Badam ki Kheti: एक बादाम के उत्पादन में लग जाता है 3.2 गैलन पानी

Badam Ki Kheti Me Pani: एक अध्ययन के अनुसार, एक बादाम उगाने में 3.2 गैलन पानी लगता है, जबकि सूखा और जलवायु परिवर्तन हालात को और गंभीर बना रहे हैं।

Newstrack Network
Published on: 12 Jun 2026 6:19 PM IST
Badam Ki Kheti Me Kitna Pani Lagta Hai
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Badam Ki Kheti Me Kitna Pani Lagta Hai

Badam Ki Kheti Me Pani: रियो वेहें तराई के लोगों का साक्षात्कार करते हुए मुझे उनसे यह पूछने की हिम्मत नहीं थी कि क्या मैं उनके बाथरूम का उपयोग कर सकता हूं। वहां अतिरिक्त पानी नहीं है, सो कुछ परिवार दिन में केवल एक ही बार शौचालय जाते हैं। नहाने पर राशनिंग है और वह समयबद्ध है। स्कॉट्सडेल शहर से आपूर्ति किए जाने वाले पानी लाइन से इस क्षेत्र को काट देने के बाद यहां पानी की कमी हो गई है। इसलिए यहां पानी बचाने की जरूरत है। यह पूरे पश्चिम का संकट है, जिसे सस्ते पानी पर बसाया गया था, पर अब जलवायु परिवर्तन के चलते सूखा बढ़ने से सस्ते पानी का अत्यधिक उपयोग बीते दिनों की बात हो गई है।

एरिजोना क्षेत्र भारी संख्या में गोल्फ कोर्स के कारण सेवानिवृत्त लोगों को लुभाता है। कभी-कभी 18 छेद वाले एक गोल्फ कोर्स के लिए सालाना 20 करोड़ गैलन पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन पानी की सबसे ज्यादा खपत घरों, विशाल लॉनों, झरनों, उद्योगों या गोल्लक कोसों में नहीं होती, बल्कि खेती में होती है। एक अध्ययन के मुताबिक, 17 पश्चिमी प्रांतों में 88 फीसदी पानी का उपयोग खेतीं में होता है। मात्र सात फीसदी पानी का उपयोग घरों में होता है। कैलिफोर्निया बादाम का उत्पादन करता है। 2019 के एक अध्ययन के मुताबिक, एक बादाम को उगाने के लिए 3.2 गैलन पानी की जरूरत होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र एक बड़े सूखे का सामना कर रहा है। उत्तर में कुएं सूख रहे हैं, और यूटा में ग्रेट साल्ट लेक दो-तिहाई सिकुड़ गया है।

इस क्षेत्र में पानी के ट्रक बहुत दूर से पानी को दे रहे हैं, और लोग 11 सेंट प्रति गैलन की दर से पानी खरीद रहे हैं। इस बीच कोलाराडो नदी में जल स्तर घट गया है। बाइडन प्रशासन ने कैलिफोर्निया, एरिजोना और नेवादा के आवंटन में समान रूप से एक-चौथाई तक कटौती करके नदी के बचे हुए हिस्से को बचाने का प्रस्ताव दिया है। मुख्य समस्या यह है कि पानी का आवंटन बाजार मूल्य पर नहीं किया जाता है, बल्कि अक्षम सिंचाई अधिकारों के एक समूह के माध्यम से किया जाता है, जो 'पहले आओ, पहले पाओं' के आधार पर दिए जाते हैं। यह पानी इतना सस्ता है कि कम पानी का उपयोग करने के लिए तकनीकी नवाचारों को संरक्षित या विकसित करने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है। यदि पानी को सामान्य रूप से बाजार कीमत के हिसाब से नियंत्रित किया जाता है, तो बहुत-सी कमियां दूर हो जाएंगी किसान बादाम के बागों की सिंचाई नहीं करेंगे, अगर उन्हें प्रत्येक बादाम का उत्पादन करने के लिए बाजार दर पर 3.2 गैलन पानी खरीदना पड़े।

( साभार ‘ द न्यूयार्क टाइम्स’ एवं ‘ अमर उजाला ‘।)

-निकोलस क्रिस्टॉफ

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