Snoring Causes: खर्राटों को न समझें गहरी नींद की निशानी! शरीर में छिपी इस गंभीर बीमारी का हो सकता है बड़ा अलर्ट

Snoring Causes: बार-बार खर्राटे लेना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि मोटापा, स्लीप एपनिया और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।

Akriti Pandey
Published on: 14 Jun 2026 6:10 AM IST
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Snoring Causes: आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, बढ़ता मोटापा, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण खर्राटों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले इसे सामान्य माना जाता था, लेकिन अब स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार खर्राटे लेना कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। इसलिए इसे केवल एक आदत समझकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

आखिर क्यों आते हैं खर्राटे?

मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, खर्राटे तब आते हैं जब नींद के दौरान सांस लेने का रास्ता पूरी तरह खुला नहीं रह पाता। सामान्य स्थिति में हवा नाक और गले से होकर फेफड़ों तक पहुंचती है। लेकिन जब इस रास्ते में किसी प्रकार की रुकावट आती है, तो हवा को अधिक दबाव के साथ गुजरना पड़ता है। इस दौरान गले के आसपास मौजूद ऊतक (टिश्यू) कंपन करने लगते हैं और यही कंपन खर्राटों की आवाज पैदा करता है। सांस का रास्ता जितना अधिक संकरा होगा, खर्राटों की आवाज भी उतनी ही तेज हो सकती है।

मोटापा बढ़ा सकता है खर्राटों का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ता हुआ वजन खर्राटों (Snoring Causes) की सबसे प्रमुख वजहों में से एक है। जब शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने लगती है, तो इसका असर केवल पेट और कमर पर ही नहीं पड़ता, बल्कि गले के आसपास भी फैट जमा हो सकता है। गले के आसपास बढ़ी हुई चर्बी सांस लेने के मार्ग को संकरा बना देती है। रात में सोते समय शरीर की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से ढीली पड़ जाती हैं, जिससे हवा के प्रवाह में और अधिक बाधा आती है। यही कारण है कि अधिक वजन वाले लोगों में खर्राटों की समस्या अधिक देखी जाती है।

शराब और नींद की दवाएं भी बन सकती हैं कारण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि शराब का सेवन और कुछ प्रकार की नींद की दवाएं भी खर्राटों की समस्या को बढ़ा सकती हैं। ये पदार्थ गले और श्वसन मार्ग की मांसपेशियों को जरूरत से ज्यादा आराम की स्थिति में पहुंचा देते हैं। जब मांसपेशियां अत्यधिक ढीली हो जाती हैं, तो सांस का रास्ता सिकुड़ सकता है और हवा के गुजरने में रुकावट पैदा हो सकती है। इससे खर्राटों की आवाज तेज होने लगती है और कुछ मामलों में सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।

नाक से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं जिम्मेदार

लंबे समय तक रहने वाली एलर्जी, साइनस की समस्या या नाक के अंदर सूजन भी खर्राटों का एक महत्वपूर्ण कारण बन सकती है। जब नाक से हवा का प्रवाह बाधित होता है, तो व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है। मुंह से सांस लेने की स्थिति में खर्राटों की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को बार-बार नाक बंद रहने या एलर्जी की समस्या रहती है, तो उसे इसका इलाज कराना चाहिए।

कब बन सकते हैं खर्राटे गंभीर समस्या?

डॉक्टरों के अनुसार, कभी-कभार आने वाले हल्के खर्राटे आमतौर पर चिंता का विषय नहीं होते। लेकिन यदि खर्राटे रोजाना आते हों, उनकी आवाज बहुत तेज हो या उनके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। विशेष रूप से यदि सोते समय सांस रुकने लगे, अचानक घुटन महसूस हो, बार-बार नींद टूटे या सुबह उठने पर अत्यधिक थकान महसूस हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया का हो सकता है संकेत

लगातार और तेज खर्राटों को कई बार ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) नामक गंभीर नींद संबंधी विकार से जोड़ा जाता है। इस स्थिति में सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए बार-बार रुक जाती है। कई लोगों को इसका पता भी नहीं चलता, लेकिन शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। लंबे समय तक यह समस्या बनी रहने पर हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, याददाश्त में कमी और दिनभर अत्यधिक नींद आने जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।

समय पर जांच और इलाज है जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि खर्राटे लगातार बढ़ रहे हैं या उनके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से न केवल खर्राटों की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से भी बचा जा सकता है।

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Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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