अखिलेश जी आप तो भड़क गए... पाठक ने समझाया DNA का असली मतलब

Brajesh Pathak on Akhilesh Yadav: यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को डीएनए का अर्थ समझाते हुए पोस्ट किया है।

Newstrack Network
Published on: 19 May 2025 12:11 PM IST
Brajesh Pathak on Akhilesh Yadav
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Brajesh Pathak on Akhilesh Yadav

Brajesh Pathak on Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल द्वारा यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के ऊपर जिस तरह की अभद्र टिप्पणी की गई उसके बाद से यूपी की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। दोनों के बीच लगातार जुबाजी जंग जारी है। इसी बीच डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए पोस्ट शेयर किया है। पोस्ट में उन्होंने समाजवादी पार्टी के डीएनए की बात कही है। पाठक ने बताया कि समाजवादी पार्टी का डीएनए की खराब है।

ब्रजेश पाठक ने एक्स पर लिखा कि अखिलेश यादव जी, आप डीएनए के सवाल पर बहुत भड़के हुए हैं। मैने ये कह क्या दिया कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है, आप आपे से उसी तरह बाहर हो गए जैसे दस साल पहले यूपी की सत्ता से बाहर हो गए थे। आप इस बात को समझिए कि डीएनए में खराबी से हमारा मतलब किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि आपकी पार्टी की राजनीतिक सोच से है। डीएनए में खराबी का मतलब ये है कि आपकी पार्टी की राजनीति की बुनियाद ही जातिवाद और तुष्टीकरण पर टिकी रही है और आज भी टिकी हुई है। समाजवादी पार्टी ने कभी सबका साथ-सबका विकास की बात की ही नहीं। आपकी प्राथमिकता ही हमेशा वोटबैंक की राजनीति रही है, नीतियों और आदर्शों से आपका दूर दूर तक का लेना देना नहीं रहा है।

ब्रजेश पाठक का सपा पर तीखा हमला

ब्रजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा की ये हमेशा से मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीति विज्ञानी से अगर बात की जाये तो वो समझा देना कि सपा का जन्म ही मुस्लिम तुष्टीकरण के डीएनए के साथ हुआ है और आपकी पूरी की पूरी राजनीति की दाल-रोटी भी यही है। फिर चाहे बात शिक्षा नीति की हो, नियुक्तियाँ की हों या कानून-व्यवस्था के सवाल पर आपकी सरकारों ने बार-बार एक ही वर्ग विशेष को खुश करने के लिए बाकी समाज की अनदेखी की है। पाठक ने आगे लिखा कि इससे समाज में विभाजन और अविश्वास की खाई और गहरी हुई है।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि जब अखिलेश यादव सीएम थे तब अपने सिगनेचर से उन्होने आतंकियों से जुड़े 14 केस एक साथ वापिस लिए थे। ताकि आपकी पार्टी के मुस्लिम तुष्टीकरण वाले डीएनए को खाद पानी मिलता रहे। ऐसे में मैं अच्छी तरह समझा सकता हूं कि डीएनए पर सवाल उठाने से आप इतने तिलमिलाए क्यों हैं। आपको इतना दर्द क्यों हैं।

सपा का डीएनए दलितों के खिलाफ रहा

ब्रजेश पाठक ने सपा पर हमला बोलते हुए यह भी कहा कि समाजवादियों का डीएनए तो दलितों के खिलाफ रहा है। इन्होने दलितों के अधिकारों को कुचला, उन्हें राजनीति के हाशिये पर रखा जिससे उनके साथ अन्याय की घटनाओं में वृद्धि हुई है। यह समाजवादी की सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि गहरी राजनीतिक मानसिकता को भी दर्शाता है।

अपने बातों के जरिये उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना लगाते हुए कहा कि अखिलेश जी, इसलिए जब हम कहते हैं कि समाजवादी पार्टी के डीएनए में ख़राबी है तो हमारा सीधा मतलब है कि यह पार्टी सत्ता के लिए समाज को बाँटने में यक़ीन रखती है। जाति, धर्म और वर्ग को देख कर राजनीति करती है। इसलिए आप कुपित न होइए। हो सके तो खुद को और अपनी पार्टी की सोच को बदलने की कोशिश कीजिए।

सपा मीडिया सेल पर ब्रजेश पाठक का निशाना

अभी हाल ही में समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल द्वारा जो भी ब्रजेश पाठक के बारे में अभद्र बातें कही गई उसपर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आगे कहा कि आपका और आपकी पार्टी का ट्विटर हैंडल जो भी चलाता है और जो भी आपको बड़े बड़े पैराग्राफ वाले बयान लिखकर भेजता है, वो तो इतना नादान है कि उसने आपके जरिए ये कुबूल करवा लिया कि जेपी, लोहिया और राजनारायण जैसे महान नेताओं के समाजवाद को गंदी, पतित और कलुषित गालियों में तब्दील कर देने वाले ये लोग आपके अपने ही हैं। आपने खुद लिखित रूप में ये कुबूल कर लिया है कि आप पार्टी स्तर पर उन लोगों को समझाएंगे। अब भी कोई शक, कोई संदेह बचा क्या कि आपकी पार्टी का डीएनए ही खराब है?

2027 के चुनाव के लिए अखिलेश यादव को नसीहत

ब्रजेश पाठक ने नसीहत देते हुए एक्स पर लिखा कि अखिलेश जी, अंत में यही कहूंगा कि अगर आप बदल सकते हैं तो खुद को बदलिए, अपनी पार्टी के डीएनए को बदलिए वरना आज से लेकर 2027 तक और उसके बाद भी आपको अपनी पार्टी का यही डीएनए परेशान करता रहेगा। अभी तो मैं कह रहा हूं, इसके बाद प्रदेश की एक एक गली से, एक एक मोहल्ले से, एक एक गांव, शहर, ज़िले और यहां तक कि एक एक आम व्यक्ति की जुबां से आपकी पार्टी के इस डीएनए का जिक्र फूटेगा। किस किस को गालियां देते फिरेंगे आप? सो अपना चेहरा साफ कीजिए, आईने से मत झगड़िए।

ब्रजेश पाठ ने अपने पोस्ट में ग़ालिब के शेर लिखते हुए कहते है-

“उम्र भर ग़ालिब यही भूल करता रहा,

धूल चेहरे पे थी आइना साफ़ करता रहा।”


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