World Tourism Day 2026: कूनो में चीता सफारी के लिए कब जाएं? क्या है बुकिंग और टाइमिंग का तरीका?

World Tourism Day 2026 पर Kuno National Park Safari का प्लान बना रहे हैं? जानें चीता सफारी की बुकिंग, टाइमिंग, गेट, नियम और जरूरी बातें।

Jyotsana Singh
Published on: 2 Oct 2026 12:45 PM IST
World Tourism Day 2026: Kuno National Park Safari Booking, Timing & Travel Guide
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World Tourism Day 2026: Kuno National Park Safari Booking, Timing & Travel Guide

World Tourism Day 2026: जंगल की कच्ची पगडंडी, चारों तरफ फैला सन्नाटा और अचानक झाड़ियों के बीच दिखाई देता खूंखार चीता… कूनो नेशनल पार्क की सफारी सिर्फ घूमने का रोमांचक अनुभव नहीं, बल्कि वन्यजीवन को करीब से महसूस करने का मौका देती है। अगर इस बार हिल स्टेशन या समुद्र किनारे की छुट्टी छोड़कर कुछ अलग करने का मन है, तो मध्य प्रदेश का कूनो आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकता है। World Tourism Day 2026 के मौके पर कूनो इसलिए भी खास है, क्योंकि इस साल विश्व पर्यटन दिवस की थीम Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism रखी गई है। यानी तकनीक के साथ पर्यटन के बदलते अनुभव पर जोर है। 27 सितंबर को मनाए जाने वाले इस दिन के बहाने अगर आप कूनो की सफारी प्लान कर रही हैं, तो बुकिंग से लेकर सही समय और जरूरी नियमों तक की जानकारी पहले जान लेना बेहतर होगा।

कूनो नेशनल पार्क क्यों है खास?

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क विंध्य क्षेत्र के जंगलों का हिस्सा है। पार्क में कर्दई, सलाई और खैर जैसी वनस्पतियां मिलती हैं और यहां पक्षियों सहित कई तरह के वन्यजीवों की मौजूदगी इसे खास बनाती है। कूनो की पहचान अब चीता पुनर्वास परियोजना से भी जुड़ चुकी है, जिसकी वजह से देश-विदेश के वन्यजीव प्रेमियों की दिलचस्पी यहां बढ़ी है।

सफारी के दौरान चीता दिखना पूरी तरह प्रकृति और वन्यजीवों की गतिविधियों पर निर्भर करता है। इसलिए कूनो जाते समय यह उम्मीद रखना बेहतर है कि आपको जंगल और वन्यजीवन का अनुभव मिलेगा, लेकिन किसी खास जानवर को देखना तय नहीं होता।

कूनो का जंगल उन लोगों के लिए अलग तरह का अनुभव देता है, जिन्हें खुले वातावरण में वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक माहौल में देखना पसंद है।

1 अक्टूबर से शुरू हो चुका है नया सफारी सीजन

मानसून के दौरान वन्यजीवों और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कूनो में नियमित पर्यटन गतिविधियां सीमित रहती हैं। इसके बाद 1 अक्टूबर से नए सफारी सीजन की शुरुआत होती है।

मध्य प्रदेश वन विभाग के 2026-27 अपडेट के अनुसार अक्टूबर और नवंबर में सुबह की सफारी के लिए एंट्री सुबह 6 बजे से होगी और सुबह की एग्जिट टाइमिंग 11:30 बजे तक है। शाम की सफारी में एंट्री दोपहर 3 बजे से और एग्जिट शाम 6 बजे तक है।

दिसंबर और जनवरी में सुबह की एंट्री 6:20 बजे होगी। फरवरी और मार्च में यह 6:10 बजे होगी, जबकि शाम की सफारी मार्च में शाम 6:30 बजे तक चल सकती है। अप्रैल से जून के दौरान गर्मी के कारण सुबह की सफारी और जल्दी शुरू होती है।

सफारी की ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें?

कूनो की सफारी के लिए परमिट की बुकिंग मध्य प्रदेश वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल से की जा सकती है। बुकिंग करते समय पार्क, तारीख और उपलब्ध सफारी स्लॉट को ध्यान से देखना जरूरी है।

2026-27 सीजन के लिए विभाग ने एडवांस परमिट बुकिंग की तारीखें भी पहले जारी की थीं। 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर की यात्राओं के लिए बुकिंग 1 अगस्त से और 1 नवंबर के बाद की यात्राओं के लिए बुकिंग 1 सितंबर से शुरू की गई थी। यात्रा पर निकलने से पहले परमिट, पहचान पत्र और बुकिंग से जुड़ी सभी जानकारी दोबारा जांच लेना समझदारी होगी।

कूनो पहुंचने के लिए कौन सा रास्ता चुनें?

कूनो की यात्रा सड़क मार्ग से करना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। श्योपुर और आसपास के शहरों से पार्क तक सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध है। अगर आप ट्रेन से जा रही हैं, तो शिवपुरी, ग्वालियर और आसपास के प्रमुख रेलवे स्टेशनों से आगे सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए ग्वालियर एयरपोर्ट एक प्रमुख विकल्प हो सकता है। इसके बाद सड़क मार्ग से कूनो तक पहुंचा जा सकता है। यात्रा बुक करने से पहले अपने चुने हुए सफारी गेट की लोकेशन जरूर जांच लें, क्योंकि पार्क के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने का रास्ता अलग हो सकता है।

पहली सफारी है तो इन बातों का रखें ध्यान

कूनो की सफारी पिकनिक की तरह नहीं, बल्कि जंगल का अनुभव है। इसलिए आरामदायक कपड़े और जूते पहनकर जाना बेहतर रहेगा। सुबह की सफारी के दौरान अक्टूबर के बाद मौसम ठंडा महसूस हो सकता है, जबकि दिन में धूप तेज हो सकती है। इसलिए हल्के गर्म कपड़े, कैप, सनग्लास और पानी साथ रखना उपयोगी रहेगा।

अपना ओरिजिनल आईडी प्रूफ और सफारी परमिट जरूर रखें। जंगल के भीतर तेज आवाज में बात करना, म्यूजिक बजाना या जानवरों को आकर्षित करने की कोशिश बिल्कुल न करें। वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही आपकी और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।

चीता दिखे तो कैमरे से पहले नियम याद रखें

कूनो सफारी की सबसे बड़ी उम्मीद चीतों को देखना हो सकती है, लेकिन जंगल में वन्यजीव अपनी मर्जी से चलते हैं। इसलिए सिर्फ चीता देखने की उम्मीद लेकर न जाएं। जंगल का पूरा माहौल, पक्षियों की आवाज, पेड़-पौधे और दूसरे वन्यजीव भी सफारी का हिस्सा हैं। और अगर किस्मत से चीता सामने आ जाए, तो उस पल को शोर या जल्दबाजी से खराब करने के बजाय शांत रहकर देखना ज्यादा यादगार अनुभव होगा।

बस यात्रा से पहले परमिट, सफारी टाइमिंग और पार्क के नियम जरूर जांच लें, ताकि जंगल की यह यात्रा रोमांचक होने के साथ सुरक्षित और जिम्मेदार भी रहे।

नोट: ऊपर दी गई सफारी टाइमिंग मध्य प्रदेश वन विभाग के 2026-27 के आधिकारिक अपडेट पर आधारित है।

कूनो नेशनल पार्क कैसे पहुंचें?

हवाई यात्रा करने वालों के लिए ग्वालियर एयरपोर्ट प्रमुख विकल्प है। कूनो की आधिकारिक जानकारी में ग्वालियर को तीनों प्रमुख प्रवेश द्वारों के लिए नजदीकी एयरपोर्ट बताया गया है। रेल से पहुंचने के लिए शिवपुरी के अलावा ग्वालियर, सवाई माधोपुर, कोटा, जयपुर और झांसी जैसे शहर उपयोगी हो सकते हैं।

सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए भी कई विकल्प हैं। खास तौर पर टिकटोली गेट के लिए सासईपुरा की तरफ से पहुंच आसान बताई गई है। इसलिए होटल बुक करने से पहले यह जरूर देखें कि आपकी सफारी किस गेट से है।

सफारी के दौरान इन नियमों का रखें ध्यान

कूनो की सफारी में जंगल के नियमों का पालन करना सिर्फ औपचारिकता नहीं है। आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार हर वाहन के साथ अधिकृत गाइड होना जरूरी है और पार्क के भीतर निर्धारित गति सीमा का पालन करना होता है। जानवर रास्ता पार कर रहे हों तो उन्हें पहले रास्ता देना चाहिए।

सफारी के दौरान तेज आवाज में बात करने, संगीत बजाने, हॉर्न देने या जानवरों को बुलाने की कोशिश न करें। जानवरों को खाना खिलाना, उनका पीछा करना या उन्हें परेशान करना भी नियमों के खिलाफ है। बिना गाइड की अनुमति वाहन से नीचे उतरना भी नहीं चाहिए।

क्या सामान साथ ले जाना रहेगा जरूरी?

सफारी के लिए वैध परमिट और पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। पानी की बोतल, टोपी या धूप का चश्मा और मौसम के हिसाब से कपड़े रखना उपयोगी रहेगा। सर्दियों में सुबह ठंड अधिक हो सकती है, जबकि गर्मियों में तापमान काफी बढ़ जाता है। एक और छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बात है कि, तेज खुशबू वाले परफ्यूम या डियोड्रेंट से बचना बेहतर है। कूनो के आधिकारिक नियमों में भी पर्यटकों को तेज गंध वाले परफ्यूम और डियोड्रेंट न लगाने की सलाह दी गई है।

कूनो में सिर्फ चीता ही देखने को नहीं मिलेगा

कूनो की यात्रा को केवल चीता देखने तक सीमित न रखें। यहां कूनो नदी, पालपुर गढ़ी, दोआब कुंड, खेमचा झील और ग्रेविटी पाइपलाइन जैसे स्थान भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। पालपुर गढ़ी कूनो नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक स्थल है और जंगल की यात्रा में एक अलग अनुभव जोड़ता है।

रुकने की योजना बनाने वालों के लिए पार्क प्रबंधन के रेस्ट हाउस और आसपास के अन्य ठहरने के विकल्प उपलब्ध हैं। आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक पार्क प्रबंधन के तहत चार रेस्ट हाउस हैं, जबकि मध्य प्रदेश पर्यटन का रिसॉर्ट भी पार्क के पास मौजूद है।

कूनो सफारी को यादगार बनाने का सबसे आसान तरीका

कूनो जाने से पहले सबसे जरूरी बात है कि सफारी को सिर्फ “चीता देखने” की यात्रा न मानें। जंगल में हर सफारी अलग होती है। कभी घंटों इंतजार के बाद कोई जानवर दिखाई देता है तो कभी कुछ ही मिनट में अचानक जंगल जीवंत हो उठता है।

इसलिए सही मौसम, प्रवेश द्वार, परमिट और स्थानीय नियमों की जानकारी लेकर जाएं। और सबसे जरूरी—जंगल को देखने जाएं, उसे अपने हिसाब से चलाने नहीं। यही सोच आपकी कूनो नेशनल पार्क की सफारी को रोमांचक होने के साथ-साथ जिम्मेदार और यादगार भी बनाएगी।

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Jyotsana Singh is an Tech/Auto and Tourism Desk Content Writer at Newstrack.com.

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