84 Mahadev Yatra Ujjain: श्रावण में 84 महादेवों के दर्शन का मौका, जानिए क्यों खास मानी जाती है यह यात्रा

84 Mahadev Yatra Ujjain 2026: सावन में महाकाल की नगरी उज्जैन में 84 महादेवों के दर्शन का दुर्लभ अवसर, जानिए क्यों यह यात्रा मानी जाती है बेहद पुण्यदायी

Jyotsana Singh
Published on: 22 Jun 2026 1:43 PM IST (Updated on: 22 Jun 2026 1:44 PM IST)
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84 Mahadev Yatra Ujjain 2026

84 Mahadev Yatra Ujjain 2026: श्रावण मास भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान देशभर के शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है, लेकिन अगर आप इस सावन कुछ विशेष और दुर्लभ आध्यात्मिक अनुभव करना चाहते हैं तो बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की 84 महादेव यात्रा आपके लिए खास हो सकती है। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर और काल भैरव मंदिर के लिए प्रसिद्ध उज्जैन में ऐसे 84 प्राचीन शिव मंदिर हैं, जिनकी परिक्रमा और दर्शन को बेहद पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक इन सभी महादेवों के दर्शन करने से जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं और शिव कृपा प्राप्त होती है।

महाकाल की नगरी में बसता है 84 महादेवों का अनोखा धाम


मध्य प्रदेश का उज्जैन भारत के सबसे प्राचीन धार्मिक नगरों में गिना जाता है। यहां स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि इसी शहर और इसके आसपास 84 महादेव मंदिरों का एक विशेष धार्मिक परिक्रमा मार्ग भी मौजूद है। यह यात्रा अगस्त्येश्वर महादेव से शुरू होकर लोमशेश्वर महादेव पर समाप्त होती है।

84 महादेव यात्रा का क्या है धार्मिक महत्व

पुराणों और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उज्जैन के 84 महादेव भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। श्रद्धालु मानते हैं कि इन सभी मंदिरों के दर्शन करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। सावन के महीने में विशेष रूप से बड़ी संख्या में भक्त इस यात्रा को पूरा करने पहुंचते हैं।

इन प्रमुख महादेव मंदिरों के दर्शन जरूर करें


84 महादेवों में अगस्त्येश्वर महादेव, गुहेश्वर महादेव, डमरुकेश्वर महादेव, अनादि कल्पेश्वर महादेव, कपालमोचन महादेव, सिद्धेश्वर महादेव, नीलकंठेश्वर महादेव, राजेंद्रेश्वर महादेव, नागचंद्रेश्वर महादेव, अर्धनारीश्वर महादेव, महाकालेश्वर महादेव, कुबेरेश्वर महादेव, विश्वेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, गंगाधरेश्वर महादेव, पिंगलेश्वर महादेव, अमृतेश्वर महादेव, रुद्रेश्वर महादेव, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, चिंतामणेश्वर महादेव, ब्रह्मेश्वर महादेव और लोमशेश्वर महादेव जैसे कई प्राचीन शिवालय शामिल हैं। हर मंदिर की अपनी अलग धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक पहचान है।

ऋणमुक्तेश्वर महादेव को लेकर है खास मान्यता


84 महादेवों में शामिल ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां श्रद्धा से पूजा-अर्चना करने पर आर्थिक परेशानियों और कर्ज संबंधी समस्याओं से राहत मिलने की कामना की जाती है। इसी कारण सावन में यहां भक्तों की विशेष भीड़ देखने को मिलती है।

2 से 3 दिन में पूरी होती है यह आध्यात्मिक यात्रा

84 महादेव यात्रा एक दिन में पूरी करना आसान नहीं है। अधिकांश श्रद्धालुओं को सभी मंदिरों के दर्शन करने में 2 से 3 दिन का समय लगता है। मंदिर उज्जैन शहर के विभिन्न हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इसलिए यात्रा की योजना पहले से बनाना बेहतर रहता है।

रूट मैप की मदद से आसान हो जाते हैं दर्शन

उज्जैन पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं की ओर से 84 महादेव यात्रा का रूट मैप उपलब्ध कराया जाता है। यह मार्ग अगस्त्येश्वर महादेव से शुरू होकर क्रमवार सभी मंदिरों तक पहुंचाता है। पहली बार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह मैप काफी उपयोगी साबित होता है। कई लोग स्थानीय गाइड की सहायता भी लेते हैं ताकि कम समय में अधिक मंदिरों के दर्शन किए जा सकें।

श्रावण मास में क्यों बढ़ जाता है महत्व

श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, शिव चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। ऐसे में महाकाल की नगरी उज्जैन में 84 महादेवों के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है। अगर आप इस सावन किसी विशेष शिव धाम की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो उज्जैन की 84 महादेव यात्रा आपकी धार्मिक यात्रा को यादगार बना सकती है।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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