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Social Media Awareness: सोशल मीडिया पर डर का कारोबार, धर्म और ज्योतिष के नाम पर पाखंड से सावधान
Social Media Awareness Scam: आजकल सोशल मीडिया पर धर्म, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत और टोना-टोटका के नाम पर डर का बड़ा कारोबार चल रहा है।
Social Media Awareness Scam
Social Media Awareness Scam: आजकल सोशल मीडिया पर धर्म, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत और टोना-टोटका के नाम पर डर का बड़ा कारोबार चल रहा है। कोई कहता है, “आप पर काला साया है।” कोई नींबू काटकर वीडियो बनाता है। कोई दावा करता है, “किसी ने आप पर जादू करा दिया है।” अंत में लगभग हर जगह एक ही बात कही जाती है— “इलाज चाहिए तो संपर्क करें।”
यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ‘पॉडकास्ट’ (‘Podcast’) जैसे माध्यमों पर नकली डरावनी कहानियाँ, मनगढ़ंत अनुभव और भय पैदा करने वाली ज्योतिषीय बातें सुनाकर लोगों को मानसिक रूप से कमजोर किया जा रहा है। उद्देश्य यही होता है कि लोग डरें, असहाय महसूस करें और फिर समाधान के नाम पर पैसा दें।
ज़रा सोचिए, अगर सड़क पर पड़ा एक नींबू आपकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है, तो फिर आपकी मेहनत, आपका आत्मविश्वास और ईश्वर पर आपका विश्वास इतना कमजोर कैसे हो गया? सच्चाई यह है कि ज्यादातर मामलों में यह केवल मनोवैज्ञानिक डर, अंधविश्वास और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने का तरीका होता है। पहले डर पैदा किया जाता है, फिर समस्या बताई जाती है और अंत में पैसे लेकर ‘उपाय’ बेचा जाता है। यही इस पूरे पाखंड का असली मॉडल है।
ऐसे पाखंड से बचने के लिए क्या करें?
जो व्यक्ति पहले आपको डराए और फिर पैसे लेकर समाधान देने की बात करे, उससे सावधान रहें। हर समस्या को ‘भूत-प्रेत’, ‘जादू-टोना’ या ‘काला साया’ बताने वाले लोग अक्सर आपके डर का व्यापार करते हैं। सच्चा अध्यात्म मनुष्य को मजबूत बनाता है, डरपोक नहीं। हर वायरल वीडियो, हर ‘पॉडकास्ट’ और हर बाबा सच नहीं होता। पहले जानकारी जुटाएँ, तर्क लगाएँ और फिर विश्वास करें।
मानसिक तनाव, बीमारी, असफलता या पारिवारिक समस्याओं का कारण हमेशा कोई ‘ऊपरी शक्ति’ नहीं होती। कई बार इनके पीछे स्वास्थ्य, मनोविज्ञान, आर्थिक दबाव, पारिवारिक तनाव या सामाजिक परिस्थितियाँ होती हैं। धर्म का वास्तविक अर्थ विवेक, शांति, करुणा और आत्मबल है। जहाँ डर बेचकर पैसा कमाया जाए, वहाँ अध्यात्म कम और धंधा ज्यादा होता है।


