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National Teachers Award 2026: 60 रोज कमाकर भरी कॉलेज की फीस, आज उसी स्कूल में सरकारी टीचर, अब मिलेगा नेशनल अवॉर्ड
National Teachers Award 2026: सुमन गोयल ने कॉलेज फीस के लिए ₹60 रोज कमाए, उसी स्कूल में पढ़ाया और आज सरकारी टीचर हैं। 5 सितंबर को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान।
National Teachers Award 2026: From Earning ₹60 a Day to Winning a National Award
National Teachers Award 2026: अध्यापन को अपना हथियार बनाने वाली सुमन गोयल आज शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल बन चुकी हैं। अपने दो दशक से ज्यादा अध्यापन के सफर में उन्होंने बच्चों को सिर्फ किताबें नहीं पढ़ाईं, बल्कि उनकी सेहत, पोषण और जरूरतों का भी ख्याल रखा। परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि कॉलेज की फीस जुटाना भी चुनौती बन गया था। लेकिन मुश्किलों के आगे पढ़ाई छोड़ने के बजाय उन्होंने उसी स्कूल में बच्चों को सिर्फ 60 रूपये में पढ़ाना शुरू किया, जहां कभी खुद छात्रा बनकर बैठी थीं। करीब 22 साल बाद उनकी कठिन तपस्या ने ऐसा मोड़ लिया कि वही स्कूल उनकी कर्मभूमि बन गया। सुमन गोयल आज उसी स्कूल में सरकारी प्राइमरी टीचर हैं और अब देश के प्रतिष्ठित National Teachers Award 2026 के लिए उनका चयन हुआ है।
हरियाणा से दिल्ली तक पहुंची सुमन की कहानी
सुमन गोयल का संबंध हरियाणा के जींद जिले के जुलाना गांव से है। उनकी शुरुआती पढ़ाई गांव में हुई। बचपन में उनका सपना डॉक्टर बनने का था और वह साइंस की पढ़ाई करना चाहती थीं। लेकिन परिवार की आर्थिक परेशानियों के चलते 10वीं के बाद उन्हें दिल्ली आना पड़ा।
दिल्ली के पूठ कलां स्थित GSKV पूठ कलां से उन्होंने 12वीं की पढ़ाई पूरी की और स्कूल टॉप किया। साल 2002 में 12वीं पास करने के बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज में बीए में दाखिला लिया। यहीं से उनके जीवन का वह दौर शुरू हुआ, जिसने आगे चलकर उनकी पूरी पहचान बदल दी।
कॉलेज की फीस के लिए उसी स्कूल में पढ़ाने लगीं
कॉलेज की पढ़ाई का खर्च निकालना आसान नहीं था। ऐसे में सुमन ने अपने पुराने स्कूल का रुख किया। वर्ष 2004 में उन्होंने वहां बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। उस समय उन्हें रोजाना 60 रुपये मिलते थे। महीने में उनकी कमाई करीब 1,200 से 1,300 रुपये तक होती थी। यही रकम उनकी कॉलेज की फीस और पढ़ाई के दूसरे खर्चों में काम आती थी।
उस समय शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि बच्चों को पढ़ाने के लिए उठाया गया यह छोटा कदम एक दिन उन्हें राष्ट्रीय स्तर के सम्मान तक पहुंचाएगा।
2009 में मिली सरकारी नौकरी, 2013 में फिर उसी स्कूल में लौटीं
सुमन की मेहनत जारी रही और वर्ष 2009 में उन्हें सरकारी शिक्षक की नौकरी मिली। इसके बाद 2013 से वह अपने पुराने स्कूल GSKV पूठ कलां में प्राइमरी टीचर के तौर पर बच्चों को पढ़ा रही हैं। यानी जिस परिसर में उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई पूरी की और फिर फीस जुटाने के लिए बच्चों को पढ़ाया, वहीं आज वह सरकारी शिक्षिका के रूप में नई पीढ़ी तैयार कर रही हैं। वह खुद को केवल शिक्षक नहीं, बल्कि बच्चों की ‘मदर टीचर’ मानती हैं। उनकी भूमिका कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं है। वह बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य, पोषण और स्कूल से जुड़ी जरूरतों पर भी ध्यान देती हैं। खासतौर पर ऐसे बच्चों के साथ काम करती हैं जिनके परिवार में वह पहली पीढ़ी हैं जो स्कूल तक पहुंची है।
स्पेशल बच्चों और कमजोर छात्रों पर भी खास ध्यान
सुमन ने विशेष जरूरत वाले बच्चों को कक्षा में सहज बनाने पर भी काम किया है। उनका मानना है कि किसी बच्चे के सीखने से पहले उसका सुरक्षित और सहज महसूस करना जरूरी है। इसी सोच के तहत वह पढ़ाई के साथ बच्चों की व्यक्तिगत जरूरतों को समझने की कोशिश करती हैं।उन्होंने गणित को बच्चों के लिए आसान बनाने के लिए NIPUN Maths Kit भी तैयार की। इसका इस्तेमाल शुरुआती स्तर की गणितीय समझ विकसित करने में किया गया। उनके प्रयासों में बच्चों को अलग-अलग शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल करना और उनकी रचनात्मकता को आगे बढ़ाना भी शामिल रहा है।
2022 में स्टेट अवॉर्ड, अब राष्ट्रीय सम्मान
सुमन गोयल को उनके काम के लिए 2022 में State Teachers Award भी मिल चुका है। इसके बाद 2026 में उनका चयन National Teachers Award के लिए हुआ है। इस पुरस्कार के लिए उनके पति गौरव गोयल ने उन्हें आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। आवेदन की प्रक्रिया में दो-तीन महीने लगने थे और सुमन को डर था कि इससे परिवार के लिए समय कम हो जाएगा। पति ने घर पर जरूरी आईटी सुविधाएं जुटाकर उन्हें आवेदन पूरा करने में मदद की।
5 सितंबर को राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित
इस साल देशभर से 48 शिक्षकों का चयन National Teachers Awards 2026 के लिए किया गया है। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से चुने गए हैं। चयन प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में हुई।
सुमन गोयल का नाम दिल्ली के GSKV पूठ कलां के साथ इस सूची में शामिल है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में उन्हें और अन्य चयनित शिक्षकों को National Teachers Award प्रदान करेंगी।


