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Dussehra 2026: दिल्ली से पंचकूला तक Dussehra 2026: विशाल रावण की धूम! दशहरा 2026 पर कहां बनेगा सबसे ऊंचा पुतला?
Dussehra 2026: दिल्ली के द्वारका और हरियाणा के पंचकूला में 221 फीट ऊंचे रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र हैं। जानें देहरादून, लखनऊ, ग्रेटर नोएडा, वाराणसी और कोटा के दशहरा आयोजनों की खास बातें।
Dussehra 2026: 221-Foot Ravana Effigies in Delhi and Panchkula, Biggest Celebrations Across India
Dussehra 2026: नवरात्रि पर आस्था के उत्सव के साथ अब दशहरे की रौनके भी नजर आने लगी हैं। ऊंचे कद के रावण के पुतलों की मौजूदगी अब लोगों को रोमांचित करने का सबब बन रही है। दशहरा यानी विजयादशमी का त्योहार इस बार 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। त्योहार से पहले ही देश के कई शहरों में विशाल रावण के पुतले तैयार हो चुके हैं और रामलीला मैदानों में उत्सव की रौनक बढ़ने लगी है। दिल्ली के द्वारका में 221 फीट ऊंचा रावण चर्चा में है, तो हरियाणा के पंचकूला में भी इसी ऊंचाई का पुतला तैयार किया जा रहा है। उत्तराखंड के देहरादून में 181 फीट ऊंचा रावण लोगों का ध्यान खींच रहा है। वहीं, लखनऊ की ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला में पारंपरिक मंचन के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी है।
इस साल दशहरा आयोजनों में सिर्फ पुतलों की ऊंचाई ही आकर्षण नहीं है। कहीं रिमोट कंट्रोल से रावण दहन होगा, कहीं एलईडी स्क्रीन और डिजिटल इफेक्ट्स के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में दिखाया जाएगा। राजस्थान के कोटा में कई दिनों तक चलने वाला दशहरा मेला भी उत्सव का बड़ा केंद्र बनेगा। आइए जानते हैं कि 2026 में देश के प्रमुख दशहरा आयोजनों में क्या खास रहने वाला है।
दिल्ली के द्वारका में 221 फीट का रावण, 40 लाख रुपये आई लागत
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 में इस बार रावण दहन का नजारा बेहद खास रहने वाला है। द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ने 221 फीट ऊंचा रावण तैयार किया है। इसके निर्माण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। लगभग 120 कारीगरों और मजदूरों ने तीन महीने की मेहनत से इसे तैयार किया है। पुतले के ढांचे में सात टन लोहे का इस्तेमाल किया गया है, जबकि इसका मुकुट ही 25 फीट ऊंचा है। इसे मजबूती देने के लिए जमीन में करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बनाया गया है।
रावण के साथ 90-90 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी तैयार किए गए हैं। यहां रिमोट कंट्रोल के जरिए रावण दहन करने और ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करने की तैयारी है। आयोजक इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रावण बता रहे हैं।
पंचकूला में भी 221 फीट का रावण, 55 फीट का होगा मुकुट
हरियाणा के पंचकूला में भी इस साल विशाल रावण का पुतला दशहरा उत्सव का मुख्य आकर्षण बनने जा रहा है। सेक्टर-5 के शालीमार मैदान में श्री माता मनसा देवी चैरिटेबल एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से आयोजित होने वाले 46वें दशहरा समारोह में 221 फीट ऊंचा रावण तैयार किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार
इस पुतले पर भी करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। जबकि मंच, कलाकारों, रोशनी, टेंट और दूसरे इंतजामों सहित पूरे आयोजन की लागत लगभग 70 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। रावण का मुकुट करीब 55 फीट ऊंचा और तलवार लगभग 50 फीट लंबी बताई गई है। आयोजकों ने रावण दहन के लिए रिमोट कंट्रोल तकनीक और पर्यावरण को ध्यान में रखकर पटाखों के इस्तेमाल की योजना भी बताई है।
देहरादून में 181 फीट का रावण, परेड मैदान में जुटेंगे लोग
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में परेड मैदान पर 181 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। इसके साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, विशाल रावण का पुतला मैदान में खड़ा किया जा चुका था। दशहरे पर यहां रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। दिल्ली और पंचकूला के 221 फीट ऊंचे पुतलों के बाद देहरादून का 181 फीट का रावण भी इस साल के बड़े आयोजनों में शामिल है।
लखनऊ की ऐशबाग रामलीला में AI और डिजिटल इफेक्ट्स का तड़का
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऐशबाग की ऐतिहासिक रामलीला का अपना अलग महत्व है। करीब 450 साल पुरानी इस परंपरा को इस बार आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। आयोजन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, रामलीला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI आधारित दृश्य प्रभावों, होलोग्राम और एलईडी प्रोजेक्शन का इस्तेमाल करने की योजना है। इसका उद्देश्य पारंपरिक मंचन को बदले बिना रामायण के प्रसंगों को अधिक आकर्षक बनाना है। इस बार ऐशबाग में दशहरे के उपलक्ष्य में और मुख्य आकर्षण के तौर पर यहां 70 फीट ऊंचे चलायमान (मूविंग) रावण का पुतला और आधुनिकीकृत मंच सजाया गया है। यहां का आकर्षण केवल रावण दहन नहीं, बल्कि रामलीला के पारंपरिक संवाद, कलाकारों का अभिनय और बदलती तकनीक का मेल भी रहेगा।
ग्रेटर नोएडा में 325 फीट का मंच, 65 फीट का रावण
ग्रेटर नोएडा में इस बार रामलीला को बड़े मंच और आधुनिक दृश्य तकनीक के साथ पेश किया जा रहा है। आयोजन की जानकारी के अनुसार, 325 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े मंच पर 100 से अधिक कलाकार रामायण के प्रसंगों का मंचन करेंगे। पारंपरिक परदों की जगह एलईडी स्क्रीन और आधुनिक ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को थिएटर जैसा अनुभव देने की कोशिश होगी।
यहां दशहरे पर 65 फीट ऊंचे रावण, 60 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और 55 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। रामलीला के साथ हस्तशिल्प की दुकानें और झूले भी उत्सव का हिस्सा होंगे।
वाराणसी के बरेका में 56 साल बाद बदलेगी रावण दहन की परंपरा
वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना यानी बरेका में इस साल रावण दहन से जुड़ा एक अलग बदलाव चर्चा में है। यहां 56 साल में पहली बार दस सिर वाले रावण के बजाय एक सिर वाले पुतले का दहन किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार कुंभकर्ण का पुतला 65 फीट और मेघनाद का पुतला 60 फीट ऊंचा होगा।
यह बदलाव दिखाता है कि दशहरा आयोजनों में केवल पुतलों की ऊंचाई ही नहीं, बल्कि स्थानीय परंपराएं और आयोजन से जुड़े फैसले भी चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कोटा का दशहरा मेला 5 नवंबर तक, 20 अक्टूबर को रावण दहन
राजस्थान का कोटा दशहरा मेला देश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में गिना जाता है। भारत के आधिकारिक पर्यटन पोर्टल के अनुसार, 2026 का मेला 20 अक्टूबर से 6 नवंबर तक आयोजित होना निर्धारित है। यात्रा की योजना बनाने से पहले स्थानीय प्रशासन या आयोजकों की ताजा सूचना जांचना उचित होगा। कोटा की खासियत यह है कि यहां रावण दहन के साथ लोक संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और मेले की रौनक भी देखने को मिलती है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन इस उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहता है।
20 अक्टूबर को देशभर में मनेगी विजयादशमी
इस बार दिल्ली से पंचकूला और देहरादून तक विशाल रावण के पुतले तैयार किए गए हैं, जबकि लखनऊ और ग्रेटर नोएडा में पारंपरिक रामलीला को आधुनिक तकनीक के साथ पेश करने की तैयारी है। वाराणसी में स्थानीय परंपरा में बदलाव और कोटा में लंबे दशहरा मेले का आयोजन भी उत्सव को अलग-अलग रंग देता है।


