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Waltz Real ICE Cream: अब सिर्फ असली आइस क्रीम बेचेगी वाल्ट्ज, तो सालों से क्या खा रहे थे आप?
Waltz Real ICE Cream Truth: अब सिर्फ असली आइस क्रीम बेचेगी वाल्ट्ज, तो आप सालों से जो खा रहे हैं वो है क्या?
Waltz Real ICE Cream vs Frozen Dessert Truth Explained in Hindi
Waltz Real ICE Cream Truth: आइस क्रीम बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी 'वाल्ट्ज' ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने कहा है कि वो अब दुनियाभर में सिर्फ मिल्क बेस्ड आइस क्रीम ही बेचेगी और फ्रोजेन डेजर्ट से पूरी तरह किनारा कर लेगी। यह फैसला सुनने में भले ही साधारण लगे, लेकिन यह उस बड़े सवाल की तरफ इशारा करता है जो भारत समेत दुनिया के कई देशों में दशकों से उठता रहा है कि आखिर जो हम आइस क्रीम समझकर खाते हैं, वो सच में आइस क्रीम है भी या नहीं?
फ्रोजेन डेजर्ट क्या होता है?
फ्रोजेन डेजर्ट वो फ्रोजेन मिठाई है जो देखने में, खाने में और पैक होने में बिल्कुल आइस क्रीम जैसी लगती है, लेकिन इसमें दूध की मलाई यानी डेयरी फैट की जगह वनस्पति तेल या वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल किया जाता है। सीधे शब्दों में कहें तो यह आइस क्रीम की तरह दिखने वाला एक विकल्प है जिसमें असली दूध की वसा नहीं होती।
फ्रोजेन डेजर्ट बनाने में ज्यादातर पाम ऑयल, हाइड्रोजिनेटेड वेजिटेबल ऑयल या कोकोनट ऑयल जैसे वनस्पति वसा का उपयोग होता है। इसके अलावा इसमें दूध के ठोस पदार्थ, चीनी, इमल्सीफायर, स्टेबलाइजर और कृत्रिम या प्राकृतिक रंग व स्वाद भी मिलाए जाते हैं। तकनीकी रूप से यह एक प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट है जिसे कानूनी तौर पर आइस क्रीम नहीं कहा जा सकता।
कानून क्या कहता है?
भारत में एफएसएसएआई यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, किसी उत्पाद को आइस क्रीम तब ही कहा जा सकता है जब उसमें कम से कम 10% डेयरी फैट हो। अगर किसी उत्पाद में डेयरी फैट की यह न्यूनतम मात्रा नहीं है और उसकी जगह वेजिटेबल फैट का उपयोग किया गया है, तो उसे 'फ्रोजेन डेजर्ट' लेबल करना अनिवार्य है। हालांकि, यह अंतर पैकिंग में अक्सर बहुत छोटे अक्षरों में लिखा होता है जिसे उपभोक्ता नजरअंदाज कर देते हैं।
आइस क्रीम और फ्रोजेन डेजर्ट में असली फर्क
आइस क्रीम और फ्रोजेन डेजर्ट के बीच का सबसे बुनियादी फर्क उनमें मौजूद फैट के स्रोत का है। यह फर्क न केवल स्वाद और बनावट में झलकता है, बल्कि शरीर पर इनके असर में भी साफ दिखता है।
असली आइस क्रीम में फैट का स्रोत दूध और क्रीम होती है यानी यह पशु आधारित डेयरी फैट है। वहीं फ्रोजेन डेजर्ट में वनस्पति फैट का उपयोग होता है, जो अक्सर पाम ऑयल या इससे बने हाइड्रोजिनेटेड उत्पाद होते हैं।
अगर आप ध्यान दें तो असली आइस क्रीम मुंह में जाते ही तुरंत पिघलती है और एक मलाईदार, रिच अहसास देती है। इसकी वजह है डेयरी फैट का 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पिघलना, जो शरीर के तापमान के बराबर है। फ्रोजेन डेजर्ट थोड़ी देर तक ठंडी रहती है, मुंह में उतनी जल्दी नहीं पिघलती और इसकी बनावट थोड़ी ज्यादा चिकनी और कृत्रिम लगती है। लंबे समय तक ठंडी रहने" की खासियत उसे असल आइस क्रीम से अलग करती है।
कीमत का खेल
फ्रोजेन डेजर्ट बनाना आइस क्रीम की तुलना में सस्ता पड़ता है। दूध और क्रीम के मुकाबले वनस्पति तेल की कीमत कम होती है और यह आसानी से उपलब्ध भी रहती है। यही वजह है कि बाजार में फ्रोजेन डेजर्ट कम दाम पर मिलती है और कंपनियों का मुनाफा भी ज्यादा होता है।
मिल्क बेस्ड आइस क्रीम क्या है?
मिल्क बेस्ड आइस क्रीम वह उत्पाद है जिसमें फैट का एकमात्र स्रोत दूध और दूध से मिलने वाले उत्पाद जैसे क्रीम, मक्खन या फुल क्रीम दूध होते हैं। इसमें किसी भी प्रकार का वनस्पति तेल या वेजिटेबल फैट नहीं मिलाया जाता है।
एक असली मिल्क बेस्ड आइस क्रीम बनाने की प्रक्रिया पारंपरिक होती है जिसमें दूध को पाश्चुराइज किया जाता है, उसमें क्रीम, चीनी मिलाकर एक कस्टर्ड बेस तैयार किया जाता है, फिर इसे फ्रीज किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में डेयरी फैट की मात्रा कम से कम 10 प्रतिशत और प्रीमियम किस्मों में 14 से 18 प्रतिशत तक हो सकती है।
वाल्ट्ज का फैसला इसी दिशा में है। कंपनी का कहना है कि वो अपने सभी उत्पादों में अब केवल असली डेयरी फैट का उपयोग करेगी और उपभोक्ताओं को पारदर्शी तरीके से असली आइस क्रीम का अनुभव देगी।
भारत में क्या बिकता है, असलियत जानिए
भारत में बिकने वाले आइस क्रीम बाजार का एक बड़ा हिस्सा फ्रोजेन डेजर्ट का है। देश की कई बड़ी और जानी-मानी ब्रांड्स अपने कुछ या ज्यादातर उत्पाद फ्रोजेन डेजर्ट के रूप में बेचती हैं, न कि असली आइस क्रीम के रूप में।
भारतीय बाजार में यह चलन इसलिए इतना आम हो गया क्योंकि भारत में दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतें ऊंची रहती हैं और वनस्पति तेल, खासकर पाम ऑयल, आसानी से और सस्ते में मिलता है। इससे कंपनियों की उत्पादन लागत घट जाती है और वो कम कीमत पर ज्यादा मात्रा में उत्पाद बेच सकती हैं।
FSSAI के नियमों के मुताबिक हर फ्रोजेन डेजर्ट पर यह साफ लिखा होना चाहिए, लेकिन इसे अक्सर पैकेट के पीछे बहुत छोटे अक्षरों में लिखा जाता है। बहुत कम उपभोक्ता इस अंतर को समझते हैं। जब कोई ग्राहक किसी भी ब्रांड का आइटम खरीदता है, तो वो यह नहीं देखता कि पैकेट पर "आइस क्रीम" लिखा है या "फ्रोजेन डेजर्ट।" यह जानकारी का अभाव ही बाजार में फ्रोजेन डेजर्ट की सफलता का राज है।
असली आइस क्रीम कहां मिलती है?
भारत में कुछ ब्रांड्स हैं जो असली मिल्क बेस्ड आइस क्रीम बेचती हैं, जैसे अमूल, जो अपनी कई किस्मों में डेयरी फैट का उपयोग करती है। इसके अलावा स्थानीय और छोटे डेयरी उत्पादक भी अक्सर असली आइस क्रीम बनाते हैं। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कई प्रमुख ब्रांड्स के उत्पाद जांचने पर फ्रोजेन डेजर्ट निकलते हैं।
कैसे पहचानें असली और नकली?
अगली बार जब आप आइस क्रीम खरीदें तो पैकेट के पीछे की सामग्री सूची में देखें। अगर वेजिटेबल फैट, हाइड्रोजिनेटेड वेजिटेबल ऑयल या पाम ऑयल लिखा है और डेयरी फैट या क्रीम नहीं है, तो वो फ्रोजेन डेजर्ट है। साथ ही उत्पाद का नाम भी ध्यान से पढ़ें। कभी-कभी सामने बड़े अक्षरों में लिखी आइस क्रीम असल में पीछे छोटे अक्षरों में फ्रोजेन डेजर्ट होती है।
फ्रोजेन डेजर्ट के फायदे और नुकसान
फ्रोजेन डेजर्ट का सबसे बड़ा फायदा इसकी कम कीमत है जिससे यह आम लोगों की पहुंच में रहता है। वनस्पति आधारित होने के कारण यह उन लोगों के लिए एक विकल्प हो सकता है जो किसी धार्मिक या आहार संबंधी कारण से डेयरी फैट से बचना चाहते हैं। इसका शेल्फ लाइफ भी लंबा होता है और यह आसानी से गर्म जगहों पर भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है क्योंकि इसका पिघलने का तापमान डेयरी फैट से अलग होता है।
फ्रोजेन डेजर्ट की सबसे बड़ी आलोचना इसमें मौजूद ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट को लेकर है। पाम ऑयल और हाइड्रोजिनेटेड वेजिटेबल ऑयल में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है जो लंबे समय में हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा इसमें डेयरी आइस क्रीम के मुकाबले पोषण मूल्य कम होता है। डेयरी से मिलने वाला कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी फ्रोजेन डेजर्ट में नहीं होते। सबसे बड़ी बात यह है कि उपभोक्ताओं को अक्सर यह नहीं पता होता कि वो क्या खा रहे हैं।
मिल्क बेस्ड आइस क्रीम के फायदे और नुकसान
असली डेयरी फैट से बनी आइस क्रीम में कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व होते हैं। इसका स्वाद और बनावट प्राकृतिक रूप से बेहतर होती है। यह उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो प्राकृतिक और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ पसंद करते हैं।
असली आइस क्रीम की कीमत ज्यादा होती है क्योंकि डेयरी फैट महंगी होती है। इसमें कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट होती है जो अधिक मात्रा में लेने पर नुकसानदेह हो सकती है। लैक्टोज इंटॉलरेंट लोगों के लिए यह उचित नहीं। इसकी शेल्फ लाइफ कम होती है और गर्म मौसम में यह जल्दी पिघलती है।
एक फूड और डेयरी विशेषज्ञ की सलाह यह है कि यदि आप स्वाद और पोषण दोनों चाहते हैं तो मिल्क बेस्ड आइस क्रीम बेहतर विकल्प है। यदि आप बजट को देखते हुए फ्रोजेन डेजर्ट खाते हैं तो कोई बुराई नहीं, लेकिन कम से कम यह जानकर खाएं कि आप क्या खा रहे हैं। जानकारी ही असली ताकत है।


