जुलाई में भी नहीं बरसेंगे बादल? IMD के नए अनुमान ने बढ़ाई चिंता, जून में रही 40% बारिश की कमी

IMD July Rain Alert: बारिश जून में उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई लेकिन अनुमान है जुलाई में लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि मौसम विभाग कि चेतावनी दराने वाली है। जानिए जुलाई में कैसा रहेगा मौसम का हाल।

Alakha Singh
Published on: 1 July 2026 7:47 AM IST (Updated on: 1 July 2026 8:44 AM IST)
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IMD July Rain Alert: पिछले 24 घंटों में उत्तर भारत के कई इलाकों में हल्की से माध्यम बारिश होने से गर्मी से राहत मिली है। दिल्ली-एनसीआर समेत लखनऊ का मौसम सुहाना बना हुआ है। IMD के लेटेस्ट अनुमान के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कुछ घंटों में बारिश हो सकती है। यूपी के ज्यादातर इलाकों में बदल छाए हैं। कल दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई बारिश से पूरे एनसीआर में मौसम सुहाना बना हुआ है। मानसून की देरी के चलते जून में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो पाई। अब जुलाई को लेकर भी मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का ताजा पूर्वानुमान राहत देने वाला नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जुलाई 2026 में देशभर में औसत वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों, जल प्रबंधन एजेंसियों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खरीफ की फसलों की बुवाई का सबसे महत्वपूर्ण समय जुलाई ही होता है।

जुलाई में कितनी होगी बारिश?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार, जुलाई में पूरे भारत में दीर्घकालिक औसत (Long Period Average-LPA) का लगभग 94 प्रतिशत वर्षा होने का अनुमान है। जुलाई महीने का LPA 280.4 मिमी (1971–2020 के औसत के आधार पर) है। मौसम विभाग का कहना है कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज होने की संभावना बनी हुई है।

जून की बारिश की भारी कमी ने बढ़ाई चिंता

जुलाई का यह पूर्वानुमान इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि जून 2026 पहले ही बेहद कमजोर मानसून वाला महीना साबित हुआ है। IMD के अनुसार जून में पूरे देश में केवल 99.5 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम रही। यह 1901 के बाद जून महीने की पांचवीं सबसे कम वर्षा है। सबसे अधिक असर मध्य भारत पर पड़ा, जहां सामान्य से 50.4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई, जलाशयों के जलस्तर और भूजल पुनर्भरण पर पड़ सकता है।

मानसून आगे बढ़ रहा है, लेकिन गति धीमी

हालांकि राहत की बात यह है कि IMD ने अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार मानसून उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, दमन एवं दीव और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून के सक्रिय होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।

बारिश कम, गर्मी ज्यादा रहने का अनुमान

IMD का अनुमान केवल कम बारिश तक सीमित नहीं है। विभाग के अनुसार जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। केवल पश्चिम-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य या उससे कम रहने की संभावना है। वहीं न्यूनतम तापमान भी अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। इसका अर्थ है कि जहां पर्याप्त बारिश नहीं होगी, वहां उमस और गर्मी दोनों लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

मौसम वैज्ञानिक, IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के अनुसार जुलाई मानसून का सबसे महत्वपूर्ण महीना होता है। इसी अवधि में देश की वार्षिक मानसूनी वर्षा का बड़ा हिस्सा दर्ज होता है। यदि जुलाई में भी बारिश सामान्य से कम रहती है, तो खरीफ उत्पादन, पेयजल उपलब्धता और बिजली उत्पादन पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि मासिक पूर्वानुमान पूरे देश का औसत होता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर राज्य या हर जिले में समान स्थिति होगी। कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा भी दर्ज हो सकती है, जबकि कुछ हिस्सों में लंबा शुष्क दौर बना रह सकता है। ऐसे में राज्यों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर कृषि और जल प्रबंधन की रणनीति तैयार करनी होगी।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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