'सरकार धमका रही है...' हरिओम के घर पहुंचे राहुल गांधी ने CM योगी पर साधा निशाना, पूछे कई सवाल

फतेहपुर में राहुल गांधी ने दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार से मुलाकात की और योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि परिवार को धमकाया गया और न्याय नहीं दिया जा रहा। राहुल ने तुरंत कार्रवाई और सम्मान की मांग की।

Harsh Srivastava
Published on: 17 Oct 2025 11:01 AM IST (Updated on: 17 Oct 2025 12:19 PM IST)
सरकार धमका रही है... हरिओम के घर पहुंचे राहुल गांधी ने CM योगी पर साधा निशाना, पूछे कई सवाल
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Rahul Gandhi meet Hariom Family: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने सीधे राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि "मैं परिवार से मिलूं या न मिलूं। लेकिन न्याय तो मिलना चाहिए।" राहुल गांधी ने दावा किया कि परिवार ने उन्हें बताया है कि "आज सरकार के लोगों ने धमकाया है। धमकाकर वीडियो बनवाया है।" राहुल सुबह कानपुर पहुँचे और वहाँ से सड़क मार्ग के जरिए फतेहपुर आए। हालाँकि, उनके पहुँचने से पहले ही यह खबर आई थी कि हरिओम के परिवार ने किसी भी राजनीतिक नेता से मिलने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते पुलिस ने राहुल के काफिले को कुछ देर के लिए रोक लिया था। बाद में प्रशासन की बातचीत के बाद राहुल को परिवार से मुलाकात करने की अनुमति मिली।

धमकी का आरोप: 'अपराधी नहीं, न्याय मांग रहे हैं'

मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने योगी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि "परिवार ने क्राइम नहीं किया है, क्राइम इनके खिलाफ किया गया है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये अपराधी हैं। इन्हें घर में बंद कर रखा है, डरा रहे हैं।" राहुल ने सवाल उठाया, "ये सिर्फ न्याय मांग रहे हैं। हमारे बेटे को, भाई को मारा गया है, उसकी हत्या की गई है। हम न्याय मांग रहे हैं और ये कुछ नहीं कह रहे हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है, यहाँ तक कि घर में मौजूद एक लड़की जिसका ऑपरेशन होना है, उसे भी बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में दलितों पर अत्याचार किया जा रहा है। राहुल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से सीधे अपील करते हुए कहा, "मैं सीएम से कहना चाहता हूँ कि इनको न्याय दीजिए, इनका सम्मान कीजिए और जो अपराधी हैं उन पर जल्दी से जल्दी कार्रवाई कीजिए। उनकी रक्षा करने की कोशिश मत कीजिए।"

परिवार का यू-टर्न और सरकारी मदद

दरअसल, रायबरेली में 2 अक्टूबर को दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद योगी सरकार ने त्वरित एक्शन लिया। आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद प्रदान की गई। राहुल गांधी के फतेहपुर पहुँचने से ठीक पहले, हरिओम के छोटे भाई शिवम वाल्मीकि ने एक बयान दिया था और साफ कहा था कि वे राहुल गांधी या किसी भी राजनीतिक दल के नेता से नहीं मिलेंगे। शिवम का कहना था कि "मेरे यहां सरकार के दो कैबिनेट मंत्री आए थे। उन्होंने आर्थिक मदद दी है और हमारे परिवार को सरकारी नौकरी दी गई है। मैं सरकार से संतुष्ट हूँ। मेरे यहाँ राहुल गांधी या किसी और पार्टी के नेता राजनीति करने न आएं।" इसके विपरीत, राहुल गांधी ने दावा किया कि परिवार ने उनसे मिलकर कहा कि सरकारी लोगों ने उन्हें धमकाया और उनसे "राहुल गांधी से नहीं मिलना है, ये वीडियो पर कहिए" कहने को मजबूर किया।

प्रशासन का पक्ष: सुरक्षा और सहायता

इस बीच, फतेहपुर के एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि राहुल गांधी को जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, इसलिए पर्याप्त सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने मृतक के परिवार को हरसंभव मदद दी है: मुख्यमंत्री राहत कोष से हरिओम की पत्नी और पिता को आर्थिक सहायता दी गई है, और मृतक के भाई और बहन को सरकारी नौकरी भी दी गई है। फतेहपुर जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि मृतक की बहन कुसुम देवी को आउटसोर्स स्टाफ नर्स के रूप में नियुक्त किया गया है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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