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Mumbai Park Price Hike: इस पार्क में सैर करने वालों को झटका! सालाना पास ₹383 से ₹10,000 पहुंचा
Mumbai Park SGNP Price Hike: मुंबई पार्क में सालाना पास ₹383 से ₹10,000, सैर करने वालों को झटका
Mumbai Sanjay Gandhi National Park Price Hike 2026
Mumbai Sanjay Gandhi National Park Price Hike 2026: मुंबई के बोरीवली स्थित संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) में घूमने और नियमित मॉर्निंग वॉक करने वालों के लिए बड़ा झटका लगा है। पार्क प्रशासन ने प्रवेश शुल्क, मॉर्निंग वॉक पास, सफारी, मिनी ट्रेन, बोटिंग और ई-बस जैसी कई सेवाओं के दामों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। सबसे ज्यादा चर्चा मॉर्निंग वॉकर्स के वार्षिक पास को लेकर हो रही है, जिसकी फीस 383 रुपये से बढ़ाकर सीधे 10,000 रुपये कर दी गई है। नई दरें 1 मई 2026 से लागू मानी जा रही हैं। इस फैसले से स्थानीय नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और नियमित आने वाले लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। मुंबई के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल संजय गांधी नेशनल पार्क हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। शहर की भागदौड़ के बीच हरियाली, शांति और प्राकृतिक वातावरण के कारण यह पार्क मॉर्निंग वॉकर्स, फिटनेस प्रेमियों और परिवारों की पहली पसंद माना जाता है। ऐसे में शुल्क बढ़ोतरी का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
मॉर्निंग वॉकर्स के लिए सबसे बड़ा झटका
पार्क प्रशासन द्वारा जारी नए शुल्क ढांचे में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी प्रभातफेरी यानी मॉर्निंग वॉक पास में की गई है। पहले सामान्य नागरिकों के लिए वार्षिक पास 383 रुपये में मिलता था, लेकिन अब इसके लिए 10,000 रुपये चुकाने होंगे। यानी फीस में कई गुना इजाफा हुआ है।
वरिष्ठ नागरिकों को भी सीमित राहत मिली है। उनके लिए वार्षिक पास 5,000 रुपये तय किया गया है। वहीं मासिक पास भी अब महंगा हो गया है। सामान्य नागरिकों के लिए मासिक पास 1,000 रुपये और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 500 रुपये रखा गया है। इस बढ़ोतरी से रोजाना पार्क में सैर करने वाले लोगों में असंतोष है। कई लोगों का कहना है कि पार्क आम नागरिकों के स्वास्थ्य और प्रकृति से जुड़ाव का स्थान है, इसलिए शुल्क इतना ज्यादा नहीं होना चाहिए।
पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क भी बढ़ा
सिर्फ मॉर्निंग वॉकर्स ही नहीं, घूमने आने वाले पर्यटकों को भी अब ज्यादा पैसा खर्च करना होगा। नए रेट कार्ड के अनुसार मुख्य प्रवेश द्वार से प्रवेश के लिए भारतीय वयस्कों को 150 रुपये और बच्चों को 75 रुपये देने होंगे।
विदेशी पर्यटकों के लिए भी शुल्क बढ़ाया गया है। विदेशी वयस्कों के लिए 450 रुपये और बच्चों के लिए 225 रुपये तय किए गए हैं। इस टिकट में कुछ विशेष आकर्षण भी शामिल किए गए हैं, जैसे कैट ओरिएंटेशन सेंटर, टैक्सीडर्मी सेंटर और कैक्टस गार्डन का भ्रमण। प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यटकों को एक बेहतर अनुभव मिलेगा।
सफारी, मिनी ट्रेन और बोटिंग भी महंगी
पार्क के भीतर मिलने वाली मनोरंजन और पर्यटन सुविधाओं के दामों में भी बदलाव किया गया है।
व्याघ्र व सिंह सफारी (बस) के लिए अब वयस्कों को 250 रुपये और बच्चों को 125 रुपये देने होंगे। यह सफारी पार्क की प्रमुख आकर्षणों में से एक है, जहां पर्यटक सुरक्षित बस से शेर और बाघ देख सकते हैं।
मिनी ट्रेन वनरानी का किराया भी बढ़ा है। अब वयस्कों के लिए 100 रुपये और बच्चों के लिए 50 रुपये शुल्क रखा गया है। यह ट्रेन परिवारों और बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय है।
नौका विहार यानी बोटिंग के लिए 2 सीटर नाव का किराया 200 रुपये और 4 सीटर नाव का 400 रुपये तय किया गया है।
इसके अलावा कान्हेरी गुफाओं तक जाने वाली ई-बस सेवा भी महंगी हो गई है। अब वयस्कों को 100 रुपये और बच्चों को 50 रुपये देने होंगे।
क्यों बढ़ाए गए शुल्क?
पार्क प्रशासन का कहना है कि बढ़ती पर्यटक संख्या, सुविधाओं के रखरखाव, कर्मचारियों के वेतन और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए शुल्क बढ़ाना जरूरी हो गया था।
प्रशासन का यह भी कहना है कि आने वाले समय में पार्क में और बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्वच्छता, सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त राजस्व की जरूरत है।
इसके साथ ही टिकट व्यवस्था को डिजिटल बनाया जा रहा है। लंबी कतारों से बचने के लिए एकीकृत ऑनलाइन टिकट सिस्टम शुरू किया जाएगा, जिससे लोग पहले से टिकट बुक कर सकेंगे।
लोगों में नाराजगी, राहत की मांग
हालांकि प्रशासन ने शुल्क बढ़ोतरी को जरूरी बताया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी अचानक करना उचित नहीं है। खासकर मॉर्निंग वॉकर्स के लिए 383 रुपये से सीधे 10,000 रुपये सालाना शुल्क बेहद ज्यादा माना जा रहा है।
कई नागरिकों का कहना है कि पार्क सिर्फ पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि मुंबईवासियों के स्वास्थ्य और मानसिक शांति का बड़ा केंद्र है। यहां रोजाना आने वाले वरिष्ठ नागरिक, नौकरीपेशा लोग और फिटनेस प्रेमी अब प्रभावित होंगे।
कुछ लोगों ने मांग की है कि नियमित आने वालों के लिए अलग श्रेणी बनाई जाए और शुल्क में राहत दी जाए।
मुंबई की पहचान है संजय गांधी नेशनल पार्क
संजय गांधी नेशनल पार्क मुंबई की पहचान माना जाता है। शहर के बीचोंबीच फैला यह विशाल हरित क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।
कान्हेरी गुफाएं, सफारी, मिनी ट्रेन, बोटिंग और प्राकृतिक ट्रेल्स इसकी खास पहचान हैं। ऐसे में शुल्क बढ़ोतरी से पार्क की आय जरूर बढ़ सकती है, लेकिन आम लोगों की पहुंच पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
आगे क्या असर होगा?
नई दरों के लागू होने के बाद आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पर्यटकों की संख्या पर इसका कितना असर पड़ता है। अगर फीस ज्यादा होने से लोगों की संख्या घटती है, तो प्रशासन पर पुनर्विचार का दबाव भी बन सकता है।
फिलहाल इतना तय है कि मुंबई में प्रकृति के बीच सैर, घूमना और मनोरंजन अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है।


