Barabanki News: सावन में श्रद्धा की बाढ़ के लिए तैयार लोधेश्वर धाम, प्रशासन अलर्ट मोड में — 6.67 लाख का जुर्माना, ढाबों पर लगे फीडबैक स्टिकर

Barabanki News: इस बार भीड़ के अनुमान को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चाक-चौबंद तैयारी कर ली है और हर स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है।

Sarfaraz Warsi
Published on: 10 July 2025 9:45 PM IST
Barabanki News: सावन में श्रद्धा की बाढ़ के लिए तैयार लोधेश्वर धाम, प्रशासन अलर्ट मोड में — 6.67 लाख का जुर्माना, ढाबों पर लगे फीडबैक स्टिकर
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 सावन में श्रद्धा की बाढ़ के लिए तैयार लोधेश्वर धाम  (photo: social media )

Barabanki News: श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही लोधेश्वर महादेव धाम में श्रद्धा का सैलाब उमड़ने लगा है। रामनगर तहसील स्थित यह ऐतिहासिक शिवधाम सावन में लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का मुख्य केंद्र बनता है। इस बार भीड़ के अनुमान को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चाक-चौबंद तैयारी कर ली है और हर स्तर पर निगरानी शुरू कर दी है।

फूड सेफ्टी में डिजिटल क्रांति: होटल-ढाबों पर लगे ‘QR कोड फीडबैक स्टिकर’

श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा और खानपान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार खास पहल की है।

फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप के जरिए सभी होटलों, ढाबों और शिविरों पर QR कोड आधारित फीडबैक स्टिकर लगाए गए हैं।

फायदे क्या हैं?

स्कैन करते ही पता चलेगा:

दुकान मालिक का नाम

लाइसेंस स्थिति

फूड क्वालिटी रिपोर्ट

स्वच्छता रेटिंग

• ग्राहक अपनी प्रतिक्रिया भी सीधे विभाग तक भेज सकते हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि सभी फूड प्रतिष्ठानों को रेट लिस्ट, मालिक का नाम और मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।

30 दुकानदारों पर कार्रवाई, 6.67 लाख का जुर्माना

प्रशासन ने सावन से पहले खाद्य सामग्री की शुद्धता पर बड़ा एक्शन लिया है।

जून 2025 में 30 कारोबारियों पर 6.67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जिन खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी पाई गई उनमें शामिल हैं:

सरसों तेल,

खोया,

बर्फी,

दूध,

घी,

धनिया पाउडर,

बेसन,

मूंगफली,

नमक,

पनीर।

प्रशासन ने सभी कांवड़ रूटों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की है, ताकि हर कोने पर निगरानी बनी रहे।

साफ-सफाई, चिकित्सा और यातायात नियंत्रण के सख्त निर्देश

• सड़कों और कांवड़ रूट की सफाई कराई जा रही है

• शिविर स्थलों पर स्वास्थ्य टीमें और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा

• यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस बल और स्वयंसेवकों की नियुक्ति

प्रशासन का लक्ष्य साफ है — श्रद्धालु करें निर्बाध दर्शन, और मिले पूरी सुरक्षा और सुविधा।

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