Bijnor News: गुलदार के हमले में डेढ़ साल के मासूम की मौत, आतंक जारी

Bijnor News: गर्दन पर हमला कर बच्चे को ले गया तेंदुआ, वन विभाग ने लगाया पिंजरा, 30 जानें जा चुकीं

Faisal Khan
Published on: 30 Jun 2025 6:49 PM IST
Bijnor News: गुलदार के हमले में डेढ़ साल के मासूम की मौत, आतंक जारी
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गर्दन पर हमला कर बच्चे को ले गया तेंदुआ  (photo: social media)

Bijnor News: बिजनौर के मड़ावर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जंगल से निकले एक गुलदार ने डेढ़ साल के मासूम बच्चे मयंक को अपना शिकार बना लिया। गुलदार के हमले में मयंक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है। यह घटना एक बार फिर बिजनौर में बढ़ते गुलदार के आतंक को उजागर करती है।

जानकारी के अनुसार, मड़ावर गांव निवासी राजकुमार अपनी पत्नी किरण के साथ खेत में काम करने गए थे। उन्होंने अपने तीन बच्चों - हर्षित (5 वर्ष), मयंक (डेढ़ वर्ष) और एक अन्य बच्चे को घर पर दादी के पास छोड़ दिया था। इसी दौरान, हर्षित और मयंक खेलते-खेलते घर से निकलकर पास के जंगल की ओर पहुंच गए। जंगल से अचानक निकले गुलदार ने मासूम मयंक पर झपट्टा मारा और उसकी गर्दन पर हमला कर दिया। हमले में मयंक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई हर्षित किसी तरह वहां से भाग निकला और चीखने लगा।

ग्रामीण मौके पर पहुंचे

बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक गुलदार मासूम बच्चे को मौत के घाट उतारकर जंगल में भाग चुका था। परिजन तुरंत मासूम मयंक को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगवा दिया है और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा भी किया है।

बिजनौर में गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गए हैं। अब तक गुलदार के हमलों में करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। वन विभाग द्वारा लगातार ग्रामीणों को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत पंपलेट बांटे जा रहे हैं, वॉल पेंटिंग की जा रही है और गांव-गांव जाकर सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

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