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नहीं रहीं शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई, भोपाल एम्स में ली अंतिम सांस; जानें कब होंगे अंतिम दर्शन
Shivraj Singh Chouhan Mother Death: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का भोपाल एम्स में निधन हो गया। आज सुबह 11 बजे अंतिम दर्शन और दोपहर 3 बजे जैत में अंतिम संस्कार होगा।
Shivraj Singh Chouhan Mother Death
Shivraj Singh Chouhan Mother Death: केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार में शुक्रवार सुबह शोक छा गया। उनकी मां काशीबाई का भोपाल के एम्स (AIIMS) में निधन हो गया। वह पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। काशीबाई का अंतिम संस्कार (Funeral) शुक्रवार को उनके पैतृक गांव जैत (Jait) में किया जाएगा।
भोपाल में एक घंटे तक होंगे अंतिम दर्शन
जानकारी के अनुसार, काशीबाई का पार्थिव शरीर (Mortal Remains) भोपाल के साकेत नगर स्थित शिवराज सिंह चौहान के आवास पर रखा गया है। यहां शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक लोग उनके अंतिम दर्शन (Last Darshan) कर सकेंगे। इस दौरान परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और परिचित उन्हें श्रद्धांजलि (Tribute) देंगे।
इसके बाद पार्थिव शरीर को भोपाल से सीहोर जिले के जैत गांव ले जाया जाएगा। यहां दोपहर करीब तीन बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कौन थीं काशीबाई?
काशीबाई मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के जैत गांव से जुड़ी थीं। वह शिवराज सिंह चौहान के परिवार का अहम हिस्सा थीं। शिवराज की सगी मां सुंदरबाई का निधन उनके बचपन में ही हो गया था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से दूसरी शादी की थी। इस तरह काशीबाई उनके जीवन में मां बनकर आईं और उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी संभाली।
काशीबाई ने शिवराज सिंह चौहान समेत परिवार के बच्चों की परवरिश में अहम भूमिका निभाई। उनका अपना कोई राजनीतिक पद या सक्रिय राजनीतिक भूमिका होने की जानकारी सामने नहीं आती है। उनका जीवन मुख्य रूप से परिवार और घर की जिम्मेदारियों तक ही सीमित रहा।
जब मां बनकर संभाला पूरा परिवार
शिवराज सिंह चौहान के जीवन में काशीबाई का रिश्ता सिर्फ दूसरी मां का नहीं था। बचपन में मां सुंदरबाई को खोने के बाद काशीबाई ने उन्हें परिवार में मां का स्नेह दिया। उन्होंने घर संभाला और बच्चों की देखभाल की। काशीबाई से प्रेम सिंह चौहान का एक बेटा वरुण सिंह चौहान भी है, जो पेशे से वकील बताए जाते हैं।
शिवराज सिंह चौहान के पिता प्रेम सिंह चौहान की पहली शादी सुंदरबाई चौहान से हुई थी। इस शादी से तीन बेटे और एक बेटी का जन्म हुआ। इनमें शिवराज सिंह चौहान, रोहित सिंह और नरेंद्र सिंह बेटे हैं, जबकि बेटी का नाम शशि सिंह है। सुंदरबाई के निधन के बाद प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से विवाह किया था।
जैत गांव से काशीबाई का जुड़ाव लंबे समय तक बना रहा। साल 2011 में जैत में आयोजित रामकथा के एक कार्यक्रम की तस्वीर और रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसमें शिवराज सिंह चौहान, उनकी पत्नी साधना सिंह, पिता प्रेम सिंह चौहान और काशीबाई एक साथ पोथी पूजन करते दिखाई दिए थे। यह तस्वीर परिवार के साथ उनके जुड़ाव को भी दिखाती है।
काशीबाई ने परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए बच्चों की परवरिश में योगदान दिया। शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ने के बाद भी जैत और वहां से जुड़ा उनका परिवार उनके जीवन का अहम हिस्सा बना रहा।


