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डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका का राष्ट्रपति पद छोड़ने से पहले कुल 143 लोगों को क्षमादान दिलवाया। जिसमें उनके समधी, भ्रष्ट राजनेता, रक्षा सौदों के दलाल और उनके पूर्व रणनीतिकार व सहयोगी शामिल हैं।

पार्टी में राहुल समर्थक खेमा एक बार फिर उन्हें अध्यक्ष पद की कमान सौंपने की वकालत कर रहा है। वैसे राहुल गांधी ने अभी तक अध्यक्ष बनने की बात पर हामी नहीं भरी है। ऐसे में गहलोत के सिर अध्यक्ष पद का ताज सजाने की कवायद भी चल रही है।

बिडेन प्रशासन में ज्यादातर लोग बराक ओबामा के कार्यकाल वाले ही हैं सो भारत को वही उम्मीद करनी चाहिए जो ओबामा के समय में मिला था। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि अब समय बदल चुका है।

चीन की निगाहें लंबे अरसे से पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश पर रही हैं। वह अकसर उस सीमावर्ती इलाके में कभी पुल तो कभी रेलवे लाइन और बांध बनाता रहा है। अब ताजा मामले में सेटेलाइट तस्वीरों से यह बात सामने आई है कि उसने सीमा पर सौ से ज्यादा मकानों वाला एक नया गांव बसा लिया है।

किसान आंदोलन में खालिस्तान समर्थकों की चर्चा शुरू होने के सोशल मीडिया ऑडिट ने इसका खुलासा किया है। केंद्र की मोदी सरकार के तीन कृषि कानूनों का पंजाब और हरियाणा के किसानों ने विरोध शुरू किया तो राजनीतिक तौर पर आंदोलन रोकने में नाकाम रही है।

एकाकीपन में कई लोगों की कल्पनाशक्ति बढ़ गई और उन्हें अजीबोगरीब अनुभव होने लगे। जैसे मुंबई के कांदिवली में एक फ्लैट में अकेले रहने वाली 23 साल की लड़की अपने फ्लैट में अक्सर भूतों को देखने का दावा करती है।

करम सिंह का जन्म 15 सितम्बर 1915 को पंजाब के संगरूर ज़िले के भालियाँ वाले गाँव में हुआ था। इनके पिता सरदार उत्तम सिंह एक सम्पन्न किसान थे। वे दूसरे विश्व युद्ध में अपनी वीरता का परचम लहरा चुके थे, जिसके लिए इन्हें 14 मार्च 1944 को सेना पदक मिला था।

क्रिकेट के इन दिग्गजों का कहना था कि विराट कोहली की नामौजूदगी में भारत की करारी हार निश्चित है। वॉन ने तो टीम इंडिया के 0-4 से सीरीज हारने की भविष्यवाणी की थी। अब ये दिग्गज भी टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन से हैरत में हैं और उन्हें कोई जवाब नहीं सूझ रहा है।

जम्मू कश्मीर की पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने सात क्षेत्रीय दलों को मिलाकर बने इस गठबंधन से बाहर आने का फैसला किया है। उनका कहना है कि सच्चाई तो यह है कि गठबंधन में शामिल घटक दल एक-दूसरे को देखना तक नहीं चाहते।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में खान अब्दुल गफ्फार खान का महत्वपूर्ण योगदान है। खान अब्‍दुल गफ्फार खान ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने कार्य और निष्ठा के कारण “सरहदी गांधी” (सीमान्त गांधी), “बाचा ख़ान” तथा “बादशाह ख़ान” के नाम से पुकारे जाने लगे।