Maa Bamleshwari Temple: डोंगरगढ़ में मां बमलेश्वरी के दर्शन होंगे आसान या बढ़ेगी भीड़? रेलवे ने जारी किया स्पेशल ट्रेन प्लान

Maa Bamleshwari Temple जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे ने 10 से 20 अक्टूबर तक विशेष इंतजाम किए हैं। जानें डोंगरगढ़-दुर्ग MEMU स्पेशल, विस्तारित ट्रेनों और 10 एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की पूरी जानकारी।

Jyotsana Singh
Published on: 11 Oct 2026 9:07 AM IST (Updated on: 11 Oct 2026 9:08 AM IST)
Maa Bamleshwari Temple: Special Trains, Routes and Timings for Navratri 2026
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Maa Bamleshwari Temple: Special Trains, Routes and Timings for Navratri 2026


Maa Bamleshwari Temple: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के दौरान दर्शन करने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है। हर साल नवरात्रि में यहां दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। पहाड़ी पर विराजमान मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए होने वाली इस भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत कुछ MEMU ट्रेनों का विस्तार किया गया है, डोंगरगढ़ और दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है और 10 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी डीएसके इलाकों से आने वाले यात्रियों को फायदा है। जा हा जा लांकि, यात्रा पर निकलने से पहले ट्रेन नंबर, तारीख और समय की पुष्टि कर लेना जरूरी है, क्योंकि सभी ट्रेनों का एक ही नहीं है।

मां बमलेश्वरी मंदिर का इतिहास क्या है?

डोंगरगढ़ का मां बमलेश्वरी मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह राजनांदगांव जिले में स्थित है और अपनी पहाड़ी पर बने मंदिर के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां दो प्रमुख धार्मिक स्थल हैं, जिनमें से एक पहाड़ी पर स्थित बड़ी बमलेश्वरी मंदिर और नीचे स्थित सीछोटी बमलेश्वरी मंदिर।

मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर स्थानीय परंपराओं और अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं में कई कथाएं प्रचलित हैं।

स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच मां बमलेश्वरी को शक्ति का स्वरूप माना जाता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना, माता के जयकारे और दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की भीड़ पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना देती है।

पहाड़ी पर विराजमान मां के दर्शन का क्या है महत्व?

डोंगरगढ़ स्थित बड़ी बमलेश्वरी मंदिर पहाड़ी की ऊंचाई पर बना है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों का रास्ता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुसार पहाड़ी पर चढ़कर माता के दर्शन करते हैं। इस यात्रा को कई भक्त आस्था और साधना से जोड़कर देखते हैं। मंदिर की पहाड़ी और उसके आसपास का प्राकृतिक वातावरण भी इसे खास बनाता है। नवरात्रि के समय यहां धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं और दूर-दूर से आने वाले परिवार माता के दर्शन के साथ पूजा-पाठ करते हैं।

मंदिर से जुड़ी स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भक्त मां से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। ये आस्था से जुड़ी मान्यताएं हैं, जिन्हें श्रद्धालु पीढ़ियों से मानते आए हैं।

नवरात्रि में क्यों उमड़ती है इतनी भीड़?

नवरात्रि देवी दुर्गा की उपासना का प्रमुख पर्व है। इन नौ दिनों में शक्ति के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसी कारण देशभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। डोंगरगढ़ में भी नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां आने वाले भक्त केवल छत्तीसगढ़ से ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं। रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए डोंगरगढ़ स्टेशन महत्वपूर्ण पड़ाव है। त्योहार के दिनों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनें और अस्थायी ठहराव जैसी व्यवस्थाएं सुविधाजनक एवं उपयोगी साबित होती हैं।

डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच चलेगी MEMU स्पेशल

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुताबिक, नवरात्रि मेले के दौरान ट्रेन नंबर 06886 डोंगरगढ़-दुर्ग MEMU स्पेशल 11 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे डोंगरगढ़ से रवाना होगी। वहीं, ट्रेन नंबर 06885 दुर्ग-डोंगरगढ़ MEMU स्पेशल दुर्ग से दोपहर 2:40 बजे चलेगी। इन ट्रेनों का ठहराव जटकन्हार, मुरसा, बाकल, राजनांदगांव, परमालकसा, मुड़हीपार और समड़ा स्टेशनों पर होगा। इससे रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सकती है।

रायपुर और गोंदिया के यात्रियों को भी राहत

रेलवे ने रायपुर-डोंगरगढ़ MEMU सेवा को गोंदिया तक विस्तारित किया है। ट्रेन नंबर 68729 रायपुर से रात 9:30 बजे चलकर रात 11:40 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 11:50 बजे गोंदिया के लिए रवाना होगी। इसके गोंदिया पहुंचने का समय रात 1:20 बजे निर्धारित है। वापसी में ट्रेन नंबर 68730 गोंदिया से रात 1:45 बजे चलेगी। यह सुबह 3:15 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी, 3:45 बजे रवाना होकर सुबह 8:16 बजे रायपुर पहुंचेगी।

इसके अलावा, दुर्ग-गोंदिया MEMU सेवा का भी रायपुर तक विस्तार किया गया है। ट्रेन नंबर 68741 रायपुर से सुबह 5:15 बजे चलेगी और सुबह 9:35 बजे गोंदिया पहुंचेगी। यह सुबह 6:20 बजे दुर्ग पहुंचकर 6:30 बजे आगे रवाना होगी। वापसी में ट्रेन नंबर 68742 गोंदिया से शाम 5:40 बजे चलकर रात 8:30 बजे दुर्ग पहुंचेगी और 8:40 बजे रवाना होकर रात 10:20 बजे रायपुर पहुंचेगी।

10 एक्सप्रेस ट्रेनों का डोंगरगढ़ स्टेशन पर ठहराव

नवरात्रि मेले के दौरान 10 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव दिया गया है। इनमें बिलासपुर-भगत की कोठी, भगत की कोठी-बिलासपुर, बिलासपुर-बीकानेर, बीकानेर-बिलासपुर, बिलासपुर-चेन्नई, चेन्नई-बिलासपुर, बिलासपुर-पुणे, पुणे-बिलासपुर, सिकंदराबाद-रायपुर और रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।

बिलासपुर-भगत की कोठी ट्रेन 12, 13 और 20 अक्टूबर को रात 9:56 से 9:58 बजे तक रुकेगी। भगत की कोठी-बिलासपुर ट्रेन 15 और 17 अक्टूबर को सुबह 5:40 से 5:42 बजे तक ठहरेगी। बिलासपुर-बीकानेर ट्रेन 15 और 17 अक्टूबर को रात 9:56 से 9:58 बजे तक, जबकि बीकानेर-बिलासपुर ट्रेन 18 और 20 अक्टूबर को सुबह 5:40 से 5:42 बजे तक रुकेगी।

बिलासपुर-चेन्नई ट्रेन को 18 अक्टूबर को दोपहर 12:16 से 12:18 बजे तक और चेन्नई-बिलासपुर ट्रेन को 19 अक्टूबर को सुबह 10:18 से 10:20 बजे तक ठहराव मिलेगा। बिलासपुर-पुणे ट्रेन 15 अक्टूबर को दोपहर 2:36 से 2:38 बजे तक और पुणे-बिलासपुर ट्रेन 16 अक्टूबर को सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12 बजे तक रुकेगी।

सिकंदराबाद-रायपुर ट्रेन 12, 14, 16 और 19 अक्टूबर को सुबह 10:46 से 10:48 बजे तक, जबकि रायपुर-सिकंदराबाद ट्रेन 13, 15, 17 और 20 अक्टूबर को शाम 6:30 से 6:32 बजे तक डोंगरगढ़ स्टेशन पर ठहरेगी।

दर्शन के लिए निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मां बमलेश्वरी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु ट्रेन की तारीख और समय पहले जांच लें। MEMU ट्रेनों के विस्तारित मार्ग और एक्सप्रेस ट्रेनों के अस्थायी ठहराव की जानकारी यात्रा के दिन रेलवे के आधिकारिक पूछताछ माध्यमों से दोबारा देखना बेहतर रहेगा। नवरात्रि के दौरान मंदिर में भीड़ अधिक होने की संभावना रहती है, इसलिए यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें। पहाड़ी मंदिर तक सीढ़ियों से जाने वाले श्रद्धालु पानी, आरामदायक जूते और अपनी जरूरत की दवाएं साथ रखें। बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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