दिलाया कि समाजवादी सरकार ने जनता के लिए कई सार्वजनिक पार्क बनाए थे, जहां लोग निःशुल्क और खुले वातावरण में योग कर सकें। उन्होंने यह भी निशाना साधा कि आज कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ में सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, जबकि उन्हें जनता के हित में सोचना चाहिए।
योग दिवस पर अखिलेश यादव का संदेश
योग दिवस पर अखिलेश यादव का संदेश: ‘योग हर दिन का होना चाहिए, सिर्फ एक दिन का नहीं’ योग दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा: "‘योग दिवस’ पर तन-मन-वचन और व्यवहार-चलन से सु-स्वस्थ रहने की मंगलकामना,‘योग’ केवल एक दिवस तक सीमित न रहे बल्कि हर दिन संभव हो पाए, इसीलिए हमने अपने समय में ‘सार्वजनिक पार्क’ भी बनवाये थे और आगे भी बनवाएंगे। जो लोग अपने लालच की वजह से ज़मीन पर क़ब्ज़ा करके इमारतें उठा रहे हैं, उन्हें जनता के भले के लिए पार्क बनवाने चाहिए।" अखिलेश यादव ने योग को आम जनता की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की बात कही और याद दिलाया कि समाजवादी सरकार ने जनता के लिए कई सार्वजनिक पार्क बनाए थे, जहां लोग निःशुल्क और खुले वातावरण में योग कर सकें। उन्होंने यह भी निशाना साधा कि आज कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ में सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, जबकि उन्हें जनता के हित में सोचना चाहिए।
BBAU में 'योग संगम 2025' बाल योगियों की प्रस्तुति
बीबीएयू में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'योग संगम 2025' का आयोजन: बाल योगियों की प्रस्तुति के साथ देखने को मिला योग, संस्कृति एवं स्वदेशी चेतना का अद्भुत समागम
योग केवल शारीरिक अभ्यास ही नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है - प्रो. राज कुमार मित्तल
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 21 जून को 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग विभाग एवं योग वेलनेस सेंटर, बीबीएयू के संयुक्त तत्वाधान में विशेष योग कार्यक्रम श्रृंखला 'योग संगम 2025' का आयोजन किया गया। इस पहल में बीबीएयू की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं नेशनल कैडेट कोर और केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार का सक्रिय सहयोग रहा। इस वर्ष 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की।
मुख्य अतिथि के तौर पर संसदीय अध्यक्ष समिति, उत्तर प्रदेश के सभापति डॉ. सुरेन्द्र चौधरी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मुख्य तौर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक श्री मनोज कुमार वर्मा, विवि कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रसार अधिकारी श्री जय सिंह, योग प्राकृतिक चिकित्सा एवं संज्ञानात्मक अध्ययन विद्यापीठ के संकायाध्यक्ष प्रो. बी.सी. यादव एवं योग विभाग, बीबीएयू के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, मंत्रोच्चारण एवं महात्मा गौतम बुद्ध एवं बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुयी।
विश्वविद्यालय के कुलगीत गायन के पश्चात आयोजन समिति की ओर से अतिथियों को पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका स्वागत किया गया। सर्वप्रथम योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया एवं सभी को कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रुपरेखा से अवगत कराया। मंच संचालन का कार्य डॉ. नरेंद्र सिंह द्वारा किया गया। यह जानकारी पीआरओ डा. रचना गंगवार ने दी।
पीआरओ ने ने बताया विवि कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने आयोजन समिति को बधाई एवं ‘योग: चित्त की वृत्तियों का निरोध’ विषय को केंद्र में रखते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग न केवल मन को स्थिर करने की प्रक्रिया है, बल्कि यह आत्मचिंतन, आत्मविकास और आत्मशांति की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। योग द्वारा हम अपनी सीमाओं से परे जाकर गहराई से चिंतन कर सकते हैं और उसे व्यवहार में ला सकते हैं। यह केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है, जो शरीर और आत्मा को जोड़कर मनुष्य को सम्पूर्णता की ओर ले जाती है।
प्रो. मित्तल ने बताया कि पश्चिमी दर्शन जहाँ व्यक्ति को समाज से अलग कर व्यक्तिगत सोच को प्रमुखता देता है, वहीं भारतीय योग परंपरा सामूहिकता और सामंजस्य पर बल देती है। योग हमें आंतरिक चेतना को जाग्रत करने का माध्यम प्रदान करता है, जो बाहरी भौतिक सुख-संपदा से कहीं अधिक स्थायी और महत्वपूर्ण है। प्रो. मित्तल ने योग के माध्यम से 'एविडेंस बेस्ड रिसर्च' को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया और बताया कि पतंजलि, गौतम बुद्ध और कबीर जैसे महान ऋषियों ने भी अपनी रचनाओं और शिक्षाओं के माध्यम से योग के महत्व को स्पष्ट किया है। ऐसे में आज के समय में योग को दैनिक जीवन का अंग बनाना हम सबका कर्तव्य है।
संसदीय अध्यक्ष समिति, उत्तर प्रदेश के सभापति डॉ. सुरेन्द्र चौधरी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि योग को जीवन की संपूर्ण प्रणाली के रूप में अपनाना चाहिए। इसके अतिरिक्त योग के साथ-साथ स्वच्छता का भी विशेष महत्व है, क्योंकि स्वच्छ शरीर और स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ मन और सकारात्मक चिंतन की ओर ले जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अनुशासित जीवन अपनाएं, नियमित रूप से योग करें और पढ़ाई-लिखाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। डॉ. चौधरी ने बताया कि भारतीय संस्कृति की जड़ें योग में ही निहित हैं, और इसे अपनाकर हम न केवल अपने शरीर और मन को संतुलित कर सकते हैं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी वैश्विक मंच पर गौरव दिला सकते हैं।
केंद्रीय संचार ब्यूरो के निदेशक मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है, जो न केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करता है। आज के समय में जब जीवन तनावपूर्ण और व्यस्त हो गया है, योग एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। हमें चाहिए कि हम योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। इससे न केवल हमारा व्यक्तिगत जीवन संतुलित होगा, बल्कि हम एक स्वस्थ, जागरूक और संस्कारी समाज के निर्माण में भी अपना योगदान दे सकेंगे।
इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रसार अधिकारी जय सिंह, योग प्राकृतिक चिकित्सा एवं संज्ञानात्मक अध्ययन विद्यापीठ के संकायाध्यक्ष प्रो. बी.सी. यादव एवं योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने भी 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग की महत्ता, आधुनिक व्यस्त जीवनशैली में योग की आवश्यकता और योग संबंधी गतिविधियों के विषय में अपने विचार रखे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संबोधन लाइव प्रसारित किया गया। इस प्रसारण के माध्यम से विद्यार्थियों में योग के प्रति नई जागरूकता देखी गई। जैसे ही प्रधानमंत्री ने कहा कि योग सीमाओं, भाषा, संस्कृति और भौगोलिक बाधाओं से परे सभी को जोड़ने वाली शक्ति है पूरा सभागार तालियों की आवाज से गूंज उठा। साथ ही सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक 'Yoga for Humanity 2.0' पहल में बढ़ - चढ़कर भाग लेने को उत्साहित दिखे।
11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल द्वारा योग संबंधी चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। साथ ही योग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपेश्वर सिंह ने 100 दिवसीय योग कार्यशाला की रिपोर्ट को प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त डॉ. दीपेश्वर सिंह ने योग प्रोटोकॉल के तहत सभी को योग, सूक्ष्म व्यायाम एवं आसन आदि का अभ्यास करवाया। इसके अतिरिक्त केंद्रीय संचार ब्यूरो के माध्यम से सभी के लिए जादूगर एवं कठपुतली प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से योग, स्वच्छता, देशभक्ति, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति एवं स्त्री शिक्षा का प्रभावशाली संदेश दिया गया। साथ ही आयोजन समिति की ओर से प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गयी।
इस विशेष अवसर पर 100 दिवसीय योग कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बाल योगियों ने मंत्रोच्चारण, योगाभ्यास एवं नृत्य को सुंदर समन्वय में प्रस्तुत करते हुए अपनी प्रतिभा और साधना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुति ने न केवल दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि योग और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की गहराई को भी भावपूर्ण रूप से अभिव्यक्त किया। इन बाल योगियों एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त योग कार्यशाला के दौरान भाग लेने वाले सभी योग साधकों को भी कुलपति जी एवं मुख्य अतिथि की ओर से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अंत में प्रो. बी.सी. यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समस्त कार्यक्रम के दौरान प्रॉक्टर प्रो. एम.पी. सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेंद्र कुमार, योग विभाग एवं योग वेलनेस सेंटर के समन्वयक प्रो. शरद सोनकर, विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी, अनेकों योग साधक और प्रतिभागी, एनएसएस, एनसीसी के सदस्य एवं अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।
योग दिवस का एस.एम.एस में आयोजन
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज, लखनऊ ने 21 जून, 2025 को ११वें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया । यह कार्यक्रम "एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य" थीम पर आधारित था और वैदिक विज्ञान केंद्र के अंतर्गत प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी) के निर्देशन में आयोजित किया गया।
योग प्रशिक्षण शिविर में, आसन और प्राणायाम: शिविर में विभिन्न योगासन जैसे कि सूर्य नमस्कार, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, गोमुखासन, पश्चिमोत्तनासन, उष्ट्रासन और शवासन का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका जैसे प्राणायामों का भी प्रदर्शन किया गया तथा इन आसनों और प्राणायामों से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तार से बताया ।
संस्थान के सचिव व मुख्यकार्यकारी अधिकारी शरद सिंह ने कहा कि एस.एम.एस. लखनऊ की प्रबंधन समिति हमेशा विज्ञान और योग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रही है और इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन पर निरंतर बल दिया जाटा रहा है ।
कार्यक्रम में उपस्थिति संस्थान के 30 से अधिक शिक्षकों और 50 से अधिक अन्य कार्मिकों और छात्रों ने इस योग शिविर में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिसमें संस्थान के डीन-एकेडमिक डॉ. हेमंत कुमार सिंह, कुल सचिव शेष नारायण शुक्ल, विभागाध्यक्ष डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. आशा कुलश्रेष्ठ, डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. अरुणेश श्रीवास्तव, सुनीत मिश्रा, सुजाता सिन्हा, डा. राजीव मिश्रा, डा. कैलाशपति व वरिष्ठ अधिकारियों / कर्मचारियो एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस आयोजन के माध्यम से एस.एम.एस. लखनऊ ने एक बार फिर से योग और स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया और सभी प्रतिभागियों को योग के महत्व और लाभों के प्रति जागरूक किया।


