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PM SVANidhi: ₹30 हजार तक लोन और RuPay क्रेडिट कार्ड, जानें कैसे मिलेगा लाभ
PM SVANidhi: योजना में स्ट्रीट वेंडर्स को बिना गारंटी लोन, 7% ब्याज सब्सिडी और ₹30 हजार तक UPI-linked RuPay क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिल सकती है। जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया।
PM SVANidhi Scheme: Get Loans Up to ₹50,000 and ₹30,000 RuPay Credit Card
PM SVANidhi: अगर आप सड़क किनारे ठेला लगाकर सामान बेचते हैं, चाय-नाश्ते की दुकान चलाते हैं या छोटा-मोटा कारोबार करते हैं, तो आपके लिए सरकार की एक योजना काफी काम की हो सकती है। अक्सर छोटे दुकानदारों को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है, लेकिन बैंक से लोन लेने में गारंटी और दूसरी औपचारिकताओं की परेशानी सामने आती है। ऐसे में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराने के साथ अब क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दे रही है। इस योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से लोन मिलता है। खास बात यह है कि समय पर लोन चुकाने वाले वेंडर्स को आगे ज्यादा रकम का लोन मिल सकता है। इसके अलावा दूसरी किस्त का लोन सफलतापूर्वक चुकाने वाले पात्र वेंडर्स को 30 हजार रुपये तक की लिमिट वाला यूपीआई से जुड़ा RuPay क्रेडिट कार्ड भी मिल सकता है।
क्या है पीएम स्वनिधि योजना?
पीएम स्वनिधि योजना को सरकार ने छोटे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिए शुरू किया था। इसका मकसद ऐसे लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है, जिन्हें आमतौर पर कारोबार के लिए बैंक से कर्ज लेने में परेशानी होती है। योजना के तहत वेंडर्स को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी के लिए लोन दिया जाता है।
इस पैसे का इस्तेमाल वेंडर अपने कारोबार से जुड़ी जरूरतों के लिए कर सकता है। उदाहरण के लिए सब्जी बेचने वाला नया स्टॉक खरीद सकता है, चाय-नाश्ते का कारोबार करने वाला सामान खरीद सकता है या कोई छोटा दुकानदार अपनी दुकान में जरूरी सामान बढ़ा सकता है।
तीन चरणों में बढ़ती है लोन की रकम
पीएम स्वनिधि में लोन की व्यवस्था इस तरह की गई है कि वेंडर समय पर भुगतान करता जाए तो आगे उसे ज्यादा रकम का कर्ज मिल सके। पहली किस्त में 15 हजार रुपये तक का लोन मिलता है। पहली किस्त को सही समय पर चुकाने के बाद वेंडर दूसरी किस्त के लिए पात्र हो सकता है, जिसमें 25 हजार रुपये तक का लोन मिलता है।
दूसरी किस्त का भुगतान भी समय पर पूरा करने के बाद तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये तक का लोन लिया जा सकता है। इस तरह योजना छोटे कारोबारियों को एक साथ बड़ा कर्ज लेने के बजाय धीरे-धीरे अपना कारोबार मजबूत करने का मौका देती है।
₹30 हजार तक का RuPay क्रेडिट कार्ड
पीएम स्वनिधि योजना में अब क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी जोड़ी गई है। दूसरी किस्त का लोन सफलतापूर्वक चुकाने वाले पात्र वेंडर्स को 30 हजार रुपये तक की लिमिट वाला UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड मिल सकता है। यह सुविधा खास तौर पर उन छोटे कारोबारियों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें कारोबार के बीच में अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है।
क्रेडिट कार्ड की मदद से वेंडर जरूरी खरीदारी कर सकता है और बाद में बिल का भुगतान कर सकता है। कार्ड की वास्तविक शर्तें, लिमिट और उपलब्ध ब्याज-मुक्त अवधि संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था के नियमों पर निर्भर करेगी।
50 दिन तक ब्याज नहीं, लेकिन समझें पूरा नियम
क्रेडिट कार्ड को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा ब्याज-मुक्त अवधि की है। आमतौर पर क्रेडिट कार्ड में अगर ग्राहक तय समय पर पूरा बकाया चुका देता है तो उसे ब्याज-मुक्त अवधि का फायदा मिल सकता है। यह अवधि बैंक और बिलिंग साइकिल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है और कुछ मामलों में करीब 20 से 50 दिन तक हो सकती है। इसलिए इसे सीधे तौर पर यह नहीं समझना चाहिए कि सरकार हर वेंडर को 50 दिन के लिए बिना ब्याज का 30 हजार रुपये दे रही है। ब्याज-मुक्त अवधि का फायदा लेने के लिए कार्ड का पूरा बकाया समय पर चुकाना जरूरी होता है। अगर ग्राहक केवल न्यूनतम रकम का भुगतान करता है या बिल की तारीख चूक जाता है, तो ब्याज और दूसरे शुल्क लग सकते हैं।
समय पर भुगतान करने पर ब्याज सब्सिडी का फायदा
पीएम स्वनिधि योजना में समय पर लोन चुकाने वाले वेंडर्स को प्रोत्साहित करने के लिए ब्याज सब्सिडी का भी प्रावधान है। पात्र लाभार्थियों को योजना के नियमों के मुताबिक 7 प्रतिशत सालाना ब्याज सब्सिडी मिल सकती है। इससे छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज की लागत कम करने में मदद मिलती है।
समय पर किस्त चुकाने का एक और फायदा यह है कि वेंडर का बैंकिंग रिकॉर्ड बेहतर होता है। आगे चलकर औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े रहने में भी इसका फायदा मिल सकता है।
डिजिटल पेमेंट करने पर कैशबैक
सरकार पीएम स्वनिधि के जरिए स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल भुगतान से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत QR कोड और UPI जैसे माध्यमों से डिजिटल लेनदेन करने वाले पात्र वेंडर्स को प्रोत्साहन दिया जाता है। योजना में डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर कैशबैक का प्रावधान है।
इसका फायदा यह है कि छोटे दुकानदार धीरे-धीरे नकद लेनदेन पर निर्भरता कम कर सकते हैं और डिजिटल पेमेंट के जरिए अपने कारोबार का रिकॉर्ड भी बेहतर तरीके से रख सकते हैं।
कौन ले सकता है पीएम स्वनिधि का लाभ?
यह योजना मुख्य रूप से स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है। सब्जी, फल, खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का सामान बेचने वाले लोगों के अलावा नाई, मोची, धोबी जैसी सेवाएं देने वाले छोटे कारोबारी भी पात्रता पूरी करने पर योजना का लाभ ले सकते हैं। मोबाइल और मौसमी वेंडर्स के साथ पर्यटन से जुड़े स्ट्रीट वेंडर्स को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
आवेदन के लिए वेंडर की पहचान और उसके कारोबार से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जरूरत होती है। इसमें Certificate of Vending यानी वेंडिंग प्रमाणपत्र या सिफारिश पत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज हो सकते हैं। दस्तावेजों और पात्रता की अंतिम जांच संबंधित स्थानीय निकाय और बैंक की प्रक्रिया के अनुसार होती है।
योजना का लाभ लेने के लिए कहां करें आवेदन?
पीएम स्वनिधि के लिए पात्र स्ट्रीट वेंडर अपने नगर निकाय की मदद से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। योजना के आधिकारिक पोर्टल और संबंधित सरकारी माध्यमों से भी आवेदन तथा पात्रता से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है। आवेदन करने से पहले अपने दस्तावेज और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखना बेहतर होगा।
सरकार ने इस योजना को अब मार्च 2030 तक जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही इसका दायरा भी बढ़ाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छोटे कारोबारी औपचारिक बैंकिंग और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़ सकें।
76 लाख से ज्यादा वेंडर्स को मिला फायदा
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 12 जुलाई 2026 तक 76.95 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को पीएम स्वनिधि के तहत लाभ मिला है और करीब 1.15 करोड़ लोन जारी किए गए हैं। इन लोन की कुल रकम 18,475 करोड़ रुपये से ज्यादा रही है। यह योजना देश के लाखों छोटे कारोबारियों के लिए पूंजी जुटाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। पीएम स्वनिधि का फायदा सिर्फ लोन तक सीमित नहीं है। योजना का बड़ा उद्देश्य छोटे दुकानदारों को बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और औपचारिक क्रेडिट व्यवस्था से जोड़ना भी है।


