Baghpat News: श्रावण मास में उमड़ी भक्ति की गंगा: बड़ौत स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में बाबा नर्मदेश्वर के दिव्य श्रृंगार ने मोहा मन

Baghpat News: बाबा नर्मदेश्वर के दिव्य श्रृंगार की झलकियां सोशल मीडिया और श्रद्धालुओं के मोबाइल कैमरों में कैद हो रही हैं। इन पलों को देखने मात्र से भक्तों को एक आध्यात्मिक अनुभूति होती है।

Paras Jain
Published on: 22 July 2025 8:26 PM IST
Ganga of Umari Bhakti in the month of Shravan: Divine adornment of Baba Narmadeshwar at Nilkanth Mahadev Temple in Barout
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श्रावण मास में उमड़ी भक्ति की गंगा: बड़ौत स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में बाबा नर्मदेश्वर के दिव्य श्रृंगार ने मोहा मन (Photo- Newstrack)

Baghpat News: श्रावण मास का आरंभ होते ही उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत स्थित प्राचीन श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह की बयार बहने लगी है। इस पवित्र अवसर पर मंदिर में बाबा नर्मदेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और शांति से भर दिया।

पुष्पों और वस्त्रों से हुआ अलौकिक श्रृंगार

मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अनुज दीक्षित जी ने नर्मदेश्वर शिवलिंग का श्रृंगार अत्यंत भव्य तरीके से किया। उन्होंने बाबा को दिव्य वस्त्र, पुष्प माला और चंदन से सजाया, जिससे उनका रूप भक्तों को अत्यंत मोहक और अलौकिक प्रतीत हुआ।

सुबह से जारी है जलाभिषेक, गूंजे ‘बोल बम’ के जयकारे

श्रावण मास की शिवरात्रि के दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में जलाभिषेक का क्रम निरंतर जारी है। दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर रहे हैं और ‘बोल बम’ के जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं।

प्रबंधक अमित जैन विक्की का वक्तव्य

मंदिर के प्रबंधक अमित जैन विक्की ने जानकारी दी कि यह मंदिर न केवल ऐतिहासिक है बल्कि अत्यंत चमत्कारी भी माना जाता है। श्रावण मास के प्रत्येक दिन यहां विशेष पूजन और श्रृंगार होते हैं, और भक्तों का सैलाब उमड़ता है।

बाबा नर्मदेश्वर की चमत्कारी मान्यता और गहरी आस्था

स्थानीय लोग बाबा को "चमत्कारी शिव" मानते हैं। उनकी मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। श्रद्धालुओं का यह विश्वास ही है जो कहावत "चमत्कार को नमस्कार" को साकार करता है।

श्रद्धा और श्रृंगार की झलकियों ने मोहा मन

बाबा नर्मदेश्वर के दिव्य श्रृंगार की झलकियां सोशल मीडिया और श्रद्धालुओं के मोबाइल कैमरों में कैद हो रही हैं। इन पलों को देखने मात्र से भक्तों को एक आध्यात्मिक अनुभूति होती है।

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