Vitamin D की गोली खुद से लेना और फिर बंद कर देना कितना खतरनाक? जानें सही तरीका

Vitamin D Tablets: आज के समय में भारतीयों में विटामिन डी की कमी काफी आम मानी जाती है। इसी वजह से कई लोग इसकी कमी पूरी करने के लिए सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं।

Priya Singh Bisen
Published on: 18 Aug 2026 3:20 PM IST
Vitamin D deficiency
X

Vitamin D deficiency

Vitamin D Tablets: विटामिन डी (Vitamin D) शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह शरीर में कैल्शियम के अवशोषण (Calcium Absorption) में अहम भूमिका निभाता है, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों की सेहत बेहतर बनी रहती है। बच्चों में विटामिन डी की कमी होने पर रिकेट्स (Rickets), जबकि बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया (Osteomalacia), हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

आज के समय में भारतीयों में विटामिन डी की कमी काफी आम मानी जाती है। इसी वजह से कई लोग इसकी कमी पूरी करने के लिए सप्लीमेंट (Vitamin D Supplements) लेना शुरू कर देते हैं। लेकिन परेशानी तब हो सकती है, जब कोई व्यक्ति बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के खुद से विटामिन डी की गोली लेना शुरू कर दे और कुछ समय बाद अपनी मर्जी से उसे बंद भी कर दे।

भारतीयों में विटामिन डी की कमी कितनी आम

पबमेड (PubMed) में प्रकाशित साउथ एशियन स्टडीज (South Asian Studies) की 65 स्टडी का जिक्र किया गया है। इन अध्ययनों में कुल 44,717 लोग शामिल थे, जिनमें 68 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई गई। भारतीयों के आंकड़ों में यह करीब 67 फीसदी था।

हालांकि, अलग-अलग स्टडी, आबादी और विटामिन डी की कमी तय करने के अलग-अलग मानकों की वजह से इन आंकड़ों को पूरे भारत की मौजूदा आबादी पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। फिर भी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय आबादी में विटामिन डी की कमी एक आम समस्या है।

बिना सलाह के विटामिन डी लेना क्यों हो सकता है नुकसानदायक

Expert के मुताबिक विटामिन डी की जरूरत और इसकी कमी हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। इसलिए बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के हाई डोज विटामिन डी (High Dose Vitamin D) लेना सही तरीका नहीं है।

विटामिन डी फैट में घुलने वाला विटामिन (Fat Soluble Vitamin) है। इसका मतलब है कि इसकी ज्यादा मात्रा शरीर में जमा हो सकती है। इसलिए केवल शरीर में दर्द, कमजोरी या थकान महसूस होने पर खुद से इसकी गोली शुरू करना उचित नहीं माना जाता।

ज्यादा विटामिन डी लेने से क्या हो सकता है

विशेषज्ञ के अनुसार, शरीर में विटामिन डी की मात्रा बहुत ज्यादा होने पर खून में कैल्शियम का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ सकता है। इसे हाइपरकैल्सीमिया (Hypercalcemia) कहा जाता है।

कैल्शियम बढ़ने की स्थिति में मतली, कमजोरी, भूख कम लगना, बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और डिहाइड्रेशन (Dehydration) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा किडनी में पथरी (Kidney Stones) जैसी परेशानी का खतरा भी बढ़ सकता है।

डॉक्टर की बताई मात्रा और अवधि का ही करें पालन

अगर डॉक्टर ने जांच और जरूरत के आधार पर विटामिन डी सप्लीमेंट लेने की सलाह दी है, तो उसकी बताई हुई मात्रा और अवधि का ही पालन करना चाहिए। ज्यादा डोज लेने का मतलब यह नहीं है कि शरीर को ज्यादा फायदा मिलेगा।

विटामिन डी को भी दूसरी दवाओं की तरह ही सावधानी के साथ लेना जरूरी है। सही व्यक्ति को, सही मात्रा में और सही समय तक दिया गया विटामिन डी ही सुरक्षित और उपयोगी माना जाता है।

धूप से भी पूरा हो सकता है विटामिन डी

विटामिन डी का एक प्रमुख प्राकृतिक स्रोत धूप (Sunlight) है। त्वचा पर धूप पड़ने पर शरीर में विटामिन डी बनता है। हालांकि उम्र, त्वचा का पिगमेंटेशन और शरीर को ढककर रखने जैसी स्थितियों का असर शरीर में विटामिन डी बनने की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों (Vitamin D Rich Foods) से भी विटामिन डी प्राप्त किया जा सकता है। फैटी फिश, अंडे की जर्दी, लिवर, चीज, देसी घी और मशरूम इसके स्रोत बताए गए हैं। फोर्टिफाइड फूड (Fortified Foods) भी विटामिन डी की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं।

Vitamin D को लेकर लापरवाही से बचना जरूरी

कुल मिलाकर विटामिन डी शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी गोली अपनी मर्जी से शुरू करना और फिर बिना सलाह के बंद कर देना सही तरीका नहीं है। इसकी जरूरत व्यक्ति की स्थिति के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए सप्लीमेंट लेने से पहले जरूरत का आकलन और सही डोज तय करना जरूरी है।

Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Content Writer Mail ID - Priyasinghbisen96@gmail.comPriyasinghbisen96@gmail.com

Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

Next Story