Nag Panchami Special 2026: भारत से इटली तक सांपों के नाम पर होते हैं बड़े उत्सव, जानिए दुनिया की अनोखी परंपराएं

Nag Panchami Special 2026: भारत, नेपाल, इटली, मलेशिया और अफ्रीका तक कई देशों में सांपों को शक्ति, सुरक्षा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। जानिए दुनिया के सबसे अनोखे स्नेक फेस्टिवल्स के बारे में।

Jyotsana Singh
Published on: 5 Jun 2026 9:30 AM IST
Nag Panchami Special 2026 and Snake Festivals Around The World India To Italy Unique Snake Traditions 2026
X

Nag Panchami Special 2026 Snake Festivals Around The World

Nag Panchami Special 2026: भारत एक ऐसा देश हैं जहां जीव जंतुओं को किसी न किसी तरह से पूजनीय माना जाता है। जिनमें सांप को साक्षात शिव का रक्षक माना जाता है। वहीं अपने जहरीले दंश के कारण सांपों का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में यही सांप आस्था, संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा हैं। भारत से लेकर अफ्रीका और यूरोप तक ऐसे कई त्योहार मनाए जाते हैं जहां सांपों को देवता का दर्जा दिया जाता है, उनकी पूजा की जाती है और कुछ जगहों पर तो धार्मिक जुलूसों में जीवित सांपों को भी शामिल किया जाता है। ये त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच सदियों पुराने रिश्ते की झलक भी दिखाते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के 7 ऐसे अनोखे स्नेक फेस्टिवल्स के बारे में, जिनकी परंपराएं आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं।

नाग पंचमी: भारत और नेपाल का सबसे प्रसिद्ध सांपों का त्योहार

सावन के खास महीने में सांपों से जुड़े त्योहारों की बात हो और नाग पंचमी का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। भारत और नेपाल में मनाया जाने वाला यह त्योहार सावन महीने में आता है और नाग देवता को समर्पित होता है। इस दिन लोग मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुरक्षा, समृद्धि तथा अच्छी फसल की कामना करते हैं। हिंदू मान्यताओं में शेषनाग, वासुकी और तक्षक जैसे नागों का विशेष महत्व है। यही वजह है कि नाग पंचमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का भी प्रतीक माना जाता है।

सांपों की देवी मनसा मां की पूजा

पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश के कई इलाकों में मनसा पूजा का विशेष महत्व है। मनसा देवी को सांपों की देवी माना जाता है और मान्यता है कि उनकी पूजा करने से सर्पदंश और अन्य बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। मानसून के दौरान आयोजित होने वाले इस उत्सव में मिट्टी से बने नागों की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। लोकगीत, लोककथाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस त्योहार की पहचान हैं। ग्रामीण जीवन और लोक संस्कृति को समझने के लिए यह उत्सव बेहद खास माना जाता है।

मलेशिया का स्नेक टेंपल

मलेशिया के पेनांग में स्थित स्नेक टेंपल दुनिया के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर बौद्ध संत चोर सू कोंग को समर्पित है। मान्यता है कि संत ने सांपों को आश्रय दिया था, इसलिए आज भी मंदिर परिसर में कई सांप देखे जा सकते हैं। विशेष धार्मिक अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। यह स्थान सांपों और इंसानों के सह-अस्तित्व का अनूठा उदाहरण माना जाता है।

नागुला चविथी पर्व

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में मनाया जाने वाला नागुला चविथी भी नाग देवताओं को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार दीपावली के बाद मनाया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं व्रत रखती हैं और नाग देवताओं की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा की प्रार्थना करती हैं। दक्षिण भारत में यह त्योहार पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपराओं का अहम हिस्सा है।

बेनिन का पायथन फेस्टिवल

पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन के ओइदाह शहर में हर साल पायथन फेस्टिवल आयोजित किया जाता है। स्थानीय वोडुन परंपरा में पायथन को पवित्र जीव माना जाता है और उसे आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक समझा जाता है।

त्योहार के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, पारंपरिक नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। यहां स्थित पायथन मंदिर दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है और स्थानीय संस्कृति की अनूठी झलक पेश करता है।

नागोबा जातरा

तेलंगाना के केसलापुर गांव में आयोजित होने वाला नागोबा जातरा भारत के सबसे बड़े आदिवासी धार्मिक आयोजनों में से एक है। यह उत्सव गोंड समुदाय के कुलदेवता नागोबा यानी शेषनाग को समर्पित है। हर साल हजारों आदिवासी यहां एकत्र होकर पूजा-अर्चना करते हैं। लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक रीति-रिवाज इस आयोजन को बेहद खास बनाते हैं। यह त्योहार भारत की समृद्ध आदिवासी विरासत को भी सामने लाता है।

इटली का रितो देई सेरपारी

इटली के अब्रूज्जो क्षेत्र के कोकुल्लो गांव में हर साल 1 मई को रितो देई सेरपारी या स्नेक कैचर्स फेस्टिवल मनाया जाता है। यह दुनिया के सबसे अनोखे सांप उत्सवों में से एक माना जाता है। इस दौरान संत डोमिनिक की प्रतिमा को पूरे गांव में घुमाया जाता है और उस पर दर्जनों जीवित लेकिन गैर-जहरीले सांप लिपटे होते हैं। इतिहासकारों के अनुसार इस परंपरा की जड़ें प्राचीन रोमन सभ्यता तक जाती हैं और इसका संबंध सांपों की देवी एंगिटिया से भी माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक इस अनोखे दृश्य को देखने पहुंचते हैं।

क्यों खास हैं ये स्नेक फेस्टिवल?

दुनिया के ये त्योहार केवल सांपों की पूजा तक सीमित नहीं हैं। ये आयोजन इस बात का भी संकेत हैं कि अलग-अलग सभ्यताओं में सांपों को शक्ति, सुरक्षा, उर्वरता, पुनर्जन्म और प्रकृति के संतुलन के प्रतीक के रूप में देखा गया है। आधुनिक समय में जहां वन्यजीव संरक्षण की चर्चा बढ़ रही है, वहीं ये उत्सव इंसानों और वन्यजीवों के बीच जुड़ाव की भावना को भी मजबूत करते हैं।

Jyotsana Singh
ABOUT THE AUTHOR

Jyotsana Singh

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

Next Story