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न वनीला मिलाई जाती है, न आसानी से जमता है, क्या है Vanille Elatis शहद की खासियत?
ग्रीस का दुर्लभ Vanille Elatis शहद अपने मोती जैसे हल्के रंग और मलाईदार बनावट के लिए मशहूर है। जानें इसकी 5 खास बातें, PDO प्रमाणन, भारत में कीमत और असली शहद की पहचान।
Vanille Elatis Honey Full Information in Hindi | Lifestyle Latest News | Newstrack Hindi Samachar
Vanille Elatis Honey Full Information in Hindi: दुनिया में शहद की ज्यादातर किस्में सुनहरी या भूरी दिखाई देती हैं, लेकिन ग्रीस में मिलने वाला Vanille Elatis अपने हल्के, मोती जैसी चमक वाले रंग और मलाईदार बनावट के लिए जाना जाता है। इसका पूरा नाम Meli Elatis Menalou Vanilia है। यह ग्रीस के पेलोपोनीज़ क्षेत्र के मैनालो पर्वतीय इलाके में तैयार होने वाला खास शहद है। Vanille Elatis की असली खासियत किसी चमत्कारी औषधीय गुण में नहीं, बल्कि इसकी दुर्लभ उत्पत्ति, हल्के रंग, चिकनी बनावट और विशिष्ट स्वाद में है। शहद की अलग-अलग किस्मों को चखने में रुचि रखने वालों के लिए यह एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है।
इसे यूरोपीय संघ से संरक्षित भौगोलिक पहचान यानी PDO का दर्जा मिला है। इसका मतलब है कि इस नाम से बिकने वाले प्रमाणित शहद का संबंध तय भौगोलिक क्षेत्र और निर्धारित उत्पादन मानकों से होना चाहिए। लेकिन आखिर यह शहद सामान्य शहद से अलग कैसे बनता है?
इसकी पाँच खास बातें
1. यह फूलों के रस से नहीं, पेड़ों पर बने मीठे पदार्थ से तैयार होता है।
आमतौर पर मधुमक्खियाँ फूलों से मकरंद इकट्ठा करके शहद बनाती हैं। Vanille Elatis एक खास तरह का वन-मधु है, जिसे हनीड्यू शहद कहते हैं। इसमें मधुमक्खियाँ फर जैसे पेड़ों पर रहने वाले रस चूसने वाले कीटों द्वारा छोड़े गए शर्करायुक्त पदार्थ को इकट्ठा करती हैं। इसी से यह शहद तैयार होता है।
2. इसमें वनीला नहीं मिलाई जाती।
नाम में Vanilia होने के बावजूद यह शहद वनीला की फलियों या कृत्रिम सुगंध से नहीं बनता। इसका नाम इसकी हल्की, क्रीम जैसी रंगत से जुड़ा है। इसका स्वाद आमतौर पर हल्का मीठा और कभी-कभी कैरेमल जैसा बताया जाता है।
3. यह आसानी से दानेदार नहीं होता।
कई तरह के शहद कुछ समय बाद जमने लगते हैं और उनमें चीनी जैसे छोटे-छोटे क्रिस्टल बनने लगते हैं। Vanille Elatis में ऐसा होने की प्रवृत्ति कम होती है। इसलिए यह लंबे समय तक चिकना और गाढ़ा बना रह सकता है।
4. इसका उत्पादन सीमित और मौसम पर निर्भर है।
इस शहद का बनना पर्वतीय जंगलों, पेड़ों पर रहने वाले कीटों की सक्रियता और मौसम पर निर्भर करता है। इन परिस्थितियों में बदलाव के कारण हर साल समान मात्रा में शहद मिलना जरूरी नहीं है। यही इसकी दुर्लभता की एक बड़ी वजह है।
5. इसमें खनिज होते हैं, लेकिन इसे दवा नहीं समझना चाहिए।
दूसरे वन-मधुओं की तरह इसमें भी पोटैशियम, मैग्नीशियम और कुछ अन्य खनिज हो सकते हैं। हालांकि, इसे सामान्य शहद से बेहतर औषधि या किसी बीमारी का इलाज मानने के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय प्रमाण नहीं हैं। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी यह शर्करा का स्रोत है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
भारत में कितनी है कीमत?
भारत में इसकी एक ऑनलाइन बिक्री सूची Elenianna India पर दिखाई गई है। इसकी 300 ग्राम की कीमत 1,325 रुपये है। ग्रीस में भी यह शहद मिलता है। दी गई बिक्री सूचियों के अनुसार, Filomelo पर एक किलो का जार लगभग 17 यूरो और Honey Center पर 700 ग्राम का जार लगभग 14 यूरो में सूचीबद्ध है। अंतरराष्ट्रीय परिवहन, आयात शुल्क और दूसरे खर्च अलग से जुड़ सकते हैं।
अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं, तो पैकिंग पर Meli Elatis Menalou Vanilia, मूल देश Greece और PDO प्रमाणन की जानकारी देखें। केवल Vanilla Honey लिखा होने से यह ग्रीस का वही प्रमाणित शहद नहीं हो जाता।
इस शहद का रंग और बनावट ऐसी क्यों है?
Vanille Elatis की सबसे दिलचस्प बात इसका हल्का, मोती जैसा रंग है। सामान्य शहद का रंग फूलों के मकरंद, उसमें मौजूद प्राकृतिक रंगद्रव्यों और दूसरे घटकों के आधार पर हल्के सुनहरे से गहरे भूरे तक हो सकता है। लेकिन Vanille Elatis की पहचान इसकी असामान्य हल्की रंगत है। इसका संबंध केवल इसके नाम या दिखावट से नहीं, बल्कि इस बात से भी है कि यह शहद किस स्रोत से बनता है।
फूलों के मकरंद से बनने वाले शहद और हनीड्यू शहद के बीच एक अहम अंतर उनके शुरुआती कच्चे पदार्थ का है। हनीड्यू शहद में मधुमक्खियाँ पेड़ों पर रहने वाले कुछ कीटों द्वारा छोड़े गए मीठे पदार्थ को इकट्ठा करती हैं। इस पदार्थ की रासायनिक संरचना फूलों के मकरंद से अलग होती है। यही अंतर शहद के स्वाद, सुगंध, खनिजों और शर्करा की बनावट को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, हर हनीड्यू शहद का रंग या स्वाद एक जैसा नहीं होता।
इसकी चिकनी बनावट का संबंध भी शहद में मौजूद अलग-अलग शर्कराओं के अनुपात से है। सामान्य तौर पर ग्लूकोज आसानी से क्रिस्टल बना सकता है, जबकि फ्रक्टोज अधिक आसानी से तरल अवस्था में रहता है। शहद में इन शर्कराओं का अनुपात, पानी की मात्रा और भंडारण का तापमान तय करते हैं कि वह कितनी जल्दी जमने लगेगा। Vanille Elatis में क्रिस्टल बनने की प्रवृत्ति कम बताई जाती है, इसलिए इसकी बनावट लंबे समय तक चिकनी रह सकती है।
फिर भी, शहद का रंग या उसका देर से जमना अपने आप में शुद्धता अथवा बेहतर गुणवत्ता का प्रमाण नहीं है। असली पहचान के लिए उसकी उत्पत्ति, प्रमाणन, पैकिंग और विश्वसनीय विक्रेता की जानकारी अधिक महत्वपूर्ण है। Vanille Elatis को खास बनाने वाली बात इन प्राकृतिक विशेषताओं का एक साथ मिलना है।


