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सबको निश्चित आमदनी या यूनिवर्सल बेसिक इनकम का सवाल कोरोना संकट काल में पूरी दुनिया में उठ खड़ा हुआ है।

मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार-ये क्या अलग-अलग हैं? ये अलग-अलग नहीं हैं, ये मन के ही बहुत चेहरे हैं। जैसे कोई हमसे पूछे कि बाप अलग है, बेटा अलग है, पति अलग है? तो हम कहें कि नहीं, वह आदमी तो एक ही है। लेकिन किसी के सामने वह बाप है, और किसी के सामने वह बेटा है, और किसी के सामने वह पति है

आज यानी 5 जून को हर साल विश्वभर में पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस के मनाने का उद्देश्य है लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सचेत करना

कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ लड़ाई को जीतने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा ही नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर भी तरह तरह के तरीके अपनाये जा रहे हैं।

रोजमर्रा की जिंदगी का शायद ही कोई ऐसा पहलू हो जहाँ कोरोना का दखल नहीं हुआ है। वर्क फ्रॉम होम हो या फिर चिकित्सकों की ओपीडी।

हाथी तक़रीबन तीन सौ किलो तक खाना खा जाता था। डेढ़ सौ लीटर पानी पी जाता था। तब पानी के लिए भी कुएं या हैंडपंप ही होते थे। हाथी तालाब का पानी नहीं पीता था हाँ वो तालाब में नहाता ज़रूर था। हाथी को रोज़ नहाने की तलब भी होती थी और ज़रूरत भी।

Delhi-NCR में बीते 12 अप्रैल से 29 मई के बीच दस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। वहीं बीते पांच दिनों में दिल्ली- NCR में तीन भूकंप के झटके रिकॉर्ड किए गए हैं।

जहां तक यूपी के राजनीतिक परिदृश्य की बात है तो 25 नवम्बर को अपना कार्यकाल समाजवादी पार्टी के जावेद अली, प्रो रामगोपाल यादव, रवि प्रकाश वर्मा और चन्द्रपाल सिंह यादव के अलावा बहुजन समाज पार्टी के राजाराम तथा वीरपाल सिंह, कांग्रेस के पीएल पुनिया तथा भाजपा के हरदीप सिंह पुरी तथा नीरज शेखर अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।

मनोज तिवारी के उभार की पटकथा गोरखपुर में ही लिखी गई है। दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष पद से अचानक हटाये जाने के बाद पूर्वांचल के सियासी गलियारे से लेकर सोशल मीडिया पर मनोज तिवारी को लेकर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने आखिरकार बड़ा फैसला लेते हुए सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में मनोज तिवारी कोई भी कमाल दिखाने में नाकामयाब हुए थे।