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Frog Pose Yoga: पीठ दर्द और कंधे की जकड़न से हैं परेशान? बस 5 मिनट करें ये 1 आसन...सांस की तकलीफ से भी मिलेगा छुटकारा
Frog Pose Yoga: अनियमित जीवनशैली से बढ़ती समस्याओं के बीच आयुष मंत्रालय ने उत्तानमंडूकासन को पीठ दर्द, पाचन और सांस सुधार के लिए असरदार बताया।
Frog Pose Yoga
Uttanmandukasan Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक लैपटॉप और मोबाइल पर काम करना आम हो गया है। गलत मुद्रा में बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी, तनाव और अनियमित खान-पान के कारण पीठ दर्द, गर्दन और कंधों में जकड़न, सांस लेने में दिक्कत और पाचन संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में इन दिक्कतों से राहत पाने के लिए प्राकृतिक और आसान उपायों की जरूरत महसूस होती है।
आयुष मंत्रालय की सलाह: उत्तानमंडूकासन
Ministry of AYUSH इन समस्याओं से राहत के लिए ‘उत्तानमंडूकासन’ के नियमित अभ्यास की सलाह देता है। इसे मेंढक मुद्रा भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें शरीर की आकृति मेंढक(Frog Pose Yoga) जैसी बनती है। यह एक सरल और प्रभावी योगासन है, जिसे रोजमर्रा की दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
उत्तानमंडूकासन के फायदे
यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है, जिससे पीठ और कमर दर्द में राहत मिलती है। कंधों और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आने से जकड़न कम होती है और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है। साथ ही, यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में भी मदद करता है। गहरी सांस लेने की प्रक्रिया से श्वसन तंत्र मजबूत होता है और सांस संबंधी दिक्कतें कम होती हैं। पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ने से पाचन तंत्र बेहतर होता है, गैस और अपच की समस्या घटती है तथा शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
ऐसे करें अभ्यास
योग विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे पहले वज्रासन में बैठें। फिर दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं। रीढ़ सीधी रखें और सामने देखें। सामान्य रूप से सांस लेते हुए 20 से 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएं। शुरुआत में 2 से 3 बार अभ्यास करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
सावधानियां जरूरी
घुटने, टखने या गंभीर पीठ दर्द से पीड़ित लोग अभ्यास से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लें। गर्भवती महिलाओं को भी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए।


