Rakhi 2026: रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यता और सही तरीका

Rakhi 2026: रक्षाबंधन के बाद राखी कब उतारनी चाहिए? जानें धार्मिक मान्यता, सही समय, राखी रखने और सम्मानपूर्वक निस्तारण का तरीका।

Jyotsana Singh
Published on: 20 Aug 2026 5:34 PM IST
Rakhi 2026: When Should You Remove Rakhi After Raksha Bandhan?
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Rakhi 2026: When Should You Remove Rakhi After Raksha Bandhan?


Rakhi 2026: रक्षाबंधन पर बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो उसके साथ सिर्फ एक धागा नहीं बांधती। उस धागे में भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और हर परेशानी से बचाव की कामना जुड़ी होती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का वादा करता है। यही वजह है कि राखी को भारतीय परंपरा में प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद का प्रतीक माना गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रक्षाबंधन के बाद इस राखी का क्या करना चाहिए? क्या इसे अगले दिन ही उतार देना सही है या कुछ दिनों तक कलाई पर रखना चाहिए? धार्मिक मान्यताओं में राखी उतारने और उसे रखने को लेकर कई परंपराएं प्रचलित हैं। मथुरा के ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार, रक्षाबंधन पर बांधा गया रक्षासूत्र भाई-बहन के प्रेम और मंगलकामना का प्रतीक है। इसे उतारते समय भी श्रद्धा और सम्मान का भाव रखना चाहिए। अलग-अलग परिवारों में राखी को कुछ दिनों तक कलाई पर रखने और बाद में विधि-विधान से सुरक्षित रखने या निस्तारित करने की परंपरा है। इसलिए राखी को जल्दबाजी में उतारकर फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक हटाना बेहतर माना जाता है।

रक्षाबंधन 2026 के बाद राखी कब उतारें?

धार्मिक मान्यता के अनुसार राखी को रक्षाबंधन के तुरंत बाद उतारने के बजाय कुछ समय तक कलाई पर रखना शुभ माना जाता है। कई जगहों पर कम से कम तीन दिन बाद राखी उतारने की परंपरा बताई जाती है। वहीं, कुछ परिवार इसे जन्माष्टमी तक कलाई पर रखने को शुभ मानते हैं। इसलिए राखी उतारने के लिए सभी के लिए एक ही दिन तय नहीं है। परिवार में चली आ रही परंपरा को प्राथमिकता दी जा सकती है। अगर राखी टूटने लगे, गंदी हो जाए या कलाई पर बांधे रखना मुश्किल हो तो उसे सम्मानपूर्वक उतार देना उचित माना जाता है।

राखी उतारने का सही समय क्या माना जाता है?

ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार मान्यता है कि राखी उतारने के लिए सुबह का समय अच्छा माना जाता है। स्नान आदि करने के बाद भगवान का स्मरण करते हुए राखी उतारी जा सकती है। इस दौरान भगवान गणेश या भगवान विष्णु का ध्यान करने और भाई की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करने की परंपरा कुछ परिवारों में है।

राखी उतारने के लिए कोई एक सर्वमान्य धार्मिक मुहूर्त निर्धारित नहीं है। शुभ समय का विचार परिवार की परंपरा, स्थानीय मान्यता और व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर करता है।

राखी उतारते समय क्या ध्यान रखें?

राखी को कलाई से उतारते समय उसे सामान्य धागे की तरह इधर-उधर फेंकना धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। इसे भाई-बहन के रिश्ते और शुभकामनाओं का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उतारने के बाद भी इसका सम्मान बनाए रखने की परंपरा है।ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार उतारी हुई साबुत राखी को साफ लाल कपड़े में लपेटकर सुरक्षित स्थान पर रखा जा सकता है। घर में पूजा का स्थान हो तो वहां भी इसे रखा जा सकता है। कुछ परिवार इसे घर में रखी धार्मिक वस्तुओं के साथ अगले रक्षाबंधन तक सुरक्षित रखते हैं।

क्या राखी को कूड़े में फेंक सकते हैं?

कई धार्मिक मान्यताओं में राखी को सीधे कूड़े में डालना अच्छा नहीं माना जाता। इसके पीछे धार्मिक भाव यह है कि जिस राखी को बहन ने भाई की कलाई पर शुभकामना और आशीर्वाद के साथ बांधा है, उसे सामान्य कचरे की तरह नहीं फेंकना चाहिए। इसे मुख्य रूप से आस्था और परंपरा से जुड़ी मान्यता के रूप में देखना चाहिए।

पुरानी राखी को कहां रखें?

अगर आप राखी को संभालकर रखना चाहते हैं तो उसे लाल या साफ कपड़े में बांधकर किसी स्वच्छ और सुरक्षित स्थान पर रख सकते हैं। कई परिवार पूजा स्थान को इसके लिए उपयुक्त मानते हैं। अगले रक्षाबंधन तक इसे सुरक्षित रखने की परंपरा भी कुछ घरों में है।

अगले साल नई राखी बांधने के बाद पुरानी राखी का सम्मानपूर्वक निस्तारण किया जा सकता है। कुछ धार्मिक परंपराओं में इसे बहते जल में प्रवाहित करने की बात कही जाती है। यहां पर्यावरण का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। आजकल राखियों में प्लास्टिक, धातु, चमकीले सिंथेटिक पदार्थ और अन्य सजावटी सामग्री का इस्तेमाल होता है। ऐसी राखी को नदी या तालाब में प्रवाहित करने से जल प्रदूषण हो सकता है। इसलिए ऐसी सामग्री को पानी में डालने के बजाय सुरक्षित तरीके से निस्तारित करना बेहतर है।

राखी उतारने के बाद दान करना भी शुभ

रक्षाबंधन के साथ दान और सेवा की भावना भी जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्योहार के आसपास जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना शुभ माना जाता है। इसलिए राखी उतारने के दिन अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को भोजन, कपड़े या उपयोगी सामान दिया जा सकता है।

इसका उद्देश्य केवल धार्मिक फल की कामना करना नहीं, बल्कि त्योहार की खुशियां दूसरों के साथ बांटना भी है। आपकी इस तरह से की गई छोटी-सी मदद भी रक्षाबंधन की भावना को कहीं ज्यादा सार्थक बना सकती है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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