Hill Station Hotel Price Hike: होटल के रेट सुनकर लोग बदल रहे प्लान! अब पहाड़ों की छुट्टियां बन रही हैं ‘लग्जरी ट्रिप’

Hill Station Hotel Price Hike 2026: शिमला, मनाली और मसूरी में होटल किराया कई गुना बढ़ा, लोग अब सस्ते हिल स्टेशन तलाश रहे हैं

Jyotsana Singh
Published on: 28 May 2026 6:30 AM IST
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Hill Station Hotel Price Hike 2026 

Hill Station Hotel Price Hike 2026: गरमी की तपिश से दूर पहाड़ों की वादियों में समय बिताना लोगों के बीच एक सदियों पुराना ट्रेंड चला आ रहा है। यही वजह है कि इस बार भी गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही लाखों लोग पहाड़ों की ओर निकल पड़े हैं, लेकिन इस बार शिमला, मनाली और मसूरी घूमना पहले जितना आसान और सस्ता नहीं रह गया। जिन होटलों में कुछ महीने पहले तक 2000 से 3000 रुपए में आराम से कमरा मिल जाता था, वहां अब एक रात रुकने के लिए 8000 से 12000 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। हालत यह है कि होटलों के इतने ऊंचे रेट देखकर कई परिवार अब बजट के बाहर जाती इस ट्रिप को कैंसल कर रहे हैं या फिर नए डेस्टिनेशन तलाशने लगे हैं। भीषण गर्मी में मई-जून का समय हमेशा से हिल स्टेशनों का पीक सीजन माना जाता है। स्कूलों की छुट्टियां, बढ़ती गर्मी और लंबे वीकेंड की वजह से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड का सीधा असर होटल इंडस्ट्री पर दिख रहा है। जो सैलानियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे हैं।

2000 वाला कमरा पहुंचा 8000 के पार

इस बार होटल किराए में बढ़ोतरी सामान्य नहीं बल्कि कई जगहों पर तीन से चार गुना तक देखी जा रही है। शिमला, मनाली और मसूरी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर अचानक बढ़े रेट्स ने टूरिस्ट्स का बजट बिगाड़ दिया है। शिमला में जो बजट होटल सामान्य दिनों में 1000 से 1500 रुपए में मिल जाते थे, वहीं अब उन्हीं कमरों का किराया 4000 से 6000 रुपए तक पहुंच गया है। मिड-रेंज होटल्स के रेट 8000 रुपए के आसपास चल रहे हैं, जबकि रिजॉर्ट और व्यू होटल्स में एक रात का खर्च 15000 रुपए से भी ऊपर बताया जा रहा है।

मनाली में स्थिति और ज्यादा महंगी हो चुकी है। खासकर मॉल रोड, सोलांग वैली और रोहतांग रूट के आसपास बने होटल सबसे ज्यादा महंगे हुए हैं। कई होटल्स में तीन दिन रुकने का खर्च ही 10 से 15 हजार रुपए तक पहुंच रहा है।

सिर्फ होटल नहीं, पूरी ट्रिप महंगी

पहाड़ों पर बढ़ती भीड़ का असर सिर्फ होटल तक सीमित नहीं है। टैक्सी किराया, लोकल ट्रैवल, कैफे और एडवेंचर एक्टिविटी के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। यानी जो ट्रिप पहले 20-25 हजार रुपए में पूरी हो जाती थी, वही अब 40 हजार रुपए तक पहुंच रही है।

दिल्ली, यूपी और हरियाणा से जाने वाले परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी बजट मैनेज करने में हो रही है। कई लोग अब होटल की जगह होमस्टे और हॉस्टल तलाश रहे हैं ताकि खर्च कम किया जा सके।

वीकेंड बना सबसे बड़ा कारण

होटल कारोबारियों के मुताबिक शुक्रवार से रविवार के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। इसी वजह से वीकेंड पर रूम रेट्स में 25 से 40 फीसदी तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो रही है। यानी अगर कोई परिवार सोमवार से गुरुवार के बीच ट्रिप प्लान करता है तो वही कमरा उन्हें काफी सस्ता मिल सकता है। लेकिन ज्यादातर लोग ऑफिस और बच्चों की छुट्टियों के कारण वीकेंड चुनते हैं, जिससे मांग अचानक बढ़ जाती है।

ट्रैफिक जाम ने बढ़ाई परेशानी

इस बार पहाड़ों पर सिर्फ महंगे होटल ही नहीं, बल्कि लोगों की समर ट्रिप के लुत्फ को बेमजा करने वाला लंबा ट्रैफिक जाम भी बड़ी समस्या बन गया है। मनाली के रोहतांग और सोलांग रूट पर कई किलोमीटर लंबा जाम देखने को मिल रहा है। वहीं शिमला में पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या लगातार बढ़ रही है।

कई पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की है कि महंगे होटल बुक करने के बावजूद उन्हें घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा। ऐसे में लोगों का पूरा ट्रैवल एक्सपीरियंस प्रभावित हो रहा है।

लोग अब नए डेस्टिनेशन खोज रहे

होटल किराए बढ़ने के बाद अब कई लोग लोकप्रिय हिल स्टेशनों की बजाय कम चर्चित जगहों का रुख कर रहे हैं। हिमाचल में तीर्थन वैली, जीभी और चैल जैसी जगहों की डिमांड बढ़ रही है। वहीं उत्तराखंड में लैंसडाउन, कौसानी और मुक्तेश्वर जैसे शांत डेस्टिनेशन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

इन जगहों पर अभी भी अपेक्षाकृत सस्ते होटल और कम भीड़ मिल रही है। यही वजह है कि बजट ट्रैवलर्स अब नए विकल्पों पर फोकस कर रहे हैं।

सस्ते में ट्रिप करनी है तो अपनाएं ये तरीका

ट्रैवल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर लोग कुछ स्मार्ट प्लानिंग करें तो खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। मई-जून की बजाय जुलाई, अगस्त या सितंबर में ट्रिप प्लान करने पर होटल रेट काफी नीचे आ जाते हैं। इसके अलावा कम से कम दो से तीन हफ्ते पहले बुकिंग करने से भी बेहतर डील मिल सकती है।

वीकेंड की बजाय वीकडेज में ट्रैवल करना, होटल की जगह होमस्टे चुनना और भीड़ वाले स्पॉट से थोड़ी दूर रुकना भी बजट बचाने का अच्छा तरीका माना जा रहा है।

इस बार छुट्टियां नहीं, बजट बना सबसे बड़ी चिंता

पहाड़ों पर बढ़ती भीड़ और तेजी से महंगे होते होटल अब आम लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगे हैं। कभी मिडिल क्लास फैमिली की आसान समर ट्रिप माने जाने वाले शिमला और मनाली अब धीरे-धीेरे महंगे टूरिस्ट जोन बनते जा रहे हैं।

ऐसे में इस गर्मी छुट्टियों का असली सवाल सिर्फ कहां घूमने जाएं नहीं, बल्कि कितना खर्च होगा बन चुका है। यानी पहाड़ी इलाकों पर बढ़ती महंगाई पर्यटकों के समर ट्रिप के उत्साह को किरकिरा करने का काम कर रही है।

Jyotsana Singh

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Content Writer Mail ID - jyotsana.b.singh@gmail.com

Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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