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रात में फोन चलाने की आदत आज ही छोड़ें! सोने से 1 घंटे पहले मोबाइल बंद करने से शरीर में क्या होता है?
Stop Using Phone 1 Hour Before Bed: इसका सबसे बड़ा असर नींद, आंखों और अगले दिन की ऊर्जा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल फोन और दूसरी स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
Stop Using Phone 1 Hour Before Bed
Stop Using Phone 1 Hour Before Bed: आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक लोग लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। खासकर रात में बिस्तर पर जाने के बाद रील्स, सोशल मीडिया, वीडियो और मैसेज देखने की आदत तेजी से बढ़ी है।
इसका सबसे बड़ा असर नींद, आंखों और अगले दिन की ऊर्जा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल फोन और दूसरी स्क्रीन से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।
सोने से एक घंटे पहले फोन दूर रखने से क्या होता है?
एक्सपर्ट के अनुसार, सोने से कम से कम एक घंटे पहले फोन को दूर रखने या बंद करने से शरीर और दिमाग को नींद के लिए स्वाभाविक रूप से तैयार होने का समय मिलता है।
हमारे सोने और जागने की प्रक्रिया शरीर की सर्केडियन रिदम (Circadian Rhythm) से नियंत्रित होती है। रात के समय मोबाइल और अन्य स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी, खासकर नीली रोशनी (Blue Light), मेलाटोनिन (Melatonin) हार्मोन के स्राव को प्रभावित कर सकती है। मेलाटोनिन शरीर को यह संकेत देने में मदद करता है कि अब आराम और सोने का समय है।
इसलिए सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाने से शरीर को प्राकृतिक रूप से नींद के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है।
फोन देखने से दिमाग क्यों रहता है एक्टिव?
रात में फोन का नुकसान केवल स्क्रीन की रोशनी तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना, रील्स देखना, न्यूज पढ़ना, काम से जुड़े मैसेज देखना या लगातार आने वाले नोटिफिकेशन दिमाग को सक्रिय बनाए रख सकते हैं।
कई बार लोग केवल कुछ मिनट के लिए फोन उठाते हैं, लेकिन लगातार कंटेंट देखने के कारण पता ही नहीं चलता कि कब सोने का समय आगे निकल गया। इससे नींद की कुल अवधि कम हो सकती है और अगले दिन थकान महसूस हो सकती है।
फोन की जगह किताब पढ़ना हो सकता है बेहतर विकल्प
अगर आप सोने से पहले फोन चलाने की आदत छोड़ना चाहते हैं तो इस समय को किसी शांत गतिविधि में बदल सकते हैं। किताब पढ़ना, हल्की स्ट्रेचिंग करना, ध्यान लगाना या परिवार के साथ शांत बातचीत करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
ऐसा करने से सोने से पहले दिमाग को स्क्रीन और लगातार मिलने वाली डिजिटल उत्तेजनाओं से ब्रेक मिल सकता है।
केवल फोन बंद करना ही काफी नहीं
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल रात में फोन बंद कर देना हर तरह की नींद की समस्या का समाधान नहीं है। अच्छी नींद के लिए पर्याप्त नींद लेना, रोजाना लगभग एक ही समय पर सोना और जागना तथा स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखना भी जरूरी है।
अगर रात में फोन से दूरी बनाने की आदत नियमित रूप से अपनाई जाए तो यह नींद की गुणवत्ता और अगले दिन की ऊर्जा के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसलिए आज रात से सोने के समय से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल को साइड में रखने की कोशिश की जा सकती है।


