TRENDING TAGS :
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री ने यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की दी मंजूरी
Rajnath Singh: राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की मंजूरी दी, जिससे रक्षा उत्पादन और निर्यात को नई गति मिलेगी।
Rajnath Singh (Photo_ Social Media).
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न (श्रेणी-I) का दर्जा प्रदान करने की मंजूरी दे दी है। यह उपलब्धि कंपनी द्वारा बेहद कम समय में सरकारी संगठन से एक लाभदायक व्यावसायिक इकाई में परिवर्तन को दर्शाती है।
रक्षा मंत्री ने चार वर्षों से भी कम अवधि में YIL के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कंपनी ने कारोबार विस्तार, स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने और मिनीरत्न श्रेणी-I के लिए आवश्यक निष्पादन मानकों को पूरा करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने YIL प्रबंधन द्वारा उठाए गए रणनीतिक और व्यावसायिक कदमों पर संतोष व्यक्त किया।
स्थापना के बाद से यंत्र इंडिया लिमिटेड ने अपने वित्तीय प्रदर्शन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। जहां वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी छमाही में कंपनी की बिक्री 956.32 करोड़ रुपये थी, वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 3,108.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। निर्यात के क्षेत्र में भी कंपनी ने शून्य से 321.77 करोड़ रुपये तक का सफर तय किया है।
कंपनी के प्रमुख उत्पादों में कार्बन फाइबर कंपोजिट, मध्यम व बड़े कैलिबर के गोला-बारूद के असेंबली उत्पाद, बख्तरबंद वाहनों, तोपखाने और मुख्य युद्धक टैंकों (MBT) के लिए असेंबली उत्पाद, ग्लास कंपोजिट और एल्युमीनियम मिश्र धातु आधारित उत्पाद शामिल हैं।
मिनीरत्न (श्रेणी-I) का दर्जा मिलने के बाद YIL के बोर्ड को सरकार की पूर्व अनुमति के बिना 500 करोड़ रुपये तक के पूंजीगत व्यय, नए प्रोजेक्ट, आधुनिकीकरण और उपकरण खरीद से जुड़े फैसले लेने का अधिकार प्राप्त हो गया है। इससे रक्षा उत्पादन और निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में स्वायत्तता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्ववर्ती आयुध कारखाना बोर्ड (OFB) का निगमीकरण कर सात नए रक्षा पीएसयू का गठन किया था। यंत्र इंडिया लिमिटेड उन्हीं नवगठित अनुसूची-‘ए’ डीपीएसयू में से एक है। यह निर्णय आत्मनिर्भर भारत की दिशा में रक्षा विनिर्माण और स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


