Yoga for Migraine: माइग्रेन के दर्द से है हैं परेशान? आयुष मंत्रालय ने बताया समाधान, ये 4 योगासन जड़ से करेंगे सफाया

Yoga for Migraine: माइग्रेन की समस्या से राहत पाने के लिए आयुष मंत्रालय ने योगासन और प्राणायाम अपनाने की सलाह दी है, जो तनाव कम करने में मददगार हैं।

Akriti Pandey
Published on: 14 May 2026 11:42 AM IST (Updated on: 14 May 2026 11:42 AM IST)
Yoga for Migraine
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Yoga for Migraine

Yoga for Migraine: विश्व योग दिवस 21 जून नजदीक आते ही भारत सरकार का Ministry of AYUSH लोगों को योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित कर रहा है। मंत्रालय सोशल मीडिया के जरिए समय-समय पर ऐसे योगासन और प्राणायाम की जानकारी साझा कर रहा है, जो कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं में राहत देने में मददगार माने जाते हैं। हाल ही में मंत्रालय ने माइग्रेन(Migraine Problem) की समस्या से परेशान लोगों के लिए कुछ खास योगासन और प्राणायाम सुझाए हैं।

माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं, गंभीर समस्या

माइग्रेन(Migraine Relief Tips) सामान्य सिरदर्द से अलग और कहीं ज्यादा तकलीफदेह स्थिति होती है। इसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द महसूस होता है, जो कई घंटों या कभी-कभी कई दिनों तक बना रह सकता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी, चक्कर आना, तेज रोशनी और तेज आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। लगातार बढ़ता तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्क्रीन टाइम इस समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

आधुनिक जीवनशैली बन रही बड़ी वजह

आजकल लोग घंटों मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहते हैं। गलत पॉश्चर में काम करना, पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक तनाव माइग्रेन के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इन आदतों की वजह से गर्दन, कंधों और सिर की मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ने लगता है, जो माइग्रेन के दर्द को ट्रिगर कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ दवाइयों पर निर्भर रहने की बजाय योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना लंबे समय में ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। नियमित योगाभ्यास शरीर को रिलैक्स करता है, तनाव कम करता है और मानसिक शांति देने में मदद करता है।

माइग्रेन में फायदेमंद हैं ये योगासन(Yoga For Migraine)

मंत्रालय के अनुसार कुछ खास योगासन माइग्रेन के दर्द को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

भुजंगासन (Bhujangasana For Migraine)

भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहा जाता है, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है। यह गर्दन और कंधों के तनाव को कम करने में मदद करता है, जिससे सिरदर्द की समस्या में राहत मिल सकती है।


पवनमुक्तासन(Pawanmuktasana Benefits)

यह आसन पेट और कमर के तनाव को कम करता है। साथ ही गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार माना जाता है, जो कई बार माइग्रेन को बढ़ा सकती हैं।


मार्जरी आसन(Marjorie Asana For Migraine)

मार्जरी आसन यानी कैट-काऊ पोज रीढ़, गर्दन और पीठ की अकड़न को दूर करने में सहायक होता है। इससे शरीर में लचीलापन बढ़ता है और तनाव कम होता है।

ताड़ासन(Tadasana)

ताड़ासन शरीर की मुद्रा को सुधारने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है। सही पॉश्चर माइग्रेन की समस्या को कम करने में अहम भूमिका निभाता है।


प्राणायाम भी देते हैं राहत

भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करता है और तनाव से होने वाले सिरदर्द में राहत देने में मददगार माना जाता है। वहीं शीतली प्राणायाम शरीर को ठंडक पहुंचाता है और माइग्रेन के उन ट्रिगर्स को नियंत्रित करने में मदद करता है, जो गर्मी या तनाव से जुड़े होते हैं।

नियमित अभ्यास से मिल सकते हैं बेहतर परिणाम

विशेषज्ञों के अनुसार इन योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास रोजाना सुबह या शाम शांत वातावरण में 15 से 20 मिनट तक करना फायदेमंद हो सकता है। शुरुआती दिनों में किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में अभ्यास करना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है।

Akriti Pandey

Akriti Pandey

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