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Chandauli News: चकिया के राघवेंद्र ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, NASA परियोजना में खोजा नया क्षुद्रग्रह
Chandauli News: चकिया के युवा राघवेंद्र गुप्ता ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राघवेंद्र, जो चकिया बाजार के निवासी हैं, ने NASA की एक परियोजना के तहत एक नया क्षुद्रग्रह खोज निकाला है।
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के छोटे से जिले चकिया के युवा राघवेंद्र गुप्ता ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राघवेंद्र, जो चकिया बाजार के निवासी हैं, ने NASA की एक परियोजना के तहत एक नया क्षुद्रग्रह खोज निकाला है। इस खोज को अमेरिका के पैन-स्टार्स इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी, यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई ने मान्यता दी है। NASA ने भी राघवेंद्र को इसके लिए प्रमाणपत्र प्रदान किया है। इस खबर से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है और युवाओं में नया उत्साह देखने को मिला है।
आकाश में चमका चकिया का सितारा
महेंद्र प्रसाद गुप्ता के पुत्र राघवेंद्र ने वर्ष 2024 में इंटरनेशनल एस्टीरॉयड सर्च कोलैबोरेशन (IASC) परियोजना में भाग लिया था। इसी दौरान उन्होंने चार संभावित क्षुद्रग्रहों की पहचान की। गहन वैज्ञानिक परीक्षण के बाद, इनमें से एक क्षुद्रग्रह की खोज को NASA ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इस क्षुद्रग्रह को अस्थायी नाम “2024 JU25” दिया गया है।
मंगल और बृहस्पति के बीच परिक्रमा करता नया क्षुद्रग्रह
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह नया क्षुद्रग्रह हमारे सौरमंडल में मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच स्थित क्षुद्रग्रह पट्टी में सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। इस महत्वपूर्ण खोज के लिए NASA ने राघवेंद्र को विशेष प्रमाणपत्र प्रदान किया है, जो उनकी लगन और मेहनत का प्रतीक है।
नामकरण का अनमोल अधिकार
NASA ने राघवेंद्र को एक बड़ा सम्मान देते हुए कहा है कि जब यह क्षुद्रग्रह स्थायी रूप से सूचीबद्ध हो जाएगा, तो इसका नामकरण राघवेंद्र गुप्ता ही करेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें भविष्य में NASA के खगोल वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया है, जो उनके लिए एक सुनहरा अवसर है।
घर-परिवार और जिले में जश्न का माहौल
राघवेंद्र की इस असाधारण उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। उनके पिता महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह सफलता उनके बेटे की कड़ी मेहनत और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति गहरी रुचि का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही राघवेंद्र को अंतरिक्ष और विज्ञान में गहरी दिलचस्पी थी।
स्थानीय शिक्षकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने राघवेंद्र को हार्दिक बधाई दी है। सभी ने कहा कि राघवेंद्र ने जिले का नाम रोशन किया है और वह युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है। उनकी कहानी निश्चित रूप से कई और युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।


