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Chandauli News: गोड्डा से अजमेर की सीधी रेल सेवाः धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए नई राह
Chandauli News: यह बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है।दौराई से इसका नियमित परिचालन 03 अगस्त, 2025 से प्रत्येक रविवार को होगा, जबकि गोड्डा से यह 05 अगस्त, 2025 से प्रत्येक मंगलवार को अपनी यात्रा शुरू करेगी।
Chandauli News
Chandauli News: एक लंबे इंतजार के बाद, पूर्वी भारत के भक्तों और यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! भारतीय रेलवे ने झारखंड के गोड्डा और राजस्थान के दौराई (अजमेर) के बीच एक नई सीधी रेल सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। यह नई ट्रेन, जिसका नंबर 19604/19603 दौराई-गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस होगा, देवघर, जसीडीह, झाझा, किउल, नवादा, गया और डीडीयू जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरेगी।यह कदम न केवल धार्मिक यात्राओं को सुगम बनाएगा बल्कि दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देगा।
कब से शुरू होगी यह सेवा?
यह बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है।दौराई से इसका नियमित परिचालन 03 अगस्त, 2025 से प्रत्येक रविवार को होगा, जबकि गोड्डा से यह 05 अगस्त, 2025 से प्रत्येक मंगलवार को अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह नई ट्रेन विभिन्न वर्गों के यात्रियों की सुविधा के लिए डिज़ाइन की गई है।इसमें द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी के 02 कोच, तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के 03 कोच, तृतीय वातानुकूलित इकॉनोमी श्रेणी के 03 कोच, शयनयान श्रेणी के 07 कोच और साधारण श्रेणी के 04 कोच शामिल होंगे।
समय-सारिणी और महत्वपूर्ण पड़ाव
गाड़ी सं. 19603 दौराई-गोड्डा एक्सप्रेस दौराई से हर रविवार को दोपहर 3ः30 बजे रवाना होगी और सोमवार को सुबह 10ः30 बजे डीडीयू पहुंचेगी। यह भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी ऑन सोन, गया, तिलैया, नवादा, शेखपुरा, किउल, झाझा, जसीडीह और देवघर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होते हुए रात 10ः20 बजे गोड्डा पहुंचेगी।वापसी में, गाड़ी सं. 19604 गोड्डा-दौराई एक्सप्रेस गोड्डा से हर मंगलवार को सुबह 5ः00 बजे प्रस्थान करेगी. यह देवघर, जसीडीह, झाझा, किउल, शेखपुरा, नवादा, तिलैया, गया, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, और डीडीयू से होते हुए बुधवार को शाम 5ः20 बजे दौराई पहुंचेगी।
झारखंड और राजस्थान के बीच मजबूत संबंध
यह नई रेल सेवा पूर्वी भारत के झारखंड और बिहार को पश्चिमी भारत के राजस्थान से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इससे देवघर के ज्योतिर्लिंग, गया के पवित्र स्थल, और अजमेर शरीफ दरगाह जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।इसके अतिरिक्त, यह सेवा मार्ग पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों, पर्यटन और आस-पास के क्षेत्रों में व्यापार को लाभ मिलेगा. यह निश्चित रूप से दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सेतु का काम करेगी।


