कांवड़ मार्ग पर 10 फीट का अजगर, शिवभक्तों में मची अफरा-तफरी; सिपाही ने ऐसे बचाई जान

Kanwar Yatra 2026: के दौरान मुजफ्फरनगर के कांवड़ मार्ग पर 10 फीट का अजगर निकलने से अफरा-तफरी मच गई। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने बहादुरी दिखाकर अजगर को सुरक्षित पकड़ा।

Jyotsana Singh
Published on: 3 Aug 2026 3:33 PM IST (Updated on: 3 Aug 2026 11:04 PM IST)
Kanwar Yatra 2026: 10-Foot Python Sparks Panic on Kanwar Route, Constable Rescues Devotees
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Kanwar Yatra 2026: 10-Foot Python Sparks Panic on Kanwar Route, Constable Rescues Devotees

Kanwar Yatra 2026: सावन माह में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने कुछ देर के लिए कांवड़ियों की धड़कनें बढ़ा दीं। खतौली क्षेत्र के गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर अचानक करीब 10 फीट लंबा अजगर निकल आया। विशालकाय अजगर को सड़क पर रेंगता देख कांवड़ यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए यात्रा रोकनी पड़ी। मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अजगर को सुरक्षित काबू में किया। बाद में वन विभाग की टीम ने उसे जंगल में छोड़ दिया, जिसके बाद कांवड़ मार्ग पर स्थिति सामान्य हो सकी।

गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर अचानक दिखा विशाल अजगर

मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र में गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 10 फीट लंबा अजगर सड़क पर दिखाई दिया। सावन के कारण इस मार्ग पर बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर गुजर रहे थे। जैसे ही लोगों की नजर अजगर पर पड़ी, यात्रियों में दहशत फैल गई। कई लोग पीछे हट गए, जबकि कुछ ने शोर मचाकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों को सूचना दी। सुरक्षा के लिहाज से कुछ समय के लिए यात्रियों की आवाजाही भी रोकनी पड़ी।

ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने दिखाई बहादुरी

सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान सक्रिय हो गए। इसी दौरान एक ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने बिना घबराए अजगर को सुरक्षित पकड़ने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उसने अजगर को काबू में कर लिया और सावधानीपूर्वक उसे एक बोरे में बंद कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने सिपाही की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की, क्योंकि उसकी तत्परता से किसी भी तरह की अनहोनी टल गई।

वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा

ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई। टीम ने पुलिस से अजगर को अपने कब्जे में लिया और उसका स्वास्थ्य जांचने के बाद उसे आबादी से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगली जीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत विभाग को सूचना देना सबसे सही तरीका है, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।

बरसात में क्यों बढ़ जाते हैं ऐसे मामले?

मानसून के दौरान भारी बारिश से सांप और अजगरों के बिलों में पानी भर जाता है। इसके अलावा उमस और नमी बढ़ने के कारण ये जीव सुरक्षित स्थान की तलाश में खेतों, सड़कों और कभी-कभी रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि सावन और बरसात के मौसम में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से सांप और अजगर निकलने की घटनाएं अधिक सामने आती हैं।

अजगर कितना खतरनाक होता है?

अजगर जहरीला नहीं होता, लेकिन यह बेहद ताकतवर होता है। अपने शिकार को दांतों से पकड़ने के बाद वह शरीर से लपेटकर कसता है, जिससे शिकार का दम घुट जाता है। सामान्य परिस्थितियों में अजगर इंसानों पर हमला नहीं करता, लेकिन यदि उसे खतरा महसूस हो या कोई उसे पकड़ने की कोशिश करे तो वह आक्रामक हो सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी जंगली जीव को देखकर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।

सांप या अजगर दिखे तो क्या करें?

वन्यजीव विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सांप या अजगर दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करें। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत पुलिस, वन विभाग या स्थानीय रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए। भीड़ लगाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे जंगली जीव घबरा सकता है और दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।

यात्रा फिर हुई सामान्य, लेकिन चर्चा का विषय बना मामला

वन विभाग द्वारा अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ने के बाद कांवड़ मार्ग पर यातायात और कांवड़ यात्रा फिर से सामान्य हो गई। हालांकि 10 फीट लंबे अजगर का सड़क पर निकलना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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