Aligarh News : अलीगढ़ में राकेश टिकैत की किसान पंचायत, भूमि अधिग्रहण पर बड़ा आंदोलन का ऐलान

Aligarh News : राकेश टिकैत की अलीगढ़ में किसान पंचायत, भूमि अधिग्रहण पर आंदोलन का ऐलान, किसानों को मिलेगा न्याय और उचित मुआवजा

Lakshman Singh Raghav
Published on: 31 Oct 2025 5:07 PM IST
Aligarh News : अलीगढ़ में राकेश टिकैत की किसान पंचायत, भूमि अधिग्रहण पर बड़ा आंदोलन का ऐलान
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Rakesh Tikait Kisan Panchayat in Aligarh ( Image From Social Media )

Aligarh News : टप्पल थाना क्षेत्र के नूरपुर रोड स्थित विजय तालान के आवास पर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने यमुना प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे भूमि अधिग्रहण पर गंभीर बयान दिया।टिकैत ने कहा कि मथुरा, आगरा और अलीगढ़ में बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। किसानों की जमीन केवल 3-4 हजार रुपये प्रति गज में खरीदी जा रही है, जबकि प्राधिकरण उसे 1 लाख रुपये प्रति गज में बेच रहा है। टिकैत ने सवाल उठाया कि अगर इतना मुनाफा है तो किसान अपनी जमीन खुद डेवलप कर बेच सकते हैं।

राकेश टिकैत ने ऐलान किया कि इस अन्याय के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन एक बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि बिना आंदोलन के किसानों को न्याय नहीं मिलेगा और उन्हें अपने हक के लिए सड़क पर उतरना होगा। यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा जिन क्षेत्रों में किसानों की जमीन पर तोड़फोड़ की जा रही है, वहां किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। यह पंचायत आगरा, मथुरा और अलीगढ़ के किसानों के साथ मिलकर नवंबर और दिसंबर में नोएडा में विशाल जनसभा के रूप में संपन्न होगी।


टिकैत ने किसानों को सलाह दी कि वे प्राधिकरण का विरोध न करें, बल्कि बाजार भाव के अनुसार अपनी जमीन का उचित मुआवजा मांगें। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि जमीन का नक्शा बनाकर किसानों को कॉलोनाइज़र की तरह बाजार दर पर मुआवजा दिया जाए।इसके अलावा, उन्होंने बिहार चुनाव पर भी तीखी टिप्पणी की। टिकैत ने कहा कि बिहार में सत्ता पाने की होड़ में तोड़फोड़ की राजनीति हो रही है और लालू यादव के परिवार को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकारों में जनता की ताकत नहीं, बल्कि सत्ता और पैसे की ताकत दिखाई देती है। कोविड के समय बिहार के प्रवासी मजदूर पैदल घर लौटे थे, लेकिन आज भी पर्याप्त ट्रेनें नहीं हैं। पुराने ट्रेनों को नया नाम देकर प्राइवेट किया जा रहा है।टिकैत ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं और मुद्दों की राजनीति करते हैं। उनके मुख्य मुद्दे हैं: किसान, पानी, जमीन और रोजगार।

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अलीगढ़ रिपोर्टरlakshmansingh@newstracksite.vocalwire.com

अलीगढ़ से जिला रिपोर्टर लक्ष्मन सिंह राघव

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