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Lift Safety Tips: गर्मियों में लिफ्ट में फंसना हो सकता है खतरनाक, लेकिन ये टिप्स बचा सकती हैं जान
Lift Safety Tips Summer 2026: गर्मियों में लिफ्ट में फंस जाएं तो घबराएं नहीं। जानिए एक्सपर्ट्स के जरूरी सेफ्टी टिप्स, क्या करें और क्या बिल्कुल न करें।
Lift Safety Tips Summer 2026
Lift Safety Tips Summer 2026: आज के समय में ऊंची इमारतों, मॉल, अस्पतालों और अपार्टमेंट्स में लिफ्ट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। जहां लोग दिन में कई बार इसका इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सोचिए, अगर तेज गर्मी के बीच अचानक लिफ्ट बीच रास्ते में रुक जाए तो क्या होगा? बंद जगह, हवा कम, मोबाइल नेटवर्क कमजोर और बाहर से कोई आवाज न आए तो घबराहट होना स्वाभाविक है। कई बार लोग डर और बेचैनी में ऐसे कदम उठा लेते हैं जो हादसे को और गंभीर बना देते हैं।
गर्मियों में यह स्थिति और मुश्किल हो जाती है। बंद लिफ्ट में कुछ देर तक फंसे रहने पर घुटन, पसीना, सांस लेने में दिक्कत और पैनिक अटैक जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जहां लोग डर के कारण दरवाजा तोड़ने या खुद बाहर निकलने की कोशिश करते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है कि सही जानकारी पहले से हो ताकि मुश्किल वक्त में आप खुद को और दूसरों को सुरक्षित रख सकें।
सबसे पहले खुद को शांत रखें, यही सबसे बड़ी समझदारी
लिफ्ट रुकते ही ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी चीज है खुद को शांत रखना। घबराने से सांस तेज चलने लगती है, शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ती है और दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता। अगर आप अकेले हैं तो गहरी सांस लें और खुद को समझाएं कि लिफ्ट में फंसना हमेशा जानलेवा नहीं होता। आधुनिक लिफ्टों को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि उनमें बेसिक सेफ्टी सिस्टम लगातार काम करता रहे। अगर आपके साथ बच्चे या बुजुर्ग हैं तो उन्हें भी शांत रखने की कोशिश करें।
गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, इसलिए कम हरकत करें और अपनी ऊर्जा बचाकर रखें। जितना शांत रहेंगे, उतनी देर तक सामान्य तरीके से सांस ले पाएंगे।
पैनिक या कॉल बटन तुरंत दबाएं
लिफ्ट के अंदर लगे कंट्रोल पैनल में आमतौर पर पैनिक बटन, अलार्म बटन या इमरजेंसी कॉल सिस्टम दिया जाता है। लिफ्ट रुकते ही सबसे पहले इसी का इस्तेमाल करें। इससे बिल्डिंग की सिक्योरिटी टीम, मेंटेनेंस स्टाफ या कंट्रोल रूम तक आपकी सूचना पहुंच जाती है।
कई लोग घबराहट में बार-बार सभी बटन दबाने लगते हैं, लेकिन ऐसा करने से कोई फायदा नहीं होता। केवल इमरजेंसी बटन दबाकर जवाब का इंतजार करें। अगर इंटरकॉम सिस्टम काम कर रहा हो तो साफ और शांत आवाज में अपनी स्थिति बताएं। अगर मोबाइल नेटवर्क आ रहा हो तो बिल्डिंग सिक्योरिटी, परिवार या इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। अपनी लोकेशन और लिफ्ट नंबर बताना न भूलें।
जोर-जोर से चिल्लाने के बजाय समझदारी से मदद मांगें
कई बार लोग घबराकर लगातार चिल्लाने लगते हैं। इससे शरीर जल्दी थक जाता है और सांस फूलने लगती है। बेहतर तरीका यह है कि कुछ सेकंड के अंतराल पर साफ आवाज में मदद मांगें। जरूरत पड़े तो हल्के से दरवाजे या दीवार पर थपथपाएं ताकि बाहर मौजूद लोगों को पता चल सके कि अंदर कोई फंसा है। अगर लिफ्ट में और लोग हैं तो सभी को शांत रहने के लिए कहें। एक-दूसरे का हौसला बढ़ाना भी बहुत जरूरी होता है। गर्मी में बंद जगह पर ज्यादा बोलने या चिल्लाने से बेचैनी और बढ़ सकती है। इसलिए जितना संभव हो, ऊर्जा बचाकर रखें।
जबरदस्ती दरवाजा खोलने की गलती बिल्कुल न करें
लिफ्ट में फंसने के दौरान सबसे खतरनाक गलती होती है खुद से बाहर निकलने की कोशिश करना। कई बार लिफ्ट दो मंजिलों के बीच अटक जाती है। ऐसे में दरवाजा थोड़ा खुल भी जाए तो नीचे खाली जगह हो सकती है, जिससे गंभीर हादसा हो सकता है। कुछ लोग फिल्मों की तरह ऊपर चढ़ने या दरवाजा खींचने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसी तरह लिफ्ट में उछलना-कूदना या जोर से हिलाना भी खतरनाक है। इससे मशीनरी पर दबाव पड़ सकता है। याद रखें, लिफ्ट के अंदर इंतजार करना बाहर निकलने की गलत कोशिश करने से कहीं ज्यादा सुरक्षित होता है।
घुटन महसूस हो तो ये तरीके अपनाएं
गर्मी के मौसम में बंद लिफ्ट के अंदर तापमान तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को घुटन, चक्कर या बेचैनी महसूस होने लगती है। अगर ऐसा हो तो घबराएं नहीं। फर्श पर बैठ जाएं ताकि शरीर को आराम मिले। धीरे-धीरे लंबी सांस लें। टाइट कपड़े ढीले कर लें। ज्यादा बात करने से बचें और पानी हो तो थोड़ा-थोड़ा पिएं।
अगर किसी को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही हो तो उसे शांत रखें और लगातार बात करते रहें ताकि वह पैनिक में न जाए। बच्चों को डराने के बजाय सामान्य माहौल बनाए रखना जरूरी है।
आधुनिक लिफ्टों में मौजूद होता है सेफ्टी सिस्टम
आजकल ज्यादातर मॉडर्न लिफ्टों में ARD यानी ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस लगाया जाता है। बिजली जाने की स्थिति में यह सिस्टम एक्टिव होकर लिफ्ट को नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने की कोशिश करता है। कई लिफ्टों में बैकअप पावर के जरिए कुछ समय तक लाइट और वेंटिलेशन भी चालू रहता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ एडवांस सिस्टम लंबे समय तक एयर फ्लो बनाए रखने में सक्षम होते हैं। यानी हर स्थिति में दम घुटने का खतरा तुरंत नहीं होता। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स बार-बार शांत रहने की सलाह देते हैं। हालांकि पुराने भवनों में खराब मेंटेनेंस के कारण जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए जिस बिल्डिंग में आप रहते या काम करते हैं वहां लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग होना बेहद जरूरी है।
बच्चों और बुजुर्गों को पहले से दें जरूरी जानकारी
अक्सर बच्चे लिफ्ट में खेलते हैं या इमरजेंसी बटन को मजाक में दबा देते हैं। यह आदत खतरनाक हो सकती है। बच्चों को पहले से समझाएं कि लिफ्ट कोई खेलने की जगह नहीं है।
बुजुर्गों और दिल के मरीजों को भी यह जानकारी होनी चाहिए कि ऐसी स्थिति में क्या करना है। अगर किसी को क्लॉस्ट्रोफोबिया यानी बंद जगह से डर लगता है तो अकेले लिफ्ट इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
परिवार के सभी लोगों को बेसिक लिफ्ट सेफ्टी टिप्स पता हों तो इमरजेंसी में स्थिति संभालना आसान हो जाता है।
सही जानकारी और धैर्य ही सबसे बड़ी सुरक्षा
लिफ्ट में फंसना डरावना जरूर हो सकता है, लेकिन सही समझदारी से इसे सुरक्षित तरीके से संभाला जा सकता है। सबसे जरूरी बात है कि घबराकर गलत कदम न उठाएं। गर्मियों में बंद लिफ्ट के अंदर बेचैनी बढ़ सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखना ही सबसे बड़ा बचाव है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें, मदद आने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में रेस्क्यू टीम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लेती है। इसलिए शांत रहें, इमरजेंसी सिस्टम का इस्तेमाल करें और खुद से बाहर निकलने की कोशिश बिल्कुल न करें। यही सावधानी आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए सबसे सुरक्षित साबित होती है।


