Pradosh Vrat Upay: शनि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव को जरूर अर्पित करें काले तिल, दूर होंगे सारे कष्ट

Pradosh Vrat Upay: धार्मिक ग्रन्थों में प्रदोष व्रत को भी लाभकारी बताया है। हर महीने में दो बार जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है उस दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है।

Vidushi Mishra
Published on: 4 Nov 2022 6:31 PM IST
pradosh vrat
X

शनि प्रदोष व्रत (फोटो- सोशल मीडिया)

Pradosh Vrat Upay in Hindi: हिंदू धर्म में व्रत करने का विधान है। विशेष तिथि को व्रत भगवान को समर्पित व्रत करने का विशेष महत्व है। ऐसे में धार्मिक ग्रन्थों में प्रदोष व्रत को भी लाभकारी बताया है। हर महीने में दो बार जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है उस दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। ऐसे में इस बार नवंबर में प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ रहा है। इसलिए इस प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व है। साथ ही शनिवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ने से शनि देव की भी विशेष कृपा पाने का शुभ अवसर है।

शनि प्रदोष व्रत के बारे में धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक, कार्तिक शुक्ल की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस नवंबर माह में 5 नवंबर दिन शनिवार को शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ऐसी मान्यता है कि शनि प्रदोष व्रत के दिन कुछ विशेष उपाय करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और धन-धान्य बना रहता है। आइए बताते हैं कि शनि प्रदोष के दिन कौन से उपाय करना बेहद कल्याणकारी होता है।

शनि प्रदोष व्रत 2022 का शुभ मुहूर्त

शनि प्रदोष व्रत दिनांक- 5 नवंबर शनिवार

शुभ मुहूर्त- शाम 5 बजकर 06 मिनट से शुरू होकर 06 नवंबर दिन रविवार शाम 04 बजकर 26 मिनट तक।

भगवान शिव जी को काले तिल चढ़ाने का विशेष महत्व

शनिवार को शनि प्रदोष व्रत के अवसर पर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। विशेष उपाय ये है कि भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए जल के लोटे में काले तिल जरूर डाल लें। इसके बाद शिव पंचाक्षर मंत्र 'ऊँ नम: शिवाय' का जाप करते हुए भगवान शिव को अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान शिव बहुत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर अपनी कृपा बनाएं रखते हैं।

शनि प्रदोष के दिन शनि देव की पूजा का विशेष महत्व

शनि प्रदोष व्रत के दिन शनिवार को भगवान शिव के साथ शनि देव की पूजा का भी विशेष महत्व है। शनिदेव की पूजा करना बहुत कल्याणकारी होता है। शनि प्रदोष व्रत के दिन छाया दान करना बहुत शुभ माना गया है।

छाया दान करने के लिए एक कटोरी या मिट्टी के दीपक में सरसों का तेल लें लें। फिर उसमें एक रुपये का सिक्का डाल दें। अब इसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद शनि मंदिर में दान कर दें। फिर शनिवार की शाम को एक काले कुत्ते को रोटी में कुछ मीठा डालकर जरूर खिलाएं। ऐसी मान्यता है कि ये उपाय करने से शनि की साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है और शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

Vidushi Mishra
ABOUT THE AUTHOR

Vidushi Mishra

vidushimishra1995.vm@gmail.com
Next Story