Thailand Visa Rules 2026: थाईलैंड जाने वालों को बड़ा झटका! अब इतने दिन ही बिना वीजा रह सकेंगे पर्यटक

Thailand Visa Rules 2026: अब 60 दिन नहीं, कम समय तक ही बिना वीजा रह सकेंगे पर्यटक, भारत पर भी पड़ सकता है असर

Jyotsana Singh
Published on: 20 May 2026 11:24 AM IST
Thailand Visa Rules 2026 visa free stay reduced for tourists including Indians
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Thailand Visa Rules 2026

Thailand Visa Rules 2026: विदेश घूमने के शौकीन लोगों के लिए थाईलैंड हमेशा से सबसे पसंदीदा देशों में शामिल रहा है। खूबसूरत समुद्री तट, रंगीन नाइट लाइफ, शानदार मंदिर, सस्ती ट्रैवल सुविधाएं और वीजा-फ्री एंट्री जैसी सुविधाओं ने भारतीय समेत दुनियाभर के पर्यटकों को लंबे समय से अपनी ओर आकर्षित किया है। खासतौर पर बीते कुछ वर्षों में थाईलैंड ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के यात्रियों को बिना वीजा लंबे समय तक रुकने की छूट दी थी। लेकिन अब इसी सुविधा पर बड़ी कैंची चल गई है। बढ़ते अपराध, वीजा नियमों के दुरुपयोग और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों को देखते हुए थाईलैंड सरकार ने वीजा-मुक्त प्रवास की अवधि घटाने का फैसला लिया है। इस फैसले का असर उन लाखों पर्यटकों पर पड़ेगा जो लंबे समय तक बिना वीजा थाईलैंड में छुट्टियां बिताने का सपना देखते हैं।

अब 60 दिन नहीं, कम समय तक ही रुक सकेंगे पर्यटक

थाईलैंड सरकार ने 90 से अधिक देशों के नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त प्रवास की अवधि घटाने को मंजूरी दे दी है। अभी तक इन देशों के पर्यटक बिना वीजा 60 दिनों तक थाईलैंड में रह सकते थे, लेकिन अब अधिकतर विदेशी नागरिकों को केवल 30 दिन तक रहने की अनुमति मिलेगी। वहीं कुछ देशों के यात्रियों के लिए यह अवधि सिर्फ 15 दिन तक सीमित की जा सकती है।

थाईलैंड के पर्यटन मंत्री सुरासक

फानचारोएनवोराकुल ने बैंकॉक में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि नई व्यवस्था देश-दर-देश लागू की जाएगी। यानी हर देश के लिए अलग-अलग अवधि तय की जा सकती है।

आखिर क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

थाईलैंड सरकार का कहना है कि वीजा-मुक्त व्यवस्था का कुछ विदेशी नागरिक गलत फायदा उठा रहे थे। पिछले कुछ महीनों में विदेशी लोगों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी, यौन अपराध, अवैध कारोबार और बिना परमिट होटल व स्कूल चलाने जैसे मामले शामिल थे। थाईलैंड के विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेटकेओ ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सरकार अंतरराष्ट्रीय अपराध पर लगाम कसने के लिए वीजा नियमों को सख्त करने जा रही है। उनका कहना था कि सरकार किसी एक देश को निशाना नहीं बना रही, बल्कि उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है जो पर्यटन व्यवस्था का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरकार ने क्या कहा?

सरकारी प्रवक्ता रचदा धनदिरेक ने कहा कि पर्यटन से देश की अर्थव्यवस्था को फायदा जरूर मिलता है, लेकिन कुछ लोग वीजा-फ्री सुविधा का दुरुपयोग कर रहे थे। इसी कारण सरकार को नियमों में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने बताया कि जिन पर्यटकों को अधिक समय तक रुकना होगा, वे इमिग्रेशन कार्यालय जाकर एक बार वीजा बढ़ाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि अंतिम फैसला अधिकारी के विवेक पर निर्भर करेगा और पर्यटकों को यह बताना होगा कि वे अधिक समय तक क्यों रुकना चाहते हैं।

2024 में बढ़ाई गई थी अवधि

दरअसल, जुलाई 2024 में थाईलैंड सरकार ने पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए वीजा-मुक्त प्रवास की अवधि 30 दिनों से बढ़ाकर 60 दिन कर दी थी। इसका फायदा बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों ने उठाया। भारतीय पर्यटकों के बीच भी यह फैसला काफी लोकप्रिय हुआ था क्योंकि लोग कम खर्च में लंबे समय तक थाईलैंड घूम पा रहे थे।

लेकिन अब सरकार का मानना है कि इस ढील का कुछ लोगों ने गलत इस्तेमाल किया। यही वजह है कि एक बार फिर पुराने सख्त नियमों की ओर वापसी की जा रही है।

किन देशों पर पड़ेगा असर?

नई नीति का असर 90 से अधिक देशों पर पड़ेगा। इनमें यूरोप के 29 देशों वाला शेंगेन क्षेत्र, अमेरिका, इज़राइल और कई दक्षिण अमेरिकी देश शामिल हैं। भारत समेत एशिया के कई देशों के यात्रियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है, हालांकि अंतिम सूची और अवधि देशवार तय की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उन यात्रियों को ज्यादा परेशानी होगी जो लंबी छुट्टियां बिताने या वर्केशन के लिए थाईलैंड जाते थे।

पर्यटन थाईलैंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़

थाईलैंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक पर्यटन पर निर्भर करती है। देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में पर्यटन का योगदान 10 प्रतिशत से अधिक है। कोविड महामारी के दौरान पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हुआ था और उसके बाद से सरकार लगातार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।

हालांकि अभी भी पर्यटकों की संख्या महामारी से पहले के स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में विदेशी पर्यटकों की संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 3.4 प्रतिशत कम रही। खासतौर पर मध्य पूर्व से आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगभग एक तिहाई की गिरावट दर्ज की गई।

इस साल इतने पर्यटकों के आने की उम्मीद

थाईलैंड सरकार को उम्मीद है कि इस साल लगभग 3.35 करोड़ विदेशी पर्यटक देश पहुंचेंगे। पिछले साल करीब 3.3 करोड़ विदेशी पर्यटक थाईलैंड आए थे। सरकार को भरोसा है कि सख्त नियमों के बावजूद पर्यटन उद्योग पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और देश सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में अपनी पहचान बनाए रखेगा।

भारतीय पर्यटकों पर क्या असर होगा?

भारतीयों के लिए थाईलैंड सबसे लोकप्रिय विदेशी डेस्टिनेशन में शामिल है। कम बजट, आसान यात्रा, खूबसूरत बीच, बैंकॉक की नाइट लाइफ, पटाया, फुकेट और क्राबी जैसे आकर्षक पर्यटन स्थलों के कारण हर साल लाखों भारतीय वहां घूमने जाते हैं। यदि भारतीय यात्रियों के लिए भी वीजा-मुक्त अवधि घटाई जाती है, तो लंबे समय तक रहने की योजना बनाने वाले लोगों को अब पहले से अधिक तैयारी करनी होगी। ट्रैवल एजेंसियों का मानना है कि छोटे ट्रिप पर जाने वालों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन डिजिटल नोमैड्स और लंबी छुट्टियां मनाने वालों को नए नियमों के अनुसार अपनी योजना बदलनी पड़ सकती है।

सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश

विशेषज्ञों का कहना है कि थाईलैंड सरकार अब पर्यटन बढ़ाने और राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। एक ओर सरकार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर वह यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि वीजा नियमों का दुरुपयोग न हो।

थाईलैंड लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है और माना जा रहा है कि नए नियमों के बावजूद इसकी लोकप्रियता पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि अब वहां घूमने जाने वाले लोगों को पहले से ज्यादा सतर्क रहकर अपनी ट्रैवल प्लानिंग करनी होगी।

Jyotsana Singh

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