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Eating Disorder Risk: बार-बार खाना या भूखे रहना पड़ सकता है भारी, जानिए क्या है 'ईटिंग डिसऑर्डर' और इसके खतरे
Eating Disorder Risk: फिट दिखने की चाह कई बार ईटिंग डिसऑर्डर जैसी गंभीर समस्या को जन्म दे सकती है। जानिए इसके कारण, लक्षण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव।
Eating Disorder Risk
Eating Disorder Risk: आज के दौर में फिटनेस और आकर्षक शरीर पाने की चाह लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है। सोशल मीडिया और बदलती लाइफस्टाइल के बीच कई लोग अपने वजन और शरीर को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंतित रहने लगे हैं। यही चिंता कई बार उन्हें ऐसी आदतों की ओर ले जाती है, जो धीरे-धीरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। ऐसी ही एक गंभीर समस्या है ईटिंग डिसऑर्डर, जिसे अक्सर सामान्य डाइटिंग या खाने की आदत समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि Eating Disorder केवल खाने-पीने से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास और भावनात्मक स्वास्थ्य से भी गहराई से जुड़ा होता है।
NHM ने लोगों को किया जागरूक
लोगों को इस समस्या के प्रति जागरूक करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। मिशन के अनुसार, ईटिंग डिसऑर्डर एक खामोश मानसिक संघर्ष है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे खुद से दूर होता चला जाता है। एनएचएम ने कहा कि कैलोरी गिनने और वजन कम करने की अंधी दौड़ में कई लोग अपनी खुशी, आत्मविश्वास और मानसिक शांति खो देते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को केवल उसके शरीर या वजन के आधार पर आंकना सही नहीं है। हर पतला व्यक्ति स्वस्थ हो, यह जरूरी नहीं होता।
क्या है ईटिंग डिसऑर्डर? (Eating Disorder)
विशेषज्ञों के अनुसार, ईटिंग डिसऑर्डर ऐसी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें व्यक्ति का भोजन और अपनी बॉडी इमेज के साथ संबंध असंतुलित हो जाता है। इस समस्या से जूझ रहे लोग अक्सर अपने वजन, शरीर के आकार और खानपान को लेकर अत्यधिक चिंतित रहते हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है, लेकिन किशोरों और युवाओं में इसके मामले अधिक देखे जाते हैं। कई बार व्यक्ति भोजन करने से डरने लगता है, जबकि कुछ लोग जरूरत से ज्यादा खाना खाने लगते हैं।
किन कारणों से बढ़ता है खतरा? (Causes Of Eating Disorder)
विशेषज्ञों का मानना है कि ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder) के पीछे कई सामाजिक और मानसिक कारण हो सकते हैं। इनमें पतला दिखने का सामाजिक दबाव, आत्मविश्वास की कमी, वजन को लेकर ताने या बुलिंग, भावनात्मक तनाव, बार-बार डाइटिंग करना और भोजन छोड़ने की आदत प्रमुख हैं। इन परिस्थितियों में व्यक्ति धीरे-धीरे मानसिक तनाव, शर्म, अपराधबोध और अकेलेपन का शिकार हो सकता है।
समय रहते पहचानना है जरूरी (Symptoms Of Eating Disorder)
ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder Risk) को नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। इससे कुपोषण, हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी, हार्मोनल असंतुलन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। गंभीर मामलों में यह स्थिति जीवन के लिए भी खतरा बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति में इस समस्या के संकेत दिखाई दें तो उसे जज करने के बजाय समझने और सहयोग देने की जरूरत है। सही समय पर परामर्श और उपचार से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है और व्यक्ति सामान्य जीवन की ओर लौट सकता है।


