Vande Mataram 150 Years: Vande Mataram के 150 साल: 15 अगस्त को लाल किले पर बनेगा इतिहास

Vande Mataram 150 Years: 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। जानिए इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह की खास थीम, 5,000 विशेष मेहमानों, 600 प्रतियोगिता विजेताओं और समारोह से जुड़ी खास तैयारियों के बारे में।

Jyotsana Singh
Published on: 11 Aug 2026 8:55 AM IST
Vande Mataram 150 Years: Vande Mataram to Be Sung at Red Fort for the First Time
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Vande Mataram 150 Years: Vande Mataram to Be Sung at Red Fort for the First Time

Vande Mataram 150 Years: स्वराज्य के जुनून में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को याद करने और देशभक्ति की लौ को और बुलंद करने वाली 15 अगस्त की तारीख अब करीब आ चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी लाल किले पर तिरंगे की शान और स्वतंत्रता दिवस की रौनक नजर आएगी, लेकिन 15 अगस्त 2026 का समारोह अपने साथ इतिहास का एक खास पल लेकर आ रहा है। आजादी की लड़ाई के दौर में जिस गीत ने देशवासियों के भीतर जोश और स्वराज्य की भावना जगाई, वही ‘वंदे मातरम्’ इस बार फिर लाल किले की प्राचीर से गूंजेगा। 150 साल पूरे कर चुके इस राष्ट्रीय गीत का पहली बार लाल किले की प्राचीर से गायन होगा। यह सिर्फ एक गीत का गायन नहीं, बल्कि उस दौर की यादों और देशभक्ति की उस भावना को फिर से महसूस करने का मौका होगा, जिसने लाखों भारतीयों को अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी थी। साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह में 150 साल पुराने ‘वंदे मातरम्’ की विरासत से लेकर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका तक, कई खास पहल देखने को मिलेंगी।

प्रधानमंत्री फहराएंगे तिरंगा, देंगे देश को संबोधन

15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस साल समारोह की थीम ‘150 Years of Vande Mataram’ और ‘Yuva Shakti for Viksit Bharat@2047’ रखी गई है। यानी समारोह में देश के स्वतंत्रता संघर्ष की विरासत के साथ भारत के भविष्य की तस्वीर भी दिखाई जाएगी।

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 10 अगस्त को नई दिल्ली में बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया था। इसी गौरवशाली विरासत को सम्मान देने के लिए इस साल इसे लाल किले की प्राचीर से पहली बार गाया जाएगा।

करीब 5000 खास मेहमान होंगे समारोह का हिस्सा

इस बार समारोह में करीब 5,000 विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े ऐसे लोग शामिल होंगे, जिनका रोजमर्रा की जिंदगी और सार्वजनिक सेवाओं में अहम योगदान है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जुड़े रेहड़ी-पटरी विक्रेता, स्वच्छ भारत मिशन के तहत काम करने वाले शहरी सफाई कर्मचारी, दिल्ली मेट्रो के उत्कृष्ट कर्मचारी, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी तथा दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के वार्ड अटेंडेंट और दूसरे कर्मचारी भी समारोह के विशेष अतिथियों में शामिल होंगे।

देश की विविधता को सामने रखने के लिए अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दिल्ली में रहने वाले 1,500 से अधिक लोगों को पारंपरिक वेशभूषा में आमंत्रित किया गया है। इससे लाल किले पर भारत की अलग-अलग संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी।

बच्चों को भी जोड़ा गया, 600 विजेता पहुंचेंगे लाल किले

स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने ‘माईगव’ के साथ मिलकर कई प्रतियोगिताएं आयोजित की हैं। इनमें ‘2047 तक विकसित भारत के निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका’ पर निबंध प्रतियोगिता और ‘भारत 1947 बनाम भारत 2047’ पर चित्रकला प्रतियोगिता शामिल है। इसके अलावा संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, तकनीकी और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों तथा परमाणु प्रौद्योगिकी जैसे विषयों पर ऑनलाइन क्विज भी आयोजित किए गए। इन प्रतियोगिताओं के करीब 600 विजेता स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे।

समारोह में आने वालों के लिए खास इंतजाम

आमंत्रित लोगों की सुविधा के लिए छह स्थानों पर कुल 25 क्लोकरूम बनाए गए हैं। करीब 200 स्वयंसेवक पुलिस के साथ मिलकर लोगों को उनके निर्धारित घेरे तक पहुंचने में मदद करेंगे। इनमें 100 ‘माई भारत’ और 100 एनसीसी के स्वयंसेवक होंगे। व्हीलचेयर की जरूरत वाले लोगों की सहायता के लिए मेट्रो स्टेशनों और पार्किंग क्षेत्रों में एनसीसी कैडेट तैनात रहेंगे। 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से मेट्रो सेवाएं उपलब्ध रहेंगी और आमंत्रित लोगों के लिए मेट्रो यात्रा मुफ्त होगी। ई-निमंत्रण के साथ मेट्रो का क्यूआर कोड भी दिया जाएगा।

पार्किंग की सुविधा वैध पार्किंग लेबल वाले लोगों के लिए होगी। पैदल आवाजाही आसान बनाने के लिए ऊपरी और निचले सुभाष मार्ग के बीच रैंप और सीढ़ियों की व्यवस्था की गई है। बारिश की स्थिति को देखते हुए लाल किले के अलावा माधव दास पार्क और 15 अगस्त पार्क में आमंत्रित लोगों को रेन पोंचो भी दिए जाएंगे।

इस बार झीलों के नाम पर होंगे बैठने के घेरे

स्वतंत्रता दिवस समारोह में बैठने के लिए बनाए गए प्रांगण घेरों के नाम इस बार भारत की प्रमुख झीलों के नाम पर रखे गए हैं। यह पहल वीआईपी संस्कृति को कम करने और देश में जल संरक्षण के महत्व को सामने रखने की सोच का हिस्सा है। इससे पहले 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह में ऐसे घेरों के नाम नदियों के नाम पर रखे गए थे।

बारिश से निपटने के लिए भी तैयारी

दिल्ली में अगस्त के दौरान बारिश की संभावना को देखते हुए लाल किले और आसपास के इलाकों में जल निकासी और सीवेज सिस्टम की सफाई की जा रही है। इसका उद्देश्य समारोह के दौरान जलभराव की स्थिति से बचना है। यातायात व्यवस्था के तहत कार्यक्रम वाले दिन रास्तों पर लगने वाली पाबंदियों की जानकारी Google Maps और Mappls Maps पर भी दिखाई जाएगी।

‘सेवा तीर्थ’ से जुड़ा है इस बार का निमंत्रण कार्ड

इस साल स्वतंत्रता दिवस के निमंत्रण कार्ड में ‘सेवा तीर्थ’ को प्रमुखता दी गई है। इसका संदेश जनसेवा, कर्तव्य और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से जुड़ा है। कार्ड पर बना धर्म चक्र सही कर्तव्य और लगातार निस्वार्थ कर्म का प्रतीक बताया गया है।

समारोह खत्म होने के बाद चलेगा स्वच्छता अभियान

स्वतंत्रता दिवस समारोह समाप्त होने के बाद लाल किले पर विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। एनसीसी कैडेट्स और ‘माई भारत’ के स्वयंसेवक दर्शकों के जाने के तुरंत बाद प्लॉगिंग और कचरा हटाने का काम करेंगे। इसका उद्देश्य लाल किले को साफ रखने के साथ स्वच्छ भारत का संदेश भी देना है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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