Chitrakoot News: तुलसी जन्मस्थली में सीएम योगी ने किया रिवरफ्रंट बनाने की घोषणा, संत समाज ने की श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग

Chitrakoot News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुलसी जन्मस्थली राजापुर में रिवरफ्रंट बनाने की घोषणा की, संत समाज ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग की।

Sunil Shukla (Chitrakoot)
Published on: 31 July 2025 5:44 PM IST (Updated on: 31 July 2025 6:16 PM IST)
CM Yogi announces construction of riverfront at Tulsi Janmasthali
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तुलसी जन्मस्थली में सीएम योगी ने किया रिवरफ्रंट बनाने की घोषणा (Photo- Newstrack)

Chitrakoot News: चित्रकूट (राजापुर)। श्रीगोसाईं तुलसीदास जी की जन्मस्थली पर आयोजित 10 दिवसीय तुलसी जयंती महोत्सव के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रूप से कार्यक्रम में भाग लिया। सुबह 10:35 बजे वे वशिष्ठ गुरुकुलम में बने हेलीपैड से तुलसी जन्मकुटीर पहुँचे। यहाँ उन्होंने श्रीरामचरितमानस पीठ में रखी तुलसीदास जी द्वारा हस्तलिखित श्रीरामचरितमानस का दर्शन किया।


मुख्यमंत्री ने माता हुलसी, पिता आत्माराम दुबे, पत्नी रत्ना और आई माँ दासी चुनिया की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद तुलसी रिज़ॉर्ट पहुँचकर राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की मौजूदगी में तुलसी साहित्य संगोष्ठी में भाग लिया और प्रख्यात साहित्यकारों को अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया।


रामचरितमानस को ‘राष्ट्रीय ग्रंथ’ बनाने की उठी मांग

तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी ने अपने संबोधन में श्रीरामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस ग्रंथ में ज्ञान, विज्ञान, राजनीति और नीति शास्त्र का समावेश है, जो राष्ट्र को दिशा देने वाला है। इस प्रस्ताव का समर्थन संत मोरारी बापू ने भी किया। उन्होंने योगी से आग्रह किया कि यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाए।


रेलवे लाइन और सालाना आयोजन की भी मांग

बापू ने तुलसी जन्मस्थली को रेलवे लाइन से जोड़ने की वर्षों पुरानी मांग का भी समर्थन किया और कहा कि वे स्वयं इसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि योगी हर वर्ष तुलसी महोत्सव में भाग लें।


मुख्यमंत्री ने रिवरफ्रंट और विकास योजनाओं का किया एलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजापुर, तुलसीदास जी के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहाँ के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यमुना कटान रोकने और रिवर फ्रंट को सुंदर बनाने के लिए उन्होंने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और प्रभारी मंत्री मन्नू कोरी को अपने साथ लाया।

उन्होंने यह भी बताया कि मुगल शासक अकबर द्वारा तुलसीदास को दरबारी रत्न बनाने का प्रस्ताव अस्वीकार करने की घटना हमारी सांस्कृतिक आत्मगौरव का प्रतीक है।


साहित्यकारों को दिए गए सम्मान

कार्यक्रम के अंतिम दिन विभिन्न पुरस्कारों से साहित्यकारों को सम्मानित किया गया, जिनमें शामिल हैं:

रत्नावली अवार्ड: साध्वी नीलम गायत्री (चित्रकूट)

तुलसी अवार्ड: जयप्रकाश मिश्र (प्रयागराज), डॉ. मदन मोहन मिश्र (वाराणसी)

व्यास अवार्ड: डॉ. अच्छुतलाल भट्ट (वृंदावन), डॉ. महादेव प्रसाद मेहता (गुजरात)

वाल्मीकि अवार्ड: अशोकदास जी महाराज एवं स्वामी श्री बालकृष्णाचार्य (अयोध्या)


स्थानीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया

उद्योग व्यापार मंडल के जिलाउपाध्यक्ष शिवपूजन गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा, जिसमें राजापुर को रेलवे से जोड़ने, ब्लॉक का दर्जा देने, बस अड्डा बनाने, स्वास्थ्य केंद्र अलग करने और यमुना कटान रोकने की मांग की गई।


जनता ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

पूर्व सांसदों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने सड़कों पर पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी, बावजूद इसके जनता का उत्साह देखने लायक था।

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