Men get Romantic at Night: रात 12 बजते ही क्यों पुरुषों में जाग जाता है रोमांस? बेहद दिलचस्प है वजह

Midnight Romance: रात में 12 बजे के बाद पुरुषों में अपनी पार्टनर के लिए प्यार जाग जाता है। क्या आपने कभी भी गौर किया है कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्या कारण जिम्मेदार है?

Priya Singh Bisen
Published on: 1 Nov 2025 7:30 AM IST
Men get Romantic at Night
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Men get Romantic at Night (photo: social media)

Why men feel Romantic after Midnight: जब कोई व्यक्ति दिनभर की भाग-दौड़ भरी जिंदगी से फ्री होता है, तो अक्सर ही वो रात में अपने पार्टनर के साथ प्यार भरी दो-चार बातें करना पसंद करता है। यह काफी सिंपल और स्वाभाविक प्रक्रिया है। लगभग हर व्यक्ति अपनी लाइफ में एक न एक बार इस तरह की खूबसूरत पलों को खुलकर एन्जॉय कर पाते हैं। और... यही वो कुछ पल ऐसे होते हैं, जिसको इंसान पूरी ज़िन्दगी याद रखता है, वरना खाते-पीते और काम करने में आजकल पूरी लाइफ निकलती जा रही है। पूरे दिन काम और व्यस्तता भरे वक़्त के बाद जब रात होती है तो माहौल पूरा शांत हो जाता है।


विशेषकर रात के 12 बजे के बाद हमेशा ऐसा देखा जाता है कि महिलाओं के तुलना में पुरुष अधिक रोमांटिक या भावुक मूड में आ जाते हैं। यह केवाल कोई साधारण आदत नहीं बल्कि इसके पीछे बॉडी के हार्मोन्स की भी बड़ी भूमिका होती है और ये पूरी तरह प्राकृतिक होती है। आइये विस्तार से समझते हैं इस हार्मोन के बारे में...

हार्मोन और बॉडी क्लॉक का जुड़ाव


सबसे पहले ये जानना ज़रूरी है कि हमारे शरीर में हार्मोन्स का स्तर दिन और रात के अनुसार बदलता रहता है। इसे 'सर्कैडियन रिदम' यानी 'Body Clock' कहते हैं। एंडोक्राइनोलॉजी सोसाइटी के मुताबिक, पुरुषों का मुख्य फिजिकल रिलेशन रिलेटेड हार्मोन टेस्टोस्टेरोन सुबह के वक़्त सबसे अधिक रहता है। यही वजह है कि सुबह का समय ऊर्जा और सक्रियता से भरपूर माना जाता है। पूरे दिन की थकान और व्यस्तता के बाद जब माहौल पूरी तरह से शांत हो जाता है, तो शरीर भी रिलैक्स होने लगता है। जर्नल ऑफ न्यूरोसाइकोफार्माकोलॉजी (LWH) में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, देर रात नींद आने से पहले बॉडी में गोनैडोट्रॉफिन हार्मोन्स LH, FSH में उतार-चढ़ाव होता है, जो मूड और इमोशन को प्रभावित करते हैं।

टेस्टोस्टेरोन का रात का प्रभाव

हालांकि टेस्टोस्टेरोन का स्तर सुबह सबसे अधिक होता है, लेकिन एंडोक्राइनोलॉजी सोसाइटी की रिपोर्ट के अनुसार, रात में इसका स्तर पूरी तरह खत्म नहीं होता। बल्कि, कुछ स्टडीज में सामने आया है कि रात के वक़्त भी इसमें हल्का उतार-चढ़ाव होता है, जिससे पुरुषों में प्यार और आकर्षण के भाव सक्रिय हो सकते हैं। एक रिसर्च में यह सामने आया है कि जब रात बढ़ती है तो नींद आने वाला हार्मोन मेलाटोनिन एक्टिव हो जाता है। मेलाटोनिन शरीर को आराम देता है और थकान कम करता है। इस दौरान स्ट्रेस क़म होता है और पुरुष अधिक सहज महसूस करते हैं। यही सहजता रोमांटिक बातचीत और नजदीकियों का कारण बनती है, जिससे हर पार्टनर का रोमांस भी हेल्दी हो जाता है।

रात और.. शांत माहौल का बड़ा योगदान


अक्सर ही रात के 12 बजे के बाद का वक़्त हमेशा शांति और सुकून भरा होता है। शोर-शराबा एकदम से कम हो जाता है, काम की चिंता नहीं सताती और माहौल भी पार्टनर के साथ वक्त बिताने के लिए बहुत ही कम्फर्टेबल हो जाता है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्रेस कम होने पर ऑक्सीटोसिन यानी 'लव हार्मोन' का स्तर भी बढ़ जाता है, जो रिश्तों को और मजबूत बनाने में सहायता करता है।


दिनभर की दौड़भाग के बाद शरीर पूरी तरह से थक जाता है, लेकिन यही थकान रिलैक्सेशन में बदलकर 'इमोशनल कनेक्शन' बढ़ा सकती है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, नींद से ठीक पहले का समय कई लोगों के लिए सबसे अधिक इमोश्नल होता है। और ये बात एकदम सच्चा है... यदि आप अपनी ज़िन्दगी में ये चीज़ गौर करेंगे तो आप बेहतर समझ पाएंगे। कई एक्सपर्ट का ऐसा मानना है कि यह केवल हार्मोन का खेल नहीं है बल्कि मेंटल स्थिति भी इसमें महतवपूर्ण भूमिका निभाती है। रात के समय पुरुष अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने में ज़्यादा कम्फर्टेबल महसूस करते हैं। यही कारण है कि कई कपल्स देर रात लंबी बातचीत या रोमांटिक पलों का लुत्फ़ उठा पाते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी केवल रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। Newstrack.com इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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