गर्मी और लू का काल है 'छाछ', एसिडिटी का होगा परमानेंट इलाज, जानें गर्मियों में इसे पीने के 5 फायदे

Chhach Ke Fayde: गर्मियों में छाछ शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पाचन में राहत देती है। यह एक प्राकृतिक, हेल्दी और डिहाइड्रेशन से बचाने वाला बेहतरीन पेय है।

Akriti Pandey
Published on: 21 April 2026 6:50 AM IST
Buttermilk Benefits
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Buttermilk Benefits 

Chhach Ke Fayde: गर्मियों की शुरुआत होते ही तेज धूप, लू और उमस लोगों को परेशान करने लगती है। ऐसे मौसम में प्यास बुझाने के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक्स या पैक्ड जूस का सहारा लेते हैं, लेकिन ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में छाछ को एक प्राकृतिक, सुरक्षित और बेहद फायदेमंद पेय माना गया है, जो शरीर को अंदर से ठंडक देने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।

शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन

छाछ दही को मथकर तैयार किया जाता है और इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है। यह डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है और गर्मी के कारण होने वाली थकान को दूर करता है। एक गिलास ठंडी छाछ पीते ही शरीर को ताजगी और सुकून महसूस होता है।

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

आयुर्वेद के अनुसार छाछ पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जिससे पेट स्वस्थ रहता है। दोपहर के भोजन के बाद छाछ पीने से गैस, एसिडिटी, अपच और चक्कर जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

त्वचा और हड्डियों के लिए लाभकारी

छाछ न सिर्फ अंदर से बल्कि बाहर से भी शरीर को फायदा पहुंचाता है। यह खून को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे त्वचा पर निखार आता है और कील-मुंहासे कम होते हैं। साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। गर्मियों में पसीने के कारण शरीर से निकलने वाले इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी यह पूरा करता है।

वजन नियंत्रण में सहायक

कम कैलोरी होने के कारण छाछ वजन नियंत्रित रखने में भी मददगार है। यह पेट को भरा हुआ महसूस कराता है और अनावश्यक खाने की आदत को कम करता है।

घर पर आसानी से बनाएं छाछ

छाछ बनाना बेहद आसान है। इसके लिए ताजी दही को अच्छी तरह फेंट लें और उसमें पानी मिलाएं। स्वाद के लिए सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर, काली मिर्च और पुदीना डाल सकते हैं। ठंडा करके पीने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

Akriti Pandey

Akriti Pandey

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