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बदरीनाथ धाम में दिव्यांग श्रद्धालु की पूरी हुई मुराद, कर्मचारियों ने व्हीलचेयर से कराए दर्शन
Badrinath Dham: दिव्यांग महिला श्रद्धालु की पूरी हुई मुराद, कर्मचारियों ने व्हीलचेयर से कराए भगवान बदरीविशाल के दर्शन
Badrinath Dham
Badrinath Dham: उत्तराखंड के श्री बदरीनाथ धाम में आस्था, सेवा और संवेदनशीलता का मिसाल पेश करता दृश्य सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। ओडिशा से दर्शन के लिए पहुंची एक दिव्यांग महिला श्रद्धालु वर्षों से भगवान बदरीविशाल के दर्शन की इच्छा थी। उनकी यह इक्छा तब पूरी हुई, जब अग्निशमन सेवा के कर्मचारी चंद्रमोहन और पर्यटन विभाग के कर्मचारी रोहित फर्स्वाण ने उन्हें व्हीलचेयर के माध्यम से सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाया। दोनों कर्मचारियों की इस मानवीय पहल ने यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा वही है, जो जरूरतमंद के चेहरे पर संतोष और खुशी ला दे। हालांकि प्रशासन की ओर से जारी जानकारी में श्रद्धालु का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सेवा भाव ने आसान बनाया कठिन सफर
बदरीनाथ धाम समुद्र तल से करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में दिव्यांग, बुजुर्ग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ओडिशा से आई दिव्यांग महिला भी इसी कठिनाई का सामना कर रही थीं। उनकी स्थिति को देखते हुए फायर सेवा के कर्मचारी चंद्रमोहन और पर्यटन विभाग के कर्मचारी रोहित फर्स्वाण ने उन्हें व्हीलचेयर पर बैठाकर पूरे मार्ग से मंदिर तक पहुंचाया और दर्शन कराने में सहयोग किया।
दर्शन के बाद भावुक हुई श्रद्धालु
भगवान बदरीविशाल के दर्शन के बाद महिला श्रद्धालु ने दोनों कर्मचारियों का आभार जताया। उनके चेहरे की खुशी और संतोष इस बात का प्रमाण थी कि समय पर मिली मदद किसी के लिए कितनी बड़ी सौगात बन सकती है। वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने भी दोनों कर्मचारियों की सराहना करते हुए इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए क्या हैं व्यवस्थाएं
चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम में दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से व्हीलचेयर की उपलब्धता, जरूरत पड़ने पर कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की सहायता, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा तथा भीड़ प्रबंधन शामिल हैं। आवश्यकता होने पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मचारी भी श्रद्धालुओं की मदद के लिए तैनात रहते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था रहती है बहुस्तरीय
बदरीनाथ धाम में यात्रा सीजन के दौरान पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार तैनात रहती हैं। मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं। मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष तैयारियां रखी जाती हैं।
चारधाम यात्रा में बढ़ रही सुगम सुविधाएं
हाल के वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया है। यात्रा मार्गों का विस्तार, स्वास्थ्य केंद्र, हेल्प डेस्क, डिजिटल पंजीकरण, यातायात प्रबंधन और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि हर श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के अपने आराध्य के दर्शन कर सके।


