आज भी बिना इंटरनेट जी रहा है यह देश, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Country With No Internet: दुनिया का वो देश जहां आज भी नहीं है मोबाइल इंटरनेट, फिर भी जुड़ी है दुनिया से

Jyotsana Singh
Published on: 4 Feb 2026 12:30 PM IST
आज भी बिना इंटरनेट जी रहा है यह देश, वजह जानकर हैरान रह जाएंगे आप
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eritrea country without internet

Country With No Internet: आज के समय में इंटरनेट हमारी ज़िंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। मोबाइल डेटा, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया के बिना रोज़मर्रा की कल्पना करना भी मुश्किल है। लेकिन इसी डिजिटल युग में एक ऐसा देश भी है, जहां आम लोगों के लिए आज तक मोबाइल इंटरनेट पूरी तरह उपलब्ध नहीं है। यहां न 3G, न 4G और न ही 5G किसी भी तरह की इंटरनेट सुविधा को नहीं जोड़ा गया है। यह देश है इरिट्रिया, जो तकनीकी रूप से आज भी दुनिया से काफी पीछे माना जाता है। इसके बावजूद, यहां के लोग किसी न किसी तरह बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए हुए हैं और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। आइए जानते हैं कि बिना इंटरनेट के इरिट्रिया में पढ़ाई से लेकर सरकारी कामकाज तक सब कुछ मुमकिन कैसे हो पाता है-

इरिट्रिया जहां मोबाइल इंटरनेट अब भी सबके लिए बस ख्वाब है

इरिट्रिया अफ्रीका का एक छोटा सा देश है, लेकिन यह अपनी अनोखी डिजिटल स्थिति के कारण दुनिया भर में चर्चा में रहता है। यहां आम जनता के लिए मोबाइल डेटा सेवाएं लगभग मौजूद नहीं हैं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल सिर्फ वॉइस कॉल और एसएमएस तक सीमित है। स्मार्टफोन रखने वाले लोग भी इंटरनेट के बिना उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते। यही वजह है कि इरिट्रिया को अक्सर 'Country Without Internet' कहा जाता है।

इंटरनेट कैफे तक सीमित ऑनलाइन दुनिया

इरिट्रिया में इंटरनेट पूरी तरह गायब नहीं है, लेकिन यह बेहद सीमित दायरे में सिमटा हुआ है। आम लोग इंटरनेट का इस्तेमाल केवल सरकार द्वारा मंजूर किए गए इंटरनेट कैफे में ही कर सकते हैं। ये कैफे भी मुख्य रूप से राजधानी अस्मारा में ही मौजूद हैं। यहां इंटरनेट की स्पीड काफी धीमी होती है और इसका खर्च भी आम आदमी के लिए भारी पड़ता है। एक घंटे के इंटरनेट इस्तेमाल के लिए लगभग 80 से 100 रुपए तक चुकाने पड़ सकते हैं, जो वहां की औसत आमदनी के हिसाब से काफी महंगा माना जाता है।

पहचान और निगरानी के साथ इंटरनेट का इस्तेमाल

इरिट्रिया में इंटरनेट इस्तेमाल करना सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि सख्त नियमों से बंधा हुआ भी है। इंटरनेट कैफे में जाने वाले हर यूजर को अपनी आधिकारिक पहचान दिखानी होती है। सरकार की ओर से ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाती है। यही कारण है कि लोग इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर और सीमित जरूरतों के लिए ही करते हैं। अभिव्यक्ति की आज़ादी और सोशल मीडिया की खुली पहुंच यहां अब भी दूर की बात है।

टेलीकम्युनिकेशन पर सरकार का पूरा नियंत्रण

इरिट्रिया सरकार देश के पूरे टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम को अपने नियंत्रण में रखती है। यहां एक ही सरकारी टेलीकॉम कंपनी है, जो फोन और इंटरनेट सेवाओं को संचालित करती है। इंटरनेट पर यह सख्ती सुरक्षा और सूचना नियंत्रण से जुड़ी मानी जाती है। इसी वजह से इरिट्रिया को दुनिया के सबसे ज्यादा नियंत्रित डिजिटल देशों में गिना जाता है।

यहां आसान नहीं है विदेश में रहने वालों से संपर्क का तरीका

जब WhatsApp, Facebook या वीडियो कॉल जैसे विकल्प मौजूद नहीं हों, तो विदेश में रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क आसान नहीं होता। इरिट्रिया के लोगों के लिए इंटरनेशनल टेलीफोन कॉल ही मुख्य सहारा हैं। ये कॉल काफी महंगे होते हैं और कई बार नेटवर्क भी भरोसेमंद नहीं रहता। इसके बावजूद लोग तय समय पर कॉल करके अपनों से हालचाल पूछते हैं। यही कॉल उनके लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने का सबसे सीधा और भावनात्मक जरिया है।

सैटेलाइट टीवी से मिलती है दुनिया की खबर

इस देश में भले ही स्थानीय मीडिया पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में सैटेलाइट टेलीविजन मौजूद है। लोग अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ चैनलों के जरिए दुनिया में हो रही घटनाओं की जानकारी लेते हैं। राजनीति, खेल और वैश्विक खबरों को जानने के लिए सैटेलाइट टीवी इरिट्रिया के लोगों के लिए एक अहम साधन बन चुका है।

प्रवासी समुदाय निभाता है अहम भूमिका

इरिट्रिया के बड़ी संख्या में नागरिक इथोपिया, सूडान और यूरोप जैसे देशों में रहते हैं। ये प्रवासी सिर्फ पैसे ही नहीं भेजते, बल्कि खबरें, नई जानकारियां और बाहरी दुनिया के अनुभव भी अपने साथ लाते हैं। जब वे छुट्टियों में देश लौटते हैं, तो उनके जरिए लोगों को दुनिया में हो रहे बदलावों की जानकारी मिलती है। इस तरह प्रवासी समुदाय इरिट्रिया और बाकी दुनिया के बीच एक सेतु की तरह काम करता है।

'इंटरनेट के बिना भी संभव है जुड़ाव' का संदेश देता है ये देश

इंटरनेट सुविधा के नियंत्रित इस्तेमाल को लेकर इरिट्रिया के नियम यह बानगी पेश करते हैं कि इंटरनेट के बिना भी किसी न किसी तरह दुनिया से जुड़े रहना संभव है। जहां फोन कॉल, सैटेलाइट टीवी और प्रवासियों के जरिए सूचना का आदान-प्रदान होता रहता है। हालांकि यह नियन्त्रण डिजिटल सुविधाओं की कमी शिक्षा, विकास और अवसरों को सीमित कर देता है।

साथ ही यह देश हमें यह भी समझने पर मजबूर करता है कि आज के दौर में इंटरनेट सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन में किस तरह से बुनियादी जरूरत बन चुका है।

डिस्क्लेमर

यह लेख विभिन्न सार्वजनिक रिपोर्ट्स और मीडिया स्रोतों पर आधारित सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। समय, सरकारी नीतियों और तकनीकी बदलावों के साथ स्थितियां बदल सकती हैं।

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